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विवाद की वजह बना सराफा बाजार में खरीदा प्लाट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 15 Apr 2016 01:48 AM IST
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ravindra sukla show your fight lose
- फोटो : amar ujala
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झांसी। पूर्व बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री रवींद्र शुक्ल व विपक्षियों के बीच एक सराफा बाजार में स्थित एक प्लाट विवाद की वजह बना हुआ है। गुरुवार को जब पूर्व मंत्री ने अपने प्लाट पर निर्माण शुरू किया तो विपक्षियों ने उन पर हमला कर दिया।
सराफा बाजार के दीक्षित बाग की एक बेहद संकरी गली में पूर्व मंत्री की 657 फुट जमीन पड़ी है। इस जमीन के मालिक पहले बाबूलाल थे। वर्षों से इस जमीन पर बाबूलाल का किराएदार मन्नू लाल पुत्र दुल्ले झोपड़ पट्टी बनाकर रह रहा था। तीन साल पहले पूर्व मंत्री ने बाबूलाल से इस जमीन का एग्रीमेंट कराया लिया था। इधर, किराएदार मन्नू लाल ने यह जमीन राजू पटैरिया को बेच दी। इसके बाद दोनों पक्ष कोर्ट में चले गए। कोर्ट से बाबूलाल मुकदमा जीत गए। इसके बाद पूर्व मंत्री ने बाबूलाल से उक्त प्लाट की रजिस्ट्री करा ली।
निर्णय के खिलाफ राजू पटैरिया हाईकोर्ट से स्टे ले आए, पर विगत ग्यारह जनवरी को हाईकोर्ट ने स्टे को खारिज कर दिया। चूंकि, इसके बाद पूर्व मंत्री की धर्मपत्नी का देहांत हो गया, इस कारण वह निर्माण कार्य शुरू नहीं कर सके। गुरुवार को उन्होंने निर्माण कार्य शुरू कराया और परिणाम स्वरूप यह घटना हो गई। मालूम हो कि, सराफ बाजार में एक फुट जमीन की कीमत एक लाख रुपये तक है।
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दो दिन पहले ही स्थानांतरण होकर आया है गनर
पूर्व मंत्री रवींद्र शुक्ल का सरकारी गनर महिपत सिंह बांदा जनपद के तिंदवारी का रहना वाला है। इसके पूर्व वह प्रतापगढ़ में तैनात था। दो दिन पूर्व ही वह प्रतापगढ़ से स्थानांतरित होकर झांसी आया है।
चौकी प्रभारी लाइन हाजिर
इस प्रकरण में एसएसपी मनोज तिवारी ने प्रथम दृष्टया खंडेराव गेट चौकी प्रभारी सी पी द्विवेदी की लापरवाही मानी है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया, साथ ही पूर्व मंत्री को बहादुरी से बचाने वाले गनर महिपत सिंह को पांच हजार रुपये इनाम देने की संस्तुति की है। उन्होंने आरोपियों को पकड़ने के लिए दो टीमों का गठन कर दिया है।
पूर्व मंत्री का यह है कहना
पूर्व मंत्री रवींद्र शुक्ल का कहना है कि विपक्षियों का हाईकोर्ट से स्टे खारिज होने के बाद ही उन्होंने निर्माण कराने का फैसला लिया था। निर्माण कार्य शुरू करने से पहले उन्होंने डीएम व एसएसपी को स्थिति से अवगत करा दिया था। अधिकारियों की स्वीकृति के बाद ही उन्होंने कार्य शुरू किया।
हालांकि, खंडेराव गेट चौकी प्रभारी विपक्षियों से मिलकर बार- बार उन पर समझौते के लिए दबाव बना रहे थे। इस मामले में चौकी प्रभारी को पूर्व में भी लाइन हाजिर किया जा चुका है। पर, इसके बाद भी चौकी प्रभारी का दखल जारी था। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी राजू पटैरिया सराफा व्यापारी राजू कमरया के यहां काम करता है। राजू कमरया की शह पर ही उन पर हमला किया गया।
कोतवाली में पहुंचे प्रमुख भाजपाई
