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नेहा फंसाती थी जाल में शिकार
ब्यूरो
Updated Fri, 11 Dec 2015 01:17 AM IST
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झांसी। सर्राफा अपहरण कांड के मुख्य अभियुक्त व मास्टर माइंड महिला समेत छह और अपहरणकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने मिनरल वाटर प्लांट के स्वामी समेत कइयों के अपहरण की बात कबूली है। पुलिस तक सूचना नहीं पहुंचने की वजह मास्टर माइंड द्वारा अपहृत के साथ आपत्तिजनक फोटो खिंचवाना था, जिसकी वजह से फिरौती देकर रिहाई के बाद अपहृत और परिजन पुलिस से शिकायत नहीं करते थे।
पांच दिसंबर की रात कोतवाली के सर्राफा व्यवसायी कमलेश अग्रवाल का अपहरण हुआ। छह दिसंबर को 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। पुलिस ने बल्लमपुर रोड स्थित जर्जर मकान से कारोबारी को मुक्त कराया। मौके से बड़ागांव के गांव गंगोली के प्रधान लालाराम व उसकी पुत्रवधू रजनी को गिरफ्तार किया। जबकि, मौका पाकर मुख्य अभियुक्त कांशीराम व मास्टर माइंड महिला नेहा उर्फ पिंकी उर्फ रामदेवी भाग निकले।
एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि फरार अभियुक्तों की तलाश में जुटी पुलिस को बुधवार की शाम सूचना मिली कि सर्राफा के अपहरणकर्ता बिना नंबर की अल्टो कार से गांव गंगावली जाने वाले हैं। उनकी कार में शस्त्र भी रखे हैं। इस पर पुलिस टीमें छपरा रोड पर लगे क्रेशर के आगे छुप गईं।
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जब पुलिस ने कार को घेरने का प्रयास किया तो फायरिंग होने लगी। इसपर पुलिस ने जवाबी फायरिंग करते हुए कार को घेरकर लोगों को पकड़ लिया। कार में अपहरण का मुख्य अभियुक्त कांशीराम पुत्र लालाराम निवासी गांव गंगावली बड़ागांव समेत राजेंद्र उर्फ विक्की कुशवाहा पुत्र देशराज निवासी डगरई चिरुला दतिया, शैलेष कुमार पुत्र मोहन कुमार निवासी शिवाजी नगर नवाबाद, बल्देव कुशवाहा उर्फ बल्लू पुत्र मुरारी कुशवाहा निवासी गंगावली बड़ागांव व शहीद पुत्र नवाब खां निवासी गंगावली बड़ागांव मिले।
तलाशी में प्रत्येक के पास से एक-एक तमंचा व 13 जिंदा व दो चले कारतूस मिले। पूछताछ पर पुलिस ने अपहरण की मास्टर माइंड नेहा उर्फ पिंकी उर्फ रामदेवी निवासी जिरौन थाना जखलौन ललितपुर को मुख्य अभियुक्त के घर से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अपहरणकर्ताओं ने खुलासा किया कि नेहा अपने जाल में फंसे लोगों को बुलाती थी, जहां वह लोग पहले से मौजूद रहते थे। जैसे ही आने वाला व्यक्ति ठिकाने पर पहुंचता था, वह भी पहुंच जाते और फिर नेहा के साथ उसके आपत्तिजनक फोटो खींचते।
इसके बाद उसे कार में बैठाकर राजगढ़ में खरीदे गए मकान अथवा गांव गंगावली ले जाते। इसके बाद परिजनों से फिरौती की मांग की जाती। फिरौती मिलने के बाद अपहृत को मुक्त कर देते और धमकी दी जाती कि यदि मुंह खोला तो उसकी आपत्तिजनक फोटो सार्वजनिक कर देंगे।
जिसकी वजह से अपहृत व उसके परिजन पुलिस से शिकायत नहीं करते। उन्होंने बताया कि एक सितंबर को ग्वालियर रोड पर मिनरल वाटर प्लांट के संचालक ईश्वर राव पुत्र वीपी राव को भी नेहा ने अपनी बातों में फंसाकर मेडिकल कालेज बुलाया। रास्ते में एक नर्सिंगहोम के पास से उसका अपहरण कर लिया और ढाई लाख रुपये की फिरौती लेकर छोड़ा। फिरौती बाइक संख्या यूपी93एबी- 5629 से लेकर अभियुक्त गए थे। उन्होंने बबीना के एक व्यक्ति को भी फिरौती लेकर छोड़ने का खुलासा किया है।
मकान की लालसा ने नेहा को धकेला जरायम की दुनिया में
