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पकड़े गए रेलवे स्टेशन के चोर
Sat, 22 Dec 2018 01:15 AM IST
Pragyan dubey
jhansi
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Published by: Pragyan dubey
Updated Sat, 22 Dec 2018 01:15 AM IST
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प्रशासन
- फोटो : sample
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झांसी। आरपीएफ ने रेलवे स्टेशन परिसर में यात्रियों का ट्राली बैग और मोबाइल चोरी करने वाले बदमाशों को पकड़ लिया है। अलग-अलग बदमाशों ने बीते आठ दिसंबर और 17 दिसंबर को घटना को अंजाम दिया था। दोनों वारदातें सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई थीं।
विगत 17 दिसंबर को एटा के किदवई नगर निवासी विशाल अपने दोस्त के साथ परीक्षा देने झांसी आए थे। रात में वह दोस्त के साथ प्लेटफार्म एक पर वीआईपी लाउंज (रूम) के नजदीक सो गए। सर्दी से बचने के लिए दोनों ने अपने चेहरे कंबल से ढक लिए। तभी एक बदमाश उनके सिर के पास आकर बैठ गया और मौका पाते ही उनका ट्राली बैग उठाकर चला गया। नींद टूटने पर यात्री को चोरी का पता लगा। बैग में कपड़े, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, दो हजार रुपये नकद रखे थे। परेशान यात्री ने आरपीएफ को मामले की जानकारी दी। आरपीएफ उपनिरीक्षक पीएस परिहार ने मामले की छानबीन शुरू की। सीसीटीवी फुटेज देखने पर बदमाश दिख गया मगर उसका चेहरा स्पष्ट नजर नहीं आ रहा था। आरपीएफ ने बदमाश को तीन दिन में पकड़ लिया। उसने अपना नाम कोतवाली क्षेत्र के तलैया निवासी अंबर शर्मा बताया। वह इलाहाबाद बैंक के निकट स्थित एक स्कूल का पढ़ा था और फर्राटेदार अंग्रेजी बोल रहा था। बदमाश ने बताया कि वह बैग चोरी करने के बाद रानी लक्ष्मीबाई पार्क गया था, जहां रुपये निकालने के बाद शैक्षणिक प्रमाण पत्रों को पार्क के बाहर कचरे के ढेर में फेंक दिए थे। कचरे के ढेर में प्रमाण पत्र तलाशे गए, लेकिन वह नहीं मिले। आरपीएफ ने बताया कि आरोपी के माता-पिता नहीं हैं। अन्य रिश्तेदार उसकी ठीक से देखभाल नहीं करते। इस कारण वह चोर बन गया। बाद में उसे जीआरपी के सुपुर्द कर दिया गया।
इधर, पिछोर के गतारी निवासी पूरन सिंह बीते आठ दिसंबर को ट्रेन में सवार हो रहे थे, तभी बदमाश ने उनका मोबाइल चोरी कर लिया। मोबाइल चोरी होने का पता लगने पर उन्होंने मामले की जानकारी आरपीएफ और जीआरपी को दी। आरपीएफ ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से बांदा निवासी हरीचंद्र निषाद को मोबाइल के साथ पकड़ लिया।
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विगत 17 दिसंबर को एटा के किदवई नगर निवासी विशाल अपने दोस्त के साथ परीक्षा देने झांसी आए थे। रात में वह दोस्त के साथ प्लेटफार्म एक पर वीआईपी लाउंज (रूम) के नजदीक सो गए। सर्दी से बचने के लिए दोनों ने अपने चेहरे कंबल से ढक लिए। तभी एक बदमाश उनके सिर के पास आकर बैठ गया और मौका पाते ही उनका ट्राली बैग उठाकर चला गया। नींद टूटने पर यात्री को चोरी का पता लगा। बैग में कपड़े, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, दो हजार रुपये नकद रखे थे। परेशान यात्री ने आरपीएफ को मामले की जानकारी दी। आरपीएफ उपनिरीक्षक पीएस परिहार ने मामले की छानबीन शुरू की। सीसीटीवी फुटेज देखने पर बदमाश दिख गया मगर उसका चेहरा स्पष्ट नजर नहीं आ रहा था। आरपीएफ ने बदमाश को तीन दिन में पकड़ लिया। उसने अपना नाम कोतवाली क्षेत्र के तलैया निवासी अंबर शर्मा बताया। वह इलाहाबाद बैंक के निकट स्थित एक स्कूल का पढ़ा था और फर्राटेदार अंग्रेजी बोल रहा था। बदमाश ने बताया कि वह बैग चोरी करने के बाद रानी लक्ष्मीबाई पार्क गया था, जहां रुपये निकालने के बाद शैक्षणिक प्रमाण पत्रों को पार्क के बाहर कचरे के ढेर में फेंक दिए थे। कचरे के ढेर में प्रमाण पत्र तलाशे गए, लेकिन वह नहीं मिले। आरपीएफ ने बताया कि आरोपी के माता-पिता नहीं हैं। अन्य रिश्तेदार उसकी ठीक से देखभाल नहीं करते। इस कारण वह चोर बन गया। बाद में उसे जीआरपी के सुपुर्द कर दिया गया।
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इधर, पिछोर के गतारी निवासी पूरन सिंह बीते आठ दिसंबर को ट्रेन में सवार हो रहे थे, तभी बदमाश ने उनका मोबाइल चोरी कर लिया। मोबाइल चोरी होने का पता लगने पर उन्होंने मामले की जानकारी आरपीएफ और जीआरपी को दी। आरपीएफ ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से बांदा निवासी हरीचंद्र निषाद को मोबाइल के साथ पकड़ लिया।
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