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भाजपा कार्यकर्ता की हत्या के मामले में 5 दोषियों को उम्रकैद

Thu, 01 Nov 2018 01:20 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी Updated Thu, 01 Nov 2018 01:20 AM IST
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life prison for five people in murder of bjp workers
हत्या - फोटो : demo
विधानसभा चुनाव का परिणाम आने के बाद चुनावी रंजिश के चलते थाना बड़ागांव इलाके के ग्राम पालर में भाजपा कार्यकर्ता मुनेश चचौंदिया की चुनावी रंजिश के चलते हत्या कर दी गई थी। घटना के बीस महीने के भीतर अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार ने पांच आरोपियों को दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी पर एक-एक लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। अदालत ने अर्थदंड की अस्सी प्रतिशत धनराशि मृतक के परिजनों को देने के निर्देश दिए हैं।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बी के राजपूत के अनुसार ग्राम पालर निवासी कमलेश ने थाना बड़ागांव में तहरीर दी थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि 11 मार्च 2017 की रात तकरीबन नौ बजे वे अपने भतीजे मुनेश चचौंदिया व अमित के साथ घर के दरवाजे पर बैठे हुए थे। इसी बीच गांव के ही बहादुर उर्फ लाला, मनोज, सुधीर, संदीप, अजय, बल बहादुर, सुंदरलाल, भीम सिंह अपने हाथों में रिवाल्वर और कट्टे लेकर आए और चुनावी रंजिश में गालियां देने लगे। मुनेश ने गाली देने से मना किया, तो विपक्षियों ने घेर लिया। इस दरम्यान बहादुर उर्फ लाला ने हाथ में लिए असलहे से मुनेश को जान से मारने की नियत से गोली मार दी थी। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मुनेश ने दम तोड़ दिया था। जबकि, घटना में अमित बाल-बाल बच गया था। घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी।
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शिकायत पर पुलिस ने बहादुर उर्फ लाला, सुधीर, बल बहादुर, सुंदरलाल, भीम सिंह, संतोष व जितेंद्र सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। वहीं, तहरीर में संतोष सिंह व जितेंद्र सिंह को घटना का षड्यंत्रकारी बताया गया था। इसके बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद पांच आरोपियों पर दोष सिद्घ होने पर सजा सुनाई। धारा 147 व 148 में एक-एक वर्ष की जेल और एक-एक हजार रुपये जुर्माना, धारा 302 में आजीवन कारावास और एक-एक लाख रुपये अर्थदंड लगाया। अदालत ने अर्थदंड की संपूर्ण राशि में से 80 प्रतिशत राशि बतौर प्रतिकर मृतक के वारिसान को समानुपात में देने के निर्देश दिए।
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जबकि, संतोष सिंह एवं जितेंद्र सिंह को दोषमुक्त करते हुए निर्देशित किया कि वे 437 ए दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत एक-एक लाख रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र और इसी राशि की दो-दो जमानतें अपील होने की स्थिति में उच्च न्यायालय के समक्ष उपस्थिति के लिए दाखिल करें। अर्थदंड की राशि राजस्व बकाया की तरह वसूली जाएगी। अर्थदंड की वसूली के लिए वसूली प्रमाण पत्र जिला कलेक्टर को अपील की अवधि समाप्त होने के बाद प्रेषित किया जाए।
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