नेहा उर्फ पिंकी उर्फ रामदेवी ने जरायम की दुनिया में सिर्फ अपना घर होने की लालसा में कदम रखा। उसकी मुलाकात कांशीराम से करीब ढाई वर्ष पहले शिवाजी नगर में आधार कार्ड बनाने के केंद्र पर हुई। कांशीराम ने बताया कि नेहा के मोबाइल की बैटरी खत्म हो गई थी।
उसने बात करने के लिए उसका मोबाइल लिया। इसके बाद उनके बीच बातचीत हुई और एक-दूसरे का फोन नंबर ले लिया। कुछ दिन बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई। इस दरमियान नेहा ने बताया कि उसने जमीन खरीदने के लिए एक लाख रुपये दे दिए हैं, मगर रजिस्ट्री कराने के लिए रुपये नहीं।
तब उन्होंने जरायम से रुपये कमाने की प्लानिंग बनाई। तय किया गया कि नेहा लोगों को प्यार का झांसा देकर जाल में फंसाएगी। उन्हें अपने ठिकाने पर बुलाएगी इसके बाद वह उसकी फोटो खींचकर अगवा कर लेंगे। फिरौती लेने के बाद अपहृत का फोटो सार्वजनिक करने का भय दिखाकर मुंह बंद कर देंगे।
आधा दर्जन को बना चुके हैं शिकार
एसएसपी ने बताया कि नेहा और कांशीराम आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को अगवा करके फिरौती की रकम वसूल चुके हैं। सबसे प्रमुख बात यह है कि आपत्तिजनक फोटो खिंचने की वजह से कोई भी पुलिस से शिकायत करने के लिए नहीं गया। यही नहीं, वह अपने गिरोह के दो सदस्यों को हर वारदात में बदल देते थे और नये सदस्यों को रुपये और पूरा खर्च का लालच देकर फंसाते थे।
अपहृत के मुक्त होने के बाद भी धमकी
अपहृत सर्राफा के मुक्त होने के बाद भी मुख्य अभियुक्त कांशीराम ने उसके परिजनों को फोन किया। उसने फोन करते हुए धमकाया कि वह मामला रफा-दफा कर दें अन्यथा वह पूरे परिवार को जान से मार देगा।
गिरफ्तार अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास
राजेंद्र उर्फ विक्की कुशवाहा, कांशीराम, शैलेष, बल्देव कुशवाहा उर्फ बल्लू, शहीद व नेहा पर अपहरण व जान से मारने की नीयत से हमला करने का मामला दर्ज है। राजेंद्र के खिलाफ नवाबाद थाने में गैंगेस्टर एक्ट में कार्रवाई हो चुकी है।
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पांच दिसंबर की रात कोतवाली के सर्राफा व्यवसायी कमलेश अग्रवाल का अपहरण हुआ। छह दिसंबर को 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। पुलिस ने बल्लमपुर रोड स्थित जर्जर मकान से कारोबारी को मुक्त कराया। मौके से बड़ागांव के गांव गंगोली के प्रधान लालाराम व उसकी पुत्रवधू रजनी को गिरफ्तार किया। जबकि, मौका पाकर मुख्य अभियुक्त कांशीराम व मास्टर माइंड महिला नेहा उर्फ पिंकी उर्फ रामदेवी भाग निकले।
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एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि फरार अभियुक्तों की तलाश में जुटी पुलिस को बुधवार की शाम सूचना मिली कि सर्राफा के अपहरणकर्ता बिना नंबर की अल्टो कार से गांव गंगावली जाने वाले हैं। उनकी कार में शस्त्र भी रखे हैं। इस पर पुलिस टीमें छपरा रोड पर लगे क्रेशर के आगे छुप गईं।
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जब पुलिस ने कार को घेरने का प्रयास किया तो फायरिंग होने लगी। इसपर पुलिस ने जवाबी फायरिंग करते हुए कार को घेरकर लोगों को पकड़ लिया। कार में अपहरण का मुख्य अभियुक्त कांशीराम पुत्र लालाराम निवासी गांव गंगावली बड़ागांव समेत राजेंद्र उर्फ विक्की कुशवाहा पुत्र देशराज निवासी डगरई चिरुला दतिया, शैलेष कुमार पुत्र मोहन कुमार निवासी शिवाजी नगर नवाबाद, बल्देव कुशवाहा उर्फ बल्लू पुत्र मुरारी कुशवाहा निवासी गंगावली बड़ागांव व शहीद पुत्र नवाब खां निवासी गंगावली बड़ागांव मिले।
