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झांसी में एक हफ्ते में खुलेगा साइबर थाना
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cyber thana open soon in jhansi
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झांसी। झांसी में एक हफ्ते के अंदर क्राइम ब्रांच की नई इमारत में साइबर थाना खुलने जा रहा है। इसके लिए पुलिस विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पांच पुलिस कर्मचारियों को लखनऊ में विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। ये पुलिस कर्मचारी साइबर थाने की कमान संभालेंगे।
जिले में साइबर क्राइम तेजी से बढ़ा है, लेकिन साइबर सेल आज भी अपराधियों से पीछे है। मात्र दो कंप्यूटर व चार पुलिसकर्मियों के सहारे सेल साइबर अपराधियों को पकड़ने में हांफ रहा है। लगातार हो रहे साइबर अपराध की गुत्थी सुलझाने में पुलिस की कमजोरी के पीछे मजबूत टीम न होना प्रमुख कारण माना जा रहा है। थानों पर साइबर एक्सपर्ट नहीं है। ऐसे में अधिकतर मामले थाने से साइबर सेल में ट्रांसफर कर दिए जाते हैं। मात्र दो कंप्यूटर व चार पुलिसकर्मियों के सहारे जांच की जद्दोजहद चल रही है। ऐसे में साइबर सेल की जांच में काफी समय लग रहा है। वर्तमान में करीब 250 से अधिक मामले अब भी लंबित हैं। जिले में नए एसएसपी दिनेश कुमार पी ने चार्ज संभालते ही साइबर थाना खोले जाने आदेश दिया है। इस सप्ताह क्राइम ब्रांच की नई इमारत में साइबर थाना खोलने की कवायद शुरू कर दी गई है। बताया गया है कि पिछले माह सभी की ट्रेनिंग भी पूरी हो चुकी है।
ऐसे लोग हो रहे शिकार
- एटीएम का पासवर्ड पूछकर बैंक अकाउंट से रुपये निकाल लेना।
- फर्जी ईमेल आईडी बनाकर किसी के नाम का भी दुरुपयोग करना।
- फेसबुक अकाउंट पर छेड़छाड़, अश्लील फोटो व वीडियो अपलोड करना।
- ऑनलाइन शॉपिंग के जरिये ठगी करके ग्राहकों को चूना लगाना।
- सोशल मीडिया में तस्वीर वायरल कर ब्लैकमेल करना व धमकी देना।
साइबर थाना खोले जाने की तैयारी शुरू हो गई है। इस सप्ताह के भीतर थाना खोल दिया जाएगा। थाना खुलने से फायदा भी होगा। वह स्वयं मामलों की समीक्षा भी कर रहे हैं। विशेषज्ञों को तैनाती दी जा रही है।
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दिनेश कुमार पी, एसएसपी
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जिले में साइबर क्राइम तेजी से बढ़ा है, लेकिन साइबर सेल आज भी अपराधियों से पीछे है। मात्र दो कंप्यूटर व चार पुलिसकर्मियों के सहारे सेल साइबर अपराधियों को पकड़ने में हांफ रहा है। लगातार हो रहे साइबर अपराध की गुत्थी सुलझाने में पुलिस की कमजोरी के पीछे मजबूत टीम न होना प्रमुख कारण माना जा रहा है। थानों पर साइबर एक्सपर्ट नहीं है। ऐसे में अधिकतर मामले थाने से साइबर सेल में ट्रांसफर कर दिए जाते हैं। मात्र दो कंप्यूटर व चार पुलिसकर्मियों के सहारे जांच की जद्दोजहद चल रही है। ऐसे में साइबर सेल की जांच में काफी समय लग रहा है। वर्तमान में करीब 250 से अधिक मामले अब भी लंबित हैं। जिले में नए एसएसपी दिनेश कुमार पी ने चार्ज संभालते ही साइबर थाना खोले जाने आदेश दिया है। इस सप्ताह क्राइम ब्रांच की नई इमारत में साइबर थाना खोलने की कवायद शुरू कर दी गई है। बताया गया है कि पिछले माह सभी की ट्रेनिंग भी पूरी हो चुकी है।
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ऐसे लोग हो रहे शिकार
- एटीएम का पासवर्ड पूछकर बैंक अकाउंट से रुपये निकाल लेना।
- फर्जी ईमेल आईडी बनाकर किसी के नाम का भी दुरुपयोग करना।
- फेसबुक अकाउंट पर छेड़छाड़, अश्लील फोटो व वीडियो अपलोड करना।
- ऑनलाइन शॉपिंग के जरिये ठगी करके ग्राहकों को चूना लगाना।
- सोशल मीडिया में तस्वीर वायरल कर ब्लैकमेल करना व धमकी देना।
साइबर थाना खोले जाने की तैयारी शुरू हो गई है। इस सप्ताह के भीतर थाना खोल दिया जाएगा। थाना खुलने से फायदा भी होगा। वह स्वयं मामलों की समीक्षा भी कर रहे हैं। विशेषज्ञों को तैनाती दी जा रही है।
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दिनेश कुमार पी, एसएसपी