कोतवाली में महापौर किरण वर्मा, पूर्व उपसभापति मानवेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष संजय दुबे, पूर्व जिलाध्यक्ष अरिदमन सिंह, किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश मंत्री चंद्रप्रकाश मिश्रा, महानगर अध्यक्ष प्रदीप सरावगी, जगदीश प्रसाद साहू, रानू देवलिया, रवींद्र वर्मा, अमित साहू, अमित चिरवारिया, दिगंत चतुर्वेदी मौजूद रहे।
कोतवाल को हटाने को दिया धरना
भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता पूर्व मंत्री रवींद्र शुक्ल के नेतृत्व में देर रात तक कोतवाल को हटाने व राजू कमरया की गिरफ्तारी की मांग को लेकर देर रात तक कोतवाली परिसर में धरने में बैठे रहे। मालूम हो कि, कोतवाल जे पी यादव पिछले दो दिन से कोर्ट में साक्ष्य देने के लिए बाहर गए हुए हैं। उनकी जगह एसएसआई मनोज कुमार वर्मा चार्ज देख रहे हैं। रात नौ बजे एसपी ग्रामीण दिनेश सिंह द्वारा चौबीस घंटे में आरोपी की गिरफ्तारी का आश्वासन देने पर धरना समाप्त कर दिया गया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
कोतवाली पुलिस ने राजू पटैरिया, बबलू पटैरिया, आकाश पटैरिया, राजू कमरया व राजू कमरया के दो नौकरोें के खिलाफ धारा 147,148,149,326 ए,332,353,504,506,120 बी व 7 क्रिमिनल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पूर्व मंत्री पर तेजाब फेंकने की निंदा
झांसी। प्रदेश के पूर्व शिक्षा राज्यमंत्री रवींद्र शुक्ल पर तेजाब से हमले की विभिन्न संगठनों ने निंदा की है।
शिवसेना की बैठक में घटना की निंदा करते हुए वक्ताओं ने कहा कि जब नगर में जनप्रतिनिधि सुरक्षित नहीं है तो आम जनता का क्या हाल होगा। बैठक में संतोष खटीक, आशीष रजत, अंकुर ठाकुर, अनिल, अरविंद वर्मा आदि उपस्थित थे। भारतीय प्रजाशक्ति पार्टी की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज रावत ने आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की।
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सराफा बाजार के दीक्षित बाग की एक बेहद संकरी गली में पूर्व मंत्री की 657 फुट जमीन पड़ी है। इस जमीन के मालिक पहले बाबूलाल थे। वर्षों से इस जमीन पर बाबूलाल का किराएदार मन्नू लाल पुत्र दुल्ले झोपड़ पट्टी बनाकर रह रहा था। तीन साल पहले पूर्व मंत्री ने बाबूलाल से इस जमीन का एग्रीमेंट कराया लिया था। इधर, किराएदार मन्नू लाल ने यह जमीन राजू पटैरिया को बेच दी। इसके बाद दोनों पक्ष कोर्ट में चले गए। कोर्ट से बाबूलाल मुकदमा जीत गए। इसके बाद पूर्व मंत्री ने बाबूलाल से उक्त प्लाट की रजिस्ट्री करा ली।
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निर्णय के खिलाफ राजू पटैरिया हाईकोर्ट से स्टे ले आए, पर विगत ग्यारह जनवरी को हाईकोर्ट ने स्टे को खारिज कर दिया। चूंकि, इसके बाद पूर्व मंत्री की धर्मपत्नी का देहांत हो गया, इस कारण वह निर्माण कार्य शुरू नहीं कर सके। गुरुवार को उन्होंने निर्माण कार्य शुरू कराया और परिणाम स्वरूप यह घटना हो गई। मालूम हो कि, सराफ बाजार में एक फुट जमीन की कीमत एक लाख रुपये तक है।
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दो दिन पहले ही स्थानांतरण होकर आया है गनर
पूर्व मंत्री रवींद्र शुक्ल का सरकारी गनर महिपत सिंह बांदा जनपद के तिंदवारी का रहना वाला है। इसके पूर्व वह प्रतापगढ़ में तैनात था। दो दिन पूर्व ही वह प्रतापगढ़ से स्थानांतरित होकर झांसी आया है।
