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गवाहों को जल्द मिलेगा सुरक्षा कार्ड
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 25 Dec 2016 01:05 AM IST
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police, jhansi news
- फोटो : demo
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पुलिस महानिदेशक अभियोजन डॉ. सूर्य कुमार शुक्ला ने बताया कि अपराधियों को सजा कराओ अभियान के तहत झांसी में 420 अपराधियों को सजा कराई जा चुकी है। गवाहों को जल्द सुरक्षा कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। इससे आरोपी के धमकी देने पर वह किसी भी थाने पर जाकर सुरक्षा ले सकें गे। वह शनिवार को सर्किट हाउस में पुलिस अधिकारियों, सरकारी वकीलों, पैरोकारों के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि एक जुलाई 2015 से 17 दिसंबर 2016 तक चले अभियान के दौरान झांसी में 10 साल से कम 264 अपराधियों और 10 साल से अधिक की 156 अपराधियों को सजा कराई गई। 1015 अपराधियों की जमानत निरस्त कराई गई। प्रदेश के अंदर 10 साल की सजा 41611 और 10 साल से ज्यादा की सजा 8610 अपराधियों को करवाई गई है। उन्होंने बताया कि गवाहों को धमकी देने के अक्सर मामले आते हैं, जिसके चलते फैसला लिया गया है कि गवाहों को सुरक्षा कार्ड मुहैया कराया जाएगा।
ताकि यदि कभी आरोपी उसे धमकी देता है, तो वह पूरे प्रदेश के अंदर किसी भी थाने पर जाकर सुरक्षा ले सकता है। गवाहों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की है। उन्होंने बताया कि अब घर में घुसकर की गई मारपीट के मामले में भी पीड़ित को मुआवजा मिलेगा। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार चौरसिया, एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह, एसपी देहात सुधा सिंह, जिला शासकीय अधिवक्ता मनीष यादव, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता महेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।
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उन्होंने बताया कि एक जुलाई 2015 से 17 दिसंबर 2016 तक चले अभियान के दौरान झांसी में 10 साल से कम 264 अपराधियों और 10 साल से अधिक की 156 अपराधियों को सजा कराई गई। 1015 अपराधियों की जमानत निरस्त कराई गई। प्रदेश के अंदर 10 साल की सजा 41611 और 10 साल से ज्यादा की सजा 8610 अपराधियों को करवाई गई है। उन्होंने बताया कि गवाहों को धमकी देने के अक्सर मामले आते हैं, जिसके चलते फैसला लिया गया है कि गवाहों को सुरक्षा कार्ड मुहैया कराया जाएगा।
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ताकि यदि कभी आरोपी उसे धमकी देता है, तो वह पूरे प्रदेश के अंदर किसी भी थाने पर जाकर सुरक्षा ले सकता है। गवाहों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की है। उन्होंने बताया कि अब घर में घुसकर की गई मारपीट के मामले में भी पीड़ित को मुआवजा मिलेगा। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार चौरसिया, एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह, एसपी देहात सुधा सिंह, जिला शासकीय अधिवक्ता मनीष यादव, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता महेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।
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