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सावधान! फोन पर मत दे गोपनीय सूचनाएं
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jun 2016 01:17 AM IST
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झांसी। सावधान! यदि आपके फोन पर कोई बैंक अधिकारी बनकर आपका खाता नंबर, पैन नंबर, एटीएम पासवर्ड या अन्य किसी दस्तावेज से जुड़ी जानकारी मांगे तो उसे कुछ भी न बताएं। कोई भी बैंक फोन पर ऐसी सूचनाएं नहीं मांगता है। जा सी चूक आपको आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती है। ऐसा कोई फोन आए तो उसका सत्यापन जरूर करें।
देखने में आया है कि साइबर क्रिमिनल बैंक अधिकारी बनकर फोन करते हैं। वे कभी सस्ते लोन तो कभी किसी आकर्षक स्कीम का झांसा देकर एटीएम कार्ड पर अंकित 16 अंकों के नंबर को पूछ लेते हैं। जब तक फोन करने वाला कुछ समझ पाता है, तब तब खाते से रुपये निकल जाते हैं। इंटरनेट पर बैठा साइबर अपराधी फोन करके कहता है कि एटीएम कार्ड बंद होने जा रहा है। जिसे बैंक को रिन्यू करना है। झांसे में लेकर वह एटीएम कार्ड पर अंकित नंबर पूछता है। नंबर बता चलते ही शातिर इंटरनेट के माध्यम से ई-बैंकिंग के गेटवे में पहुंचकर एटीएम नंबर डाल देता है। जिस पर बैंक का कंप्यूटर यूनिक कोड जनरेट करता है, जिसे ओटीपी कहते हैं। ओटीपी खाताधारक के मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से पहुंचता है। जालसाज ओटीपी नंबर पूछकर खाते से रुपये पार कर देते हैं।
ठगे जाएं तो बैंक को तत्काल सूचित करें
यदि आप किसी साइबर अपराधी के शिकार हो गए हैं, तो तत्काल बैंक के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें। एसबीआई- 18002453800, पीएनबी- 18001802222, बैंक आफ इंडिया- 1800220400, एक्सिस बैंक- 18002095577, बैंक आफ बड़ौदा- 1800220400, आईडीबीआई- 18002001947, एचडीएफसी- 1800221006, आईसीआईसीआई- 1800333499, सेंट्रल बैंक- 1800221622, यूनियन बैंक आफ इंडिया- 1800222244, इलाहाबाद बैंक- 1800220363, केनरा बैंक- 18004250018, कोटेक महेंद्र बैंक- 18602662666
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यह भी जान लें
- कोई भी बैंक अपने ग्राहकों से एटीएम से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी फोन से आदान-प्रदान नहीं करता है।
- बैंक क्रेडिट कार्ड में कोई भी कंपनी किसी भी तरह के डिस्काउंट की सूचना फोन से नहीं देती हैं और न कार्ड की जानकारी मांगती है।
- किसी को वोटर कार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस आदि नहीं दें। जालसाज फर्जी सिम लेकर या बैंक खाता खोलकर मुसीबत में डाल सकता है।
- एटीएम बूथ पर रुपये निकालते समय किसी अन्य व्यक्ति को अपना एटीएम कार्ड न दें। रुपये निकालते समय किसी व्यक्ति को आने नहीं दें।
चूक से ये बने शिकार
बीएसएनएल एक्सचेंज नवाबाद निवासी ने सौरभ के मोबाइल पर 14 जून को कॉल आई। फोन करने वाले ने कहा कि उनका एटीएम बंद किया जा रहा है। वह कार्ड पर अंकित 16 अंकों को बता दें ताकि नया एटीएम कार्ड बनाया जा सके। नंबर बताने के बाद मोबाइल पर ओटीपी नंबर आया, तो सौरभ ने वह भी बता दिया। सेकेंडों में उनके खाते से 24,805 रुपये निकल गए।
