फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   robbery in civil line

बदमाशों की बातों ने पुलिस को दिखाई राह

Tue, 26 Jul 2016 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 26 Jul 2016 01:01 AM IST
विज्ञापन
robbery in civil line
robbery, jhansi hindi news - फोटो : demo
झांसी। सिविल लाइन निवासी दवा कारोबारी अनिल दरगड़ के घर पर हुई डकैती की वारदात में रैकी और किसी परिचित के शामिल होने की संभावना पुलिस जता रही है। वारदात का समय और बदमाशों की आपस में हुई बातें इस ओर इशारा कर रही हैं। पुलिस ने दुकान पर काम करने वाले कर्मचारियों से भी पूछताछ की है।
विज्ञापन


अनिल ने बताया कि रविवार को थोक का पेमेंट आया था। उनका परिवार रात एक व सवा बजे के करीब सोता है। उन्होंने पुत्र वधू को संतान होने की खुशी में लड्डू बांटे थे।  दुकान पर काम करने वाले कर्मियों को इनाम (नकदी) भी बांटी थी। यह जानकारी अच्छी तरह से बदमाशों को थी। बदमाशों के पूछने पर जब उसने कहा कि घर पर नौ दस हजार रुपये ही हैं तो उन्होंने कहा कि आज लाखों रुपये आए हैं। दुकान पर काम करने वाले लड़कों को इनाम भी बांटा है। बदमाशों की बात सुनकर वह अनुत्तरित रह गए। इसके बाद पुत्र को पीटते हुए बदमाशों ने कहा, आज लाखों रुपये आए हैं वह कहां रख दिए हैं बता दे नहीं तो गोली मार देंगे। वह मारपीट करते हुए पुत्र को विनय दरगड़ के कमरे में ले जा रहे थे।
विज्ञापन


तभी गेट पर खड़ा एक बदमाश अंदर आया और बोला जल्द करो साढ़े चार बजे गाड़ी आ जाएगी।
अनिल ने बताया कि चार-पांच बदमाशों की भाषा लोकल नहीं थी। वह सही ढंग से हिंदी नहीं बोल पा रहे थे। दो बदमाश ही सही हिंदी बोल रहे थे। बदमाशों की उक्त बातों से पुलिस को इतना स्पष्ट हो गया है कि डकैती की वारदात में पीड़ित परिवार का कोई नजदीकी शामिल है। जांच पड़ताल में जुटी पुलिस के शक की सुई भी पीड़ित परिवार के करीबियों की तरफ घूम रही है। पुलिस ने दुकान के कर्मचारियों से घंटों पूछताछ की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


फोन की घंटी बजते ही लूटा माल समेटा
अनिल ने बताया कि किसी तरह हाथ खोलकर उन्होंने बाथरूम में जाकर 100 नंबर डायल किया, मगर फोन नहीं लगा। इसके बाद घर के सामने रहने वाले परेश चिचौदिया को फोन कर मदद मांगी। वह चुपचाप कमरे में आ रहे थे, तभी परेश ने पलटकर फोन कर दिया, जिससे बदमाश सजग हो गए। उन्होंने कहा कि फोन से किसी को सूचना कर दी गई है, जल्द से सामान समेटो और भागो। वारदात के दौरान गेट से अंदर आए बदमाश ने कहा कि जल्द काम पूरा करो ठीक साढ़े चार बजे गाड़ी आ जाएगी। यहां से वहां तक पैदल जाना भी है। मगर जब परेश के फोन करने पर अनिल के मोबाइल की घंटी बजी तो बदमाश सतर्क होकर लूटा गया माल समेटने लगे। चार बजने में करीब 10 मिनट कम थे, तभी परेश ने दरवाजा खटखटा दिया, जिस पर बदमाश नगदी व जेवर समेटकर भागे।

फिर समय पर नहीं लगा 100 नंबर
आपात समय में पुलिस की मदद का 100 नंबर रविवार की रात नहीं लगा। न सिर्फ मुसीबत में फंसे अनिल ने बल्कि परेश ने भी कई बार नंबर मिलाया मगर फोन नहीं लगा। घटनास्थल पर पहुंचे एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह को जब पीड़ितों ने बताया तो उन्हें यकीन नहीं हुआ। एसपी सिटी ने 100 नंबर मिलाया मगर फोन नहीं उठा तब उन्हें हकीकत के बारे में पता चला। एसपी सिटी ने तुरंत कंट्रोल रूम के अधिकारियों से संपर्क करके फोन नहीं उठने के बारे में जानकारी मांगी। तब पता चला कि 100 नंबर रात को खराब हो गया था, जिसकी वजह से नहीं फोन नहीं उठा।

घर के बाहर की स्ट्रीट लाइट का बल्ब तोड़ा
अनिल दरगड़ का मुख्य गेट व दीवार ऊंची है। उनके पड़ोस में प्लाट खाली से है। घर के पास दो स्ट्रीट लाइट लगी हैं। घर में घुसने से पहले बदमाशों ने दोनों स्ट्रीट लाइन का बल्ब फोड़कर अंधेरा कर दिया। इसके बाद वह पड़ोस में खाली पड़े प्लाट के पास बनी मुड़ेर के माध्यम से पेड़ तक पहुंचे और घर के अंदर कूद पड़े। वारदात के बाद बदमाश उसी रास्ते से होकर भागे।

तिजोरी की चाबी के लिए हर्षा को बेरहमी से पीटा
बदमाश विनय और हर्षा से तिजोरी की चाबी मांग रहे थे, मगर वह तिजोरी नहीं होने की बात कह रहे थे। तभी बदमाशों की नजर एक अलमारी की दीवार पर बनी तिजोरी नुमा आकृति पर पड़ी। बदमाशों को यकीन हो गया कि यही तिजोरी है। वह उसकी चाबी नहीं देने पर निर्दयी हो गए और हर्षा को पीटने लगे। जब चाबी नहीं मिली तो बदमाशों ने उसे तोड़ दिया मगर उसके अंदर कुछ नहीं मिला।

पुलिस की गश्त पर लगा सवालिया निशान
अति सुरक्षित मानी जाने वाली सिविल लाइन कालोनी निवासी अनिल दरगड़ के घर हुई वारदात ने पुलिस की गश्त पर सवालिया निशान लगा दिया है। बदमाश डेढ़ से पौने दो घंटे तक घर के अंदर बेखौफ होकर वारदात को अंजाम देते रहे मगर वहां से एक भी बार पुलिस की गाड़ी नहीं गुजरी। थाने से मिली जानकारी के अनुसार रात को चीता मोबाइल 11 को सिविल लाइन इलाके की गश्त पर लगाया था, जो एक भी बार कालोनी से होकर नहीं गुजरी। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि उनके क्षेत्र में पुलिस गश्त करने के लिए कभी नहीं आती है।


लक्ष्मीबाई पार्क तक ही पहुंचा खोजी कुत्ता
वारदात स्थल पर पहुंचा खोजी कुत्ता अनिल दरगड़ के घर से निकलकर भागते हुए लक्ष्मीबाई पार्क के पास पहुंचा और रुक गया। इससे पुलिस को स्पष्ट हुआ है कि बदमाश पीछे तहसील की तरफ जाने वाले मार्ग से होकर कालोनी में घुसे और उसी रास्ते से होकर भागे। लक्ष्मीबाई पार्क के पास खड़ी गाड़ी में बैठकर बदमाश भाग निकले।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed