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श्श्श्श्... सो रहा सुरक्षातंत्र!

Mon, 23 Jul 2018 01:02 AM IST
amarujala
amarujala Updated Mon, 23 Jul 2018 01:02 AM IST
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so rha surcha tntr
police, jhansi news - फोटो : demo
दावे कुछ भी हों, रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के नाम पर सिर्फ और सिर्फ खानापूरी हो रही है। देश के महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों में एक झांसी स्टेशन से रोज गुजरने वाले हजारों यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था की अमर उजाला टीम ने सुरक्षा व्यवस्था परखी। हर मोर्चे पर व्यवस्था चरमराई मिली। संवाददाता सैय्यद तारिक अली रात आठ बजे से सवा नौ बजे तक रिवाल्वर हाथ में (असली दिखने वाला) लेकर खुलेआम स्टेशन में नियमों की धज्जियां उड़ाकर घूमते रहे। इस दौरान वे सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण हर स्थान पर गए। इस उम्मीद से कि कहीं तो सुरक्षाकर्मी उन्हें रोकेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस दौरान फोटो जर्नलिस्ट एम खान उनकी एक-एक हरकत को कैमरे में कैद करते रहे। सवाल उठता है कि संवाददाता की जगह कोई अपराधी या आतंकी होता तो....।
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लगेज स्कैनर खराब
दो दिन से लगेज स्कैनर खराब पड़ा हुआ है। जिससे बेरोक-टोक लोग सामान लेकर अंदर जा रहे हैं। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की कोई तलाश भी नहीं हो रही है। जीआरपी व आरपीएफ कर्मी बैठे हुए हैं। संवाददाता भी आराम से प्रवेश कर लेता है।
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नहीं बोला मेटल डिटेक्टर
लगेज स्कैनर मशीन के बराबर लगा मेटल डिटेक्टर से गुजरते वक्त मशीन से कोई आवाज नहीं आई। रिवाल्वर मेटल का होने के चलते ऐसा होना चाहिए था। बराबर पुलिस कर्मी बैठे रहे।
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हर मार्ग से गुजरा
स्टेशन परिसर के अंदर, प्रवेश द्वार के अलावा संवाददाता रिवाल्वर लेकर आरपीएफ थाने के सामने, जीआरपी थाने के पास बगल वाले पुल से और आऊटरों से भी गुजरा। कहीं किसी ने आपत्ति दर्ज नहीं की।

पुलिस वालों से बात भी की
जब किसी स्तर पर नहीं रोका गया तब हड़ कर संवाददाता ने पुलिस वालों से बात की कि शायद ऐसा करने पर कोई उनसे रिवाल्वर का लाइसेंस मांगे लेकिन इस पर भी पुलिस वालों ने कोई पूछताछ नहीं की।
 
तस्करी भी हो सकती
जिस रेलवे स्टेशन पर स्कैनर मशीन खराब हो, कोई रोक-टोक न होती हो और जहां से चारों दिशाओं में महत्वपूर्ण शहरों को ट्रेनों की आवाजाही हो,  इन हालात में सोना-चांदी से लेकर हथियारों व अन्य चीजों की तस्करी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।


एक सौ बीस यात्री ट्रेनों का आवागमन
झांसी स्टेशन से प्रतिदिन 110 से 120 ट्रेनों का आवागमन होने के साथ ही करीब सत्तर से अस्सी हजार यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है। स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए जीआरपी व आरपीएफ तैनात रहती है। इसके बाद भी यहां हर समय सुरक्षा व्यवस्था का अभाव रहता है। प्लेटफॉर्म नंबर एक पर ही सुरक्षाकर्मी नजर आते हैं। अन्य प्लेटफार्मों की सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे है।

लिखा है पत्र
स्टेशन पर मशीन खराब है, जिसकी सूचना संबंधित अधिकारियाें को दे दी गई है। मशीन सुधारने की जिम्मेदारी हमारी नहीं है।
अशोक कुमार यादव
प्रभारी निरीक्षक, रेलवे सुरक्षा बल

हमारी सुरक्षा व्यवस्था चौकस
मशीन की जिम्मेदारी आरपीएफ की है। प्लेटफार्म से लेकर स्टेशन व ट्रेनों में जीआरपी की सुरक्षा व्यवस्था चौकस है।
अजीत कुमार
प्रभारी निरीक्षक, जीआरपी
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