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मां-बेटे के कत्ल में दो को आजीवन कारावास
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jun 2016 01:18 AM IST
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झांसी। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या छह दिग्विजय नाथ की अदालत ने मां-बेटे की हत्या में दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
ललितपुर के थाना तालबेहट के जमालपुरा निवासी गोमती ने पुलिस में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि 11/ अगस्त 2012 की रात वह अपनी मां के घर पर खैलार में थी। वह और उसका भाई रवि कमरे की छत पर लेटे हुए थे। जबकि, मां कौशल्या तथा छोटे भाई मनीष, संजू व जितेंद्र मां के साथ अंदर कमरे में लेटे थे। सुबह करीब चार बजे भाई मनीष के रोने की आवाज आई। कमरे में जाकर देखा तो मां व छोटा भाई संजू खून से लथपथ मरे पड़े थे। इस मामले में पुलिस ने थाना बबीना के गणेशपुरा निवासी देवेंद्र व रामसहाय के खिलाफ न्यायालय ने आरोप पत्र दाखिल किया था।
अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद उक्त दोनों अभियुक्तों को धारा 302 में सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। पचास हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। इसके अलावा धारा 452 में पांच-पांच साल तथा धारा 323 में छह-छह के कारावास की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अभियोजन पक्ष की ओर पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्याम यादव ने की।
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ललितपुर के थाना तालबेहट के जमालपुरा निवासी गोमती ने पुलिस में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि 11/ अगस्त 2012 की रात वह अपनी मां के घर पर खैलार में थी। वह और उसका भाई रवि कमरे की छत पर लेटे हुए थे। जबकि, मां कौशल्या तथा छोटे भाई मनीष, संजू व जितेंद्र मां के साथ अंदर कमरे में लेटे थे। सुबह करीब चार बजे भाई मनीष के रोने की आवाज आई। कमरे में जाकर देखा तो मां व छोटा भाई संजू खून से लथपथ मरे पड़े थे। इस मामले में पुलिस ने थाना बबीना के गणेशपुरा निवासी देवेंद्र व रामसहाय के खिलाफ न्यायालय ने आरोप पत्र दाखिल किया था।
अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद उक्त दोनों अभियुक्तों को धारा 302 में सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। पचास हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। इसके अलावा धारा 452 में पांच-पांच साल तथा धारा 323 में छह-छह के कारावास की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अभियोजन पक्ष की ओर पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्याम यादव ने की।
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