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Jhansi News: संकट होगा दूर, इसी माह से दवाएं मिलेंगी भरपूर
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झांसी। बुंदेलखंड राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में दवाओं का संकट इसी महीने से दूर होने की उम्मीद है। शासन से बजट मिलने के बाद कॉलेज प्रशासन ने टेंडर भी करा लिया है। इसके अलावा राज्य फार्मेसी से भी कुछ दवाएं मांगी हैं।
आयुर्वेदिक कॉलेज में शरीर क्रिया, काय चिकित्सा, पंचकर्मा, शल्य, स्वस्थवृत, शालाक्य, स्त्री एवं प्रसूति, बाल रोग आदि विभागों में मरीज दिखाने के लिए आते हैं। रोजाना ओपीडी में करीब 250 पर्चे बनते हैं। जबकि, 42-45 मरीज हर समय वार्ड में भर्ती रहते हैं। कॉलेज में एक रुपये का पर्चा बनवाकर मरीज चिकित्सीय परामर्श तो ले लेते हैं मगर पिछले दो महीने से अधिकतर दवाएं खत्म हो जाने से मरीजों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है।
कॉलेज प्रशासन की ओर से शासन से बजट की मांग की गई थी। 18 लाख रुपये बजट मिलने के बाद दवाओं का टेंडर करा लिया गया। न्यूनतम फर्म को टेंडर देने के लिए वित्त नियंत्रक से मंजूरी मांगी गई है। वहां से हरी झंडी मिलते ही दवाएं आ जाएंगी। इसके अलावा राज्य फार्मेसी से भी दवाओं की मांग की है। संभावना है कि दिसंबर में ही ये दवाएं मिल जाएंगी।
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दवाओं का टेंडर हो गया है। इसके अलावा राज्य फार्मेसी से भी दवाओं की मांग की गई है। दिसंबर में ही कॉलेज में पर्याप्त मात्रा में दवाएं आने की संभावना है। - डॉ. रवि प्रकाश, प्राचार्य, आयुर्वेदिक कॉलेज झांसी।
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आयुर्वेदिक कॉलेज में शरीर क्रिया, काय चिकित्सा, पंचकर्मा, शल्य, स्वस्थवृत, शालाक्य, स्त्री एवं प्रसूति, बाल रोग आदि विभागों में मरीज दिखाने के लिए आते हैं। रोजाना ओपीडी में करीब 250 पर्चे बनते हैं। जबकि, 42-45 मरीज हर समय वार्ड में भर्ती रहते हैं। कॉलेज में एक रुपये का पर्चा बनवाकर मरीज चिकित्सीय परामर्श तो ले लेते हैं मगर पिछले दो महीने से अधिकतर दवाएं खत्म हो जाने से मरीजों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है।
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कॉलेज प्रशासन की ओर से शासन से बजट की मांग की गई थी। 18 लाख रुपये बजट मिलने के बाद दवाओं का टेंडर करा लिया गया। न्यूनतम फर्म को टेंडर देने के लिए वित्त नियंत्रक से मंजूरी मांगी गई है। वहां से हरी झंडी मिलते ही दवाएं आ जाएंगी। इसके अलावा राज्य फार्मेसी से भी दवाओं की मांग की है। संभावना है कि दिसंबर में ही ये दवाएं मिल जाएंगी।
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दवाओं का टेंडर हो गया है। इसके अलावा राज्य फार्मेसी से भी दवाओं की मांग की गई है। दिसंबर में ही कॉलेज में पर्याप्त मात्रा में दवाएं आने की संभावना है। - डॉ. रवि प्रकाश, प्राचार्य, आयुर्वेदिक कॉलेज झांसी।