तलाशी में प्रत्येक के पास से एक-एक तमंचा व 13 जिंदा व दो चले कारतूस मिले। पूछताछ पर पुलिस ने अपहरण की मास्टर माइंड नेहा उर्फ पिंकी उर्फ रामदेवी निवासी जिरौन थाना जखलौन ललितपुर को मुख्य अभियुक्त के घर से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अपहरणकर्ताओं ने खुलासा किया कि नेहा अपने जाल में फंसे लोगों को बुलाती थी, जहां वह लोग पहले से मौजूद रहते थे। जैसे ही आने वाला व्यक्ति ठिकाने पर पहुंचता था, वह भी पहुंच जाते और फिर नेहा के साथ उसके आपत्तिजनक फोटो खींचते।
इसके बाद उसे कार में बैठाकर राजगढ़ में खरीदे गए मकान अथवा गांव गंगावली ले जाते। इसके बाद परिजनों से फिरौती की मांग की जाती। फिरौती मिलने के बाद अपहृत को मुक्त कर देते और धमकी दी जाती कि यदि मुंह खोला तो उसकी आपत्तिजनक फोटो सार्वजनिक कर देंगे।
जिसकी वजह से अपहृत व उसके परिजन पुलिस से शिकायत नहीं करते। उन्होंने बताया कि एक सितंबर को ग्वालियर रोड पर मिनरल वाटर प्लांट के संचालक ईश्वर राव पुत्र वीपी राव को भी नेहा ने अपनी बातों में फंसाकर मेडिकल कालेज बुलाया। रास्ते में एक नर्सिंगहोम के पास से उसका अपहरण कर लिया और ढाई लाख रुपये की फिरौती लेकर छोड़ा। फिरौती बाइक संख्या यूपी93एबी- 5629 से लेकर अभियुक्त गए थे। उन्होंने बबीना के एक व्यक्ति को भी फिरौती लेकर छोड़ने का खुलासा किया है।
मकान की लालसा ने नेहा को धकेला जरायम की दुनिया में
नेहा उर्फ पिंकी उर्फ रामदेवी ने जरायम की दुनिया में सिर्फ अपना घर होने की लालसा में कदम रखा। उसकी मुलाकात कांशीराम से करीब ढाई वर्ष पहले शिवाजी नगर में आधार कार्ड बनाने के केंद्र पर हुई। कांशीराम ने बताया कि नेहा के मोबाइल की बैटरी खत्म हो गई थी।
उसने बात करने के लिए उसका मोबाइल लिया। इसके बाद उनके बीच बातचीत हुई और एक-दूसरे का फोन नंबर ले लिया। कुछ दिन बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई। इस दरमियान नेहा ने बताया कि उसने जमीन खरीदने के लिए एक लाख रुपये दे दिए हैं, मगर रजिस्ट्री कराने के लिए रुपये नहीं।
तब उन्होंने जरायम से रुपये कमाने की प्लानिंग बनाई। तय किया गया कि नेहा लोगों को प्यार का झांसा देकर जाल में फंसाएगी। उन्हें अपने ठिकाने पर बुलाएगी इसके बाद वह उसकी फोटो खींचकर अगवा कर लेंगे। फिरौती लेने के बाद अपहृत का फोटो सार्वजनिक करने का भय दिखाकर मुंह बंद कर देंगे।
आधा दर्जन को बना चुके हैं शिकार
एसएसपी ने बताया कि नेहा और कांशीराम आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को अगवा करके फिरौती की रकम वसूल चुके हैं। सबसे प्रमुख बात यह है कि आपत्तिजनक फोटो खिंचने की वजह से कोई भी पुलिस से शिकायत करने के लिए नहीं गया। यही नहीं, वह अपने गिरोह के दो सदस्यों को हर वारदात में बदल देते थे और नये सदस्यों को रुपये और पूरा खर्च का लालच देकर फंसाते थे।
अपहृत के मुक्त होने के बाद भी धमकी
अपहृत सर्राफा के मुक्त होने के बाद भी मुख्य अभियुक्त कांशीराम ने उसके परिजनों को फोन किया। उसने फोन करते हुए धमकाया कि वह मामला रफा-दफा कर दें अन्यथा वह पूरे परिवार को जान से मार देगा।
गिरफ्तार अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास
राजेंद्र उर्फ विक्की कुशवाहा, कांशीराम, शैलेष, बल्देव कुशवाहा उर्फ बल्लू, शहीद व नेहा पर अपहरण व जान से मारने की नीयत से हमला करने का मामला दर्ज है। राजेंद्र के खिलाफ नवाबाद थाने में गैंगेस्टर एक्ट में कार्रवाई हो चुकी है।