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दहशत में बालकनी से कूदा था शिक्षक

Sat, 07 Jan 2017 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 07 Jan 2017 12:34 AM IST
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Teacher jumped from balconies in panic
murder case, jhansi news - फोटो : demo
नवाबाद पुलिस ने दावा किया है कि शिवाजी नगर में 31 दिसंबर की रात शिक्षक अंकुर शर्मा दहशत में आकर तीन मंजिल से कूद गए थे, जिससे उनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने शिक्षक पर शराब के नशे में हमला करने वाले चार छात्रों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही चारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। 
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ककरबई के सेगुवां गांव निवासी अंकुर शर्मा उल्दन के इमलिया स्थित स्कूल में शिक्षक थे। वह दिनेश रावत के हॉस्टल की तीसरी मंजिल पर रहते थे। 31 दिसंबर की रात को नए साल की पार्टी के दौरान हुए विवाद में अंकुर पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। इसके बाद बालकनी से गिरने से उसकी मौत हो गई थी। शुक्रवार को इस मामले में नवाबाद पुलिस ने शिवाजी नगर में ही रहने वाले छात्र पुरानी मऊ मऊरानीपुर निवासी सूर्य प्रकाश तिवारी, मोंठ क्षेत्र के ग्राम बुढ़ावली निवासी शिवम यादव, पूंछ निवासी युवराज यादव व शिवाजी नगर निवासी रामराजा यादव को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ अंकुर की गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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 नवाबाद थाना प्रभारी बीएल यादव ने बताया कि नए साल की पार्टी के दौरान अंकुर का उक्त चारों से विवाद हो गया था। शराब के नशे में उक्त चारों ने अंकुर पर हमला कर दिया। इसके बाद वह चीखपुकार कर किसी तरह अपने कमरे में पहुंचे। पीछे से उक्त चारों के पहुंचने से वह दहशत में आ गए और बालकनी से कूद गए, जिससे उसकी मौत हो गई।
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सवाल तो भी अभी हैं
अंकुर शर्मा हत्याकांड में नवाबाद थाना पुलिस की जल्दबाजी कई सवाल खड़े कर रही है। वैसे तो हर बड़े खुलासे में पुलिस आरोपियों को जेल भेजने से पहले प्रेस कांफ्रेंस करती है। मगर, इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को पहले जेल भेज दिया, इसके बाद उनकी गिरफ्तारी सार्वजनिक की। 


मालूम हो कि घटनास्थल के हालातों से साफ था कि अंकुर की बेरहमी से पिटाई की गई जिसकी पुष्टि पार्टी वाले कमरे के फर्श और दीवारों पर लगा खून गवाही दे रहा था। सवाल है कि क्या इतनी पिटाई के बाद अंकुर उठने की स्थिति में होगा? क्या पुलिस ने यह जानने की कोशिश की फेंके जाने और खुद कूदने पर गिरने वाले की क्या स्थिति होगी? चोट के निशान कैसे थे और कहां-कहां थे? क्या वैज्ञानिक तरीके से जांच की गई? फोरेंसिक एक्सपर्ट क्या करते हैं? इन सवालों के जवाब भी पुलिस को देने होंगे।
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