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नशेड़ी भाई की कुल्हाड़ी से काट डाली गर्दन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 26 Sep 2016 01:15 AM IST
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murder case, jhansi news
- फोटो : demo
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झांसी। सीपरी बाजार इलाके की रसबहार कॉलोनी में शनिवार की देर रात नशेड़ी सौरभ श्रीवास्तव (22) की कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर उसका बड़ा भाई अमित खुद थाने पहुंच गया। सौरभ पितृपक्ष में सौरभ के घर पर अंडे लेकर आने से विवाद हो गया और इसी में बड़े भाई ने कुल्हाड़ी से सौरभ की गर्दन उड़ा दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
शनिवार देर रात सीपरी बाजार थाने का स्टाफ उस समय चौक गया जब एक पच्चीस साल का युवक हाथ में खून से सनी कुल्हाड़ी लेकर वहां पहुंचा। उसके कपड़े खून से सने थे। उसने अपना नाम अमित श्रीवास्तव बताया और चीख कर कहा कि वह अभी-अभी अपने छोटे भाई सौरभ का कत्ल करके आया है। पुलिस ने तत्काल उसे गिरफ्तार कर कुल्हाड़ी जब्त कर ली। पूछताछ में अमित ने बताया कि उसके पिता राजकुमार श्रीवास्तव रेलवे में सीटीआई थे। 2006 में उनके निधन के बाद भाई अभिषेक की नौकरी लग गई। इस बीच सौरभ गलत सोहबत में पड़ गया। जुआ और शराब का लती हो गया। आए दिन शराब के लिए पैसे मांगता और इनकार पर झगड़ा करता। बुरी संगत में पड़कर सौरभ ने इतना कर्ज ले लिया था कि मकान बेचकर चुकाना पड़ा। इसके बावजूद वह लत नहीं छोड़ रहा था।
अमित ने पुलिस को बताया कि शनिवार रात लगभग 11 बजे सौरभ घर आया और रसोई से खाना पैक कर फिर निकल गया। आधे घंटे के बाद वापस आया और गालीगलौज करने लगा। रसोई में घुसा और अंडे उबालने लगा। अमित का कहना है कि उसने उसे रोका और कहा कि पितृपक्ष में अंडे खाने की क्या जरूरत? तब गुस्से से बेकाबू सौरभ ने रसोई गैस सिलेंडर का पाइप खींचकर घर में आग लगाने की कोशिश की। अमित ने बताया कि तब उसे भी गुस्सा आ गया और उसने पास रखा हथौड़ा सौरभ के सिर पर मार दिया। वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा लेकिन अकड़ नहीं गई। धमकी दी कि बच गया तो उसे नहीं छोड़ेगा। इसके बाद उठाई कुल्हाड़ी उसकी गर्दन पर वार कर उसे मार दिया। उसे भाई की हत्या पर पछतावा नहीं है। पुलिस ने अमित को गिरफ्तार कर लिया। रिपोर्ट उसके भाई अभिषेक ने दर्ज करवाई।
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मां को भी नहीं कोई गम
अमित की मां ऊषा ने बताया कि सौरभ ने घर की शांति खत्म कर दी थी। दो दिन पहले उसने अमित को थप्पड़ मारा था। शनिवार को तबीयत खराब थी तो दवा खाकर सो रही थी। शोर सुनकर बाहर आई तो अमित उसे खींचकर कमरे में ले गया और बाहर के कुंडी लगा दी। वह नहीं जानती कि हत्या कैसे हुई।
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शनिवार देर रात सीपरी बाजार थाने का स्टाफ उस समय चौक गया जब एक पच्चीस साल का युवक हाथ में खून से सनी कुल्हाड़ी लेकर वहां पहुंचा। उसके कपड़े खून से सने थे। उसने अपना नाम अमित श्रीवास्तव बताया और चीख कर कहा कि वह अभी-अभी अपने छोटे भाई सौरभ का कत्ल करके आया है। पुलिस ने तत्काल उसे गिरफ्तार कर कुल्हाड़ी जब्त कर ली। पूछताछ में अमित ने बताया कि उसके पिता राजकुमार श्रीवास्तव रेलवे में सीटीआई थे। 2006 में उनके निधन के बाद भाई अभिषेक की नौकरी लग गई। इस बीच सौरभ गलत सोहबत में पड़ गया। जुआ और शराब का लती हो गया। आए दिन शराब के लिए पैसे मांगता और इनकार पर झगड़ा करता। बुरी संगत में पड़कर सौरभ ने इतना कर्ज ले लिया था कि मकान बेचकर चुकाना पड़ा। इसके बावजूद वह लत नहीं छोड़ रहा था।
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अमित ने पुलिस को बताया कि शनिवार रात लगभग 11 बजे सौरभ घर आया और रसोई से खाना पैक कर फिर निकल गया। आधे घंटे के बाद वापस आया और गालीगलौज करने लगा। रसोई में घुसा और अंडे उबालने लगा। अमित का कहना है कि उसने उसे रोका और कहा कि पितृपक्ष में अंडे खाने की क्या जरूरत? तब गुस्से से बेकाबू सौरभ ने रसोई गैस सिलेंडर का पाइप खींचकर घर में आग लगाने की कोशिश की। अमित ने बताया कि तब उसे भी गुस्सा आ गया और उसने पास रखा हथौड़ा सौरभ के सिर पर मार दिया। वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा लेकिन अकड़ नहीं गई। धमकी दी कि बच गया तो उसे नहीं छोड़ेगा। इसके बाद उठाई कुल्हाड़ी उसकी गर्दन पर वार कर उसे मार दिया। उसे भाई की हत्या पर पछतावा नहीं है। पुलिस ने अमित को गिरफ्तार कर लिया। रिपोर्ट उसके भाई अभिषेक ने दर्ज करवाई।
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मां को भी नहीं कोई गम
अमित की मां ऊषा ने बताया कि सौरभ ने घर की शांति खत्म कर दी थी। दो दिन पहले उसने अमित को थप्पड़ मारा था। शनिवार को तबीयत खराब थी तो दवा खाकर सो रही थी। शोर सुनकर बाहर आई तो अमित उसे खींचकर कमरे में ले गया और बाहर के कुंडी लगा दी। वह नहीं जानती कि हत्या कैसे हुई।