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Jhansi News: साल भर से बंद पड़े बोर्ड पर अंकित अफसरों के सीयूजी नंबर
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। संभागीय परिवहन कार्यालय के अधिकारियों के सीयूजी नंबर बोर्ड पर अंकित तो हैं लेकिन किसी भी अधिकारी का फोन नहीं लगता है। इससे फरियादियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि यह स्थिति पिछले एक साल से बनी हुई है। कई बार शिकायतों के बाद भी विभागीय अफसर सीयूजी नंबर चालू करने को तैयार नहीं हैं।
जनता की समस्या के समाधान के लिए प्रदेश सरकार ने सरकारी संस्थानों के अधिकारियों और कर्मचारियों को सीयूजी नंबर आवंटित किए हैं। इन नंबरों का बिल भी सरकार की ओर से जमा किया जाता है। आम लोगों की समस्या के निदान के लिए सरकार ने हर समय मोबाइल चालू रखने के साथ ही कॉल रिसीव करने के आदेश दिए हैं लेकिन सरकारी आदशों का परिवहन विभाग के अफसरों पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। आरटीओ कार्यालय के बोर्ड पर सभी अधिकारियों के नंबर तो अंकित हैं लेकिन पिछले एक साल से अधिक समय से बंद पड़ हुए हैं। इसका खामियाजा फरियादियों को भुगतना पड़ रहा है।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) डॉ. सुजीत कुमार सिंह ने बताया कि सीयूजी नंबरों की नई सीरीज जारी की गई है। जल्द ही बोर्ड पर नंबरों को अंकित किया जाएगा।
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नियमित निगरानी न होने से हो रही मनमानी
झांसी। संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों की नियमित निगरानी न होने के कारण अफसर मनमानी पर उतारू हैं। कार्यालय शुरू होते ही सभी अफसर एक की कमरे में बैठ जाते हैं। इस दौरान फरियादी अधिकारियों के कमरे के बाहर खड़े होकर घंटों इंतजार करते रहते हैं। सोमवार को भी परिवहन विभाग के अफसर एक कमरे में बैठकर बातचीत करते रहे। इसके चलते कार्यालय में फरियादियों की काफी भीड़ रही। आरटीओ प्रशासन रविंद त्रिवेदी ने बताया कि विभागीय चर्चा के चलते आरटीओ प्रवर्तन के कमरे में बैठकर बातचीत की जा रही थी।
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झांसी। संभागीय परिवहन कार्यालय के अधिकारियों के सीयूजी नंबर बोर्ड पर अंकित तो हैं लेकिन किसी भी अधिकारी का फोन नहीं लगता है। इससे फरियादियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि यह स्थिति पिछले एक साल से बनी हुई है। कई बार शिकायतों के बाद भी विभागीय अफसर सीयूजी नंबर चालू करने को तैयार नहीं हैं।
जनता की समस्या के समाधान के लिए प्रदेश सरकार ने सरकारी संस्थानों के अधिकारियों और कर्मचारियों को सीयूजी नंबर आवंटित किए हैं। इन नंबरों का बिल भी सरकार की ओर से जमा किया जाता है। आम लोगों की समस्या के निदान के लिए सरकार ने हर समय मोबाइल चालू रखने के साथ ही कॉल रिसीव करने के आदेश दिए हैं लेकिन सरकारी आदशों का परिवहन विभाग के अफसरों पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। आरटीओ कार्यालय के बोर्ड पर सभी अधिकारियों के नंबर तो अंकित हैं लेकिन पिछले एक साल से अधिक समय से बंद पड़ हुए हैं। इसका खामियाजा फरियादियों को भुगतना पड़ रहा है।
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सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) डॉ. सुजीत कुमार सिंह ने बताया कि सीयूजी नंबरों की नई सीरीज जारी की गई है। जल्द ही बोर्ड पर नंबरों को अंकित किया जाएगा।
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नियमित निगरानी न होने से हो रही मनमानी
झांसी। संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों की नियमित निगरानी न होने के कारण अफसर मनमानी पर उतारू हैं। कार्यालय शुरू होते ही सभी अफसर एक की कमरे में बैठ जाते हैं। इस दौरान फरियादी अधिकारियों के कमरे के बाहर खड़े होकर घंटों इंतजार करते रहते हैं। सोमवार को भी परिवहन विभाग के अफसर एक कमरे में बैठकर बातचीत करते रहे। इसके चलते कार्यालय में फरियादियों की काफी भीड़ रही। आरटीओ प्रशासन रविंद त्रिवेदी ने बताया कि विभागीय चर्चा के चलते आरटीओ प्रवर्तन के कमरे में बैठकर बातचीत की जा रही थी।