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काटा पहाड़ा, बना मैदान

Tue, 08 Nov 2016 01:02 AM IST
Jhansi
Jhansi Updated Tue, 08 Nov 2016 01:02 AM IST
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Cut tables, made plain
काटा पहाड़ा, बना मैदान - फोटो : Amar Ujala
झांसी। बुंदेलखंड का खनिज संपदा का अकूत भंडार माफियाओं के लिए नोटों के ढेर में तब्दील हो गया है। पाबंदी के बावजूद यहां अवैध खनन धड़ल्ले से किया जा रहा है। इसका अंदाजा यहां की पहाड़ियों को देखकर लगाया जा सकता है, जो लगातार सपाट मैदानों में तब्दील होती जा रही हैं। इसके रोकथाम के उपाय सरकारी कागजों में सिमट कर रह गए हैं। धरातल पर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
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बुंदेलखंड की नैसर्गिक सुंदरता यहां की पहाड़ियों में बसती है। महानगर की सीमा के इर्दगिर्द लाल मिट्टी (मोरम) के कई पहाड़ हैं। बारिश के सीजन में इन पहाड़ियों पर हरियाली छा जाती है और गर्मी शुरू होने तक पहाड़ियों पर हरियाली का डेरा रहता है। यह नजारा बेहद मनोरम होता है। लेकिन, अब इन पहाड़ियों पर खनिज माफियाओं की गिद्ध दृष्टि है। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के पहाड़ तो दूर की बात है, महानगर की सीमा में भी मोरम के पहाड़ सुरक्षित नहीं हैं।
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इसकी तस्दीक करने के लिए ज्यादा दूर जाने की जरूरत नहीं है। ग्वालियर रोड रेलवे क्रासिंग से सटी पहाड़ी को रातों रात खोदकर सपाट मैदान में तब्दील कर दिया गया है। इससे हजारों ट्रक मिट्टी निकाली जा चुकी है। कानपुर रोड पर दिगारा की पहाड़ियों की भी यही दुर्गति है। दूर से देखने पर यह ऊपर से बुलंदी से खड़ी नजर आती हैं, लेकिन माफियाओं ने इन पहाड़ियों की तलहटी खोखली कर दी हैं। विश्वविद्यालय से सटे पहाड़ कैमासन की टोरिया भी खनन माफियाओं के निशाने पर है। यह तो केवल नजीर भर है, ऐसे दर्जनों पहाड़ हैं, जिन्हें रोजाना नोचा जा रहा है।
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मोटा है मुनाफा
झांसी। लाल मिट्टी के काम में खनन माफियाओं को मोटा मुनाफा हो रहा है। एक डंपर में मिट्टी एल एंड टी मशीन से महज छह सौ रुपये के खर्च करने पर भर जाती है। इसके अलावा मिट्टी को गंतव्य स्थान तक ले जाने में डीजल का खर्च आता है। यह मिट्टी झांसी में छह से सात हजार रुपये में बिकती है। जबकि, कानपुर में मिट्टी का यही डंपर बीस हजार रुपये तक में बिकता है। नई सड़कों का निर्माण हो या किसी भी मैदान का समतलीकरण सभी जगह मिट्टी का उपयोग होता है। झांसी में अभी कानपुर रेल लाइन के दोहरीकरण में हजारों डंपर मिट्टी का उपयोग किया गया, जिसमें माफियाओं ने खूब चांदी काटी।


खनन का नहीं है एक भी पट्टा
झांसी। जिले में मिट्टी के खनन का एक भी पट्टा खनिज विभाग ने जारी नहीं कर रखा है। बावजूद, खनन कार्य धड़ल्ले से हो रहा है। जिला खनिज अधिकारी आर बी सिंह ने बताया कि खनन कार्य पर रोक लगी हुई है। विभाग ने किसी को भी पट्टा जारी नहीं कर रखा है। जहां भी मिट्टी की खुदाई की जा रही है, वह अवैध ढंग से हो रही है। इस पर अंकुश को शासन का रुख सख्त है। विभाग भी लगातार अवैध खनन कारोबारियों के खिलाफ समय - समय पर अभियान चलाता रहता है। पकड़े जाने पर कार्रवाई की जाती है।
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