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गुरु ग्रंथी समेत पांच नामजद
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 11 Apr 2016 01:16 AM IST
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police, jhansi news
- फोटो : demopic
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झांसी। हत्या करके चल-अचल संपत्ति, नौकरी एवं फंड हड़पने की मंशा से जेल में निरुद्ध व्यक्ति की पत्नी से षड्यंत्र रचकर शादी कर देने का मामला सीपरी बाजार थाने में दर्ज कराया गया है। इस मामले में गुरुद्वारा चमनगंज के गुरु ग्रंथी समेत पांच लोगों को नामजद दिया गया है।
सहायक लोको पायलट रेलवे परमजीत सिंह पुत्र प्रतिपाल सिंह निवासी हीरापुरा नगरा प्रेमनगर ने बताया कि एक जून 2015 में सरदार जसवंत सिंह निवासी आदर्श नगर सीपरी बाजार ने षड्यंत्र के तहत अपनी बेटी तरन जीत कौर का उससे गुरुद्वारा सीपरी बाजार में विवाह करवा दिया। इसमें जसवंत सिंह की पत्नी बलविंदर कौर, भाई प्रिंस पाल व गुरुद्वारे के गुरु ग्रंथी महेंद्र सिंह शामिल थे। उसने बताया कि शादी के समय वह आंध प्रदेश के गुनाकाल डिवीजन में तैनात था।
शादी के एक माह बाद वह तरनजीत कौर को अपने साथ आंध्र प्रदेश ले गया। वहां पर तीन माह के प्रवास के दौरान वह मां से झगड़ती रही। 12 जनवरी 2016 को तरनजीत कौर झगड़ा करके झांसी आ गई। उसका भाई प्रिंस उसे नौकरी से हटवाने की धमकी देने लगा। इस दौरान वह मां से अलग रहने का दबाव बनाने लगी। उसने बताया कि पिछले दिनों महिला थाने पर उसे बुलाया गया, जहां पता चला कि तरनजीत कौर पहले से शादीशुदा है।
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उसने आर्य समाज नगरा से 21 मार्च 2014 को दीपकांत तिवारी पुत्र कृष्णकांत तिवारी निवासी आदर्श नगर सीपरी बाजार से शादी की है, जिसकी महिला थाने से विवाह के प्रमाण पत्र की छाया प्रति प्राप्त हुई। दीपकांत एक मामले में अभी जेल में है। उसने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि तरनजीत कौर की दूसरी शादी कराने का मकसद उसकी चल-अचल संपत्ति हड़पने के साथ-साथ उसकी हत्या करवाकर नौकरी एवं फंड आदि हड़पने का है।
उसने पुलिस से कहा कि उसे तरनजीत कौर के साथ रहते हुए जान एवं संपत्ति का खतरा है। उसका कहना है कि दीपकांत के जेल से छूटने के बाद कभी भी उसकी हत्या करवा देगी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह मामला धारा 420, 495 व 506 में दर्ज कर लिया है। इसमें पांच लोग नामजद किए गए हैं।
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सहायक लोको पायलट रेलवे परमजीत सिंह पुत्र प्रतिपाल सिंह निवासी हीरापुरा नगरा प्रेमनगर ने बताया कि एक जून 2015 में सरदार जसवंत सिंह निवासी आदर्श नगर सीपरी बाजार ने षड्यंत्र के तहत अपनी बेटी तरन जीत कौर का उससे गुरुद्वारा सीपरी बाजार में विवाह करवा दिया। इसमें जसवंत सिंह की पत्नी बलविंदर कौर, भाई प्रिंस पाल व गुरुद्वारे के गुरु ग्रंथी महेंद्र सिंह शामिल थे। उसने बताया कि शादी के समय वह आंध प्रदेश के गुनाकाल डिवीजन में तैनात था।
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शादी के एक माह बाद वह तरनजीत कौर को अपने साथ आंध्र प्रदेश ले गया। वहां पर तीन माह के प्रवास के दौरान वह मां से झगड़ती रही। 12 जनवरी 2016 को तरनजीत कौर झगड़ा करके झांसी आ गई। उसका भाई प्रिंस उसे नौकरी से हटवाने की धमकी देने लगा। इस दौरान वह मां से अलग रहने का दबाव बनाने लगी। उसने बताया कि पिछले दिनों महिला थाने पर उसे बुलाया गया, जहां पता चला कि तरनजीत कौर पहले से शादीशुदा है।
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उसने आर्य समाज नगरा से 21 मार्च 2014 को दीपकांत तिवारी पुत्र कृष्णकांत तिवारी निवासी आदर्श नगर सीपरी बाजार से शादी की है, जिसकी महिला थाने से विवाह के प्रमाण पत्र की छाया प्रति प्राप्त हुई। दीपकांत एक मामले में अभी जेल में है। उसने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि तरनजीत कौर की दूसरी शादी कराने का मकसद उसकी चल-अचल संपत्ति हड़पने के साथ-साथ उसकी हत्या करवाकर नौकरी एवं फंड आदि हड़पने का है।
उसने पुलिस से कहा कि उसे तरनजीत कौर के साथ रहते हुए जान एवं संपत्ति का खतरा है। उसका कहना है कि दीपकांत के जेल से छूटने के बाद कभी भी उसकी हत्या करवा देगी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह मामला धारा 420, 495 व 506 में दर्ज कर लिया है। इसमें पांच लोग नामजद किए गए हैं।