साइबर क्राइम के बढ़ते आंकड़ों को कम करने का सबसे सहज उपाय लोगों को जागरूक करना है। इससे लोग शिकार होने से बचेंगे। पुलिस लगातार प्रयास कर रही है।
मनोज तिवारी एसएसपी झांसी
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देखने में आया है कि साइबर क्रिमिनल बैंक अधिकारी बनकर फोन करते हैं। वे कभी सस्ते लोन तो कभी किसी आकर्षक स्कीम का झांसा देकर एटीएम कार्ड पर अंकित 16 अंकों के नंबर को पूछ लेते हैं। जब तक फोन करने वाला कुछ समझ पाता है, तब तब खाते से रुपये निकल जाते हैं। इंटरनेट पर बैठा साइबर अपराधी फोन करके कहता है कि एटीएम कार्ड बंद होने जा रहा है। जिसे बैंक को रिन्यू करना है। झांसे में लेकर वह एटीएम कार्ड पर अंकित नंबर पूछता है। नंबर बता चलते ही शातिर इंटरनेट के माध्यम से ई-बैंकिंग के गेटवे में पहुंचकर एटीएम नंबर डाल देता है। जिस पर बैंक का कंप्यूटर यूनिक कोड जनरेट करता है, जिसे ओटीपी कहते हैं। ओटीपी खाताधारक के मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से पहुंचता है। जालसाज ओटीपी नंबर पूछकर खाते से रुपये पार कर देते हैं।
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ठगे जाएं तो बैंक को तत्काल सूचित करें
यदि आप किसी साइबर अपराधी के शिकार हो गए हैं, तो तत्काल बैंक के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें। एसबीआई- 18002453800, पीएनबी- 18001802222, बैंक आफ इंडिया- 1800220400, एक्सिस बैंक- 18002095577, बैंक आफ बड़ौदा- 1800220400, आईडीबीआई- 18002001947, एचडीएफसी- 1800221006, आईसीआईसीआई- 1800333499, सेंट्रल बैंक- 1800221622, यूनियन बैंक आफ इंडिया- 1800222244, इलाहाबाद बैंक- 1800220363, केनरा बैंक- 18004250018, कोटेक महेंद्र बैंक- 18602662666
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यह भी जान लें
- कोई भी बैंक अपने ग्राहकों से एटीएम से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी फोन से आदान-प्रदान नहीं करता है।
- बैंक क्रेडिट कार्ड में कोई भी कंपनी किसी भी तरह के डिस्काउंट की सूचना फोन से नहीं देती हैं और न कार्ड की जानकारी मांगती है।
- किसी को वोटर कार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस आदि नहीं दें। जालसाज फर्जी सिम लेकर या बैंक खाता खोलकर मुसीबत में डाल सकता है।
- एटीएम बूथ पर रुपये निकालते समय किसी अन्य व्यक्ति को अपना एटीएम कार्ड न दें। रुपये निकालते समय किसी व्यक्ति को आने नहीं दें।
चूक से ये बने शिकार
बीएसएनएल एक्सचेंज नवाबाद निवासी ने सौरभ के मोबाइल पर 14 जून को कॉल आई। फोन करने वाले ने कहा कि उनका एटीएम बंद किया जा रहा है। वह कार्ड पर अंकित 16 अंकों को बता दें ताकि नया एटीएम कार्ड बनाया जा सके। नंबर बताने के बाद मोबाइल पर ओटीपी नंबर आया, तो सौरभ ने वह भी बता दिया। सेकेंडों में उनके खाते से 24,805 रुपये निकल गए।
साइबर क्राइम के बढ़ते आंकड़ों को कम करने का सबसे सहज उपाय लोगों को जागरूक करना है। इससे लोग शिकार होने से बचेंगे। पुलिस लगातार प्रयास कर रही है।
मनोज तिवारी एसएसपी झांसी