चौकी प्रभारी लाइन हाजिर
इस प्रकरण में एसएसपी मनोज तिवारी ने प्रथम दृष्टया खंडेराव गेट चौकी प्रभारी सी पी द्विवेदी की लापरवाही मानी है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया, साथ ही पूर्व मंत्री को बहादुरी से बचाने वाले गनर महिपत सिंह को पांच हजार रुपये इनाम देने की संस्तुति की है। उन्होंने आरोपियों को पकड़ने के लिए दो टीमों का गठन कर दिया है।
पूर्व मंत्री का यह है कहना
पूर्व मंत्री रवींद्र शुक्ल का कहना है कि विपक्षियों का हाईकोर्ट से स्टे खारिज होने के बाद ही उन्होंने निर्माण कराने का फैसला लिया था। निर्माण कार्य शुरू करने से पहले उन्होंने डीएम व एसएसपी को स्थिति से अवगत करा दिया था। अधिकारियों की स्वीकृति के बाद ही उन्होंने कार्य शुरू किया।
हालांकि, खंडेराव गेट चौकी प्रभारी विपक्षियों से मिलकर बार- बार उन पर समझौते के लिए दबाव बना रहे थे। इस मामले में चौकी प्रभारी को पूर्व में भी लाइन हाजिर किया जा चुका है। पर, इसके बाद भी चौकी प्रभारी का दखल जारी था। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी राजू पटैरिया सराफा व्यापारी राजू कमरया के यहां काम करता है। राजू कमरया की शह पर ही उन पर हमला किया गया।
कोतवाली में पहुंचे प्रमुख भाजपाई
कोतवाली में महापौर किरण वर्मा, पूर्व उपसभापति मानवेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष संजय दुबे, पूर्व जिलाध्यक्ष अरिदमन सिंह, किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश मंत्री चंद्रप्रकाश मिश्रा, महानगर अध्यक्ष प्रदीप सरावगी, जगदीश प्रसाद साहू, रानू देवलिया, रवींद्र वर्मा, अमित साहू, अमित चिरवारिया, दिगंत चतुर्वेदी मौजूद रहे।
कोतवाल को हटाने को दिया धरना
भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता पूर्व मंत्री रवींद्र शुक्ल के नेतृत्व में देर रात तक कोतवाल को हटाने व राजू कमरया की गिरफ्तारी की मांग को लेकर देर रात तक कोतवाली परिसर में धरने में बैठे रहे। मालूम हो कि, कोतवाल जे पी यादव पिछले दो दिन से कोर्ट में साक्ष्य देने के लिए बाहर गए हुए हैं। उनकी जगह एसएसआई मनोज कुमार वर्मा चार्ज देख रहे हैं। रात नौ बजे एसपी ग्रामीण दिनेश सिंह द्वारा चौबीस घंटे में आरोपी की गिरफ्तारी का आश्वासन देने पर धरना समाप्त कर दिया गया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
कोतवाली पुलिस ने राजू पटैरिया, बबलू पटैरिया, आकाश पटैरिया, राजू कमरया व राजू कमरया के दो नौकरोें के खिलाफ धारा 147,148,149,326 ए,332,353,504,506,120 बी व 7 क्रिमिनल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पूर्व मंत्री पर तेजाब फेंकने की निंदा
झांसी। प्रदेश के पूर्व शिक्षा राज्यमंत्री रवींद्र शुक्ल पर तेजाब से हमले की विभिन्न संगठनों ने निंदा की है।
शिवसेना की बैठक में घटना की निंदा करते हुए वक्ताओं ने कहा कि जब नगर में जनप्रतिनिधि सुरक्षित नहीं है तो आम जनता का क्या हाल होगा। बैठक में संतोष खटीक, आशीष रजत, अंकुर ठाकुर, अनिल, अरविंद वर्मा आदि उपस्थित थे। भारतीय प्रजाशक्ति पार्टी की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज रावत ने आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की।