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पहेलियां बनी टप्पेबाजी की वारदातें
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 21 Apr 2016 01:18 AM IST
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cheating, jhansi hindi news
- फोटो : demo
झांसी। शहर की आईसीआईसीआई, एचडीएफसी बैकों के अंदर और कालोनियों में दिनदहाड़े हुई टप्पेबाजी की घटनाएं पुलिस के लिए पहेलियां बनी हुई हैं। हर वारदात से संबंधित सीसीटीवी फुटेज पुलिस के हाथ लग चुके हैं, पर परिणाम ढाक के तीन पात हैं। हर वारदात के बाद पुलिस बदमाशों का पीछा करते हुए जल्द खुलासे का दावा करती है और परिणाम शून्य ही रहता है। फरवरी से अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक कई वारदातें हो चुकी हैं।
पांच फरवरी को कसाई मंडी निवासी मोहम्मद आरिफ व सईद कलेक्ट्रेट के सामने आईसीआईसीआई बैंक में 2.15 लाख रुपये जमा कराने गए थे। आसिफ लाइन में लगा था, तभी एक बदमाश आया जिसने स्वयं को बैंक कर्मी बताया, उसने मदद बतौर 10-10 रुपये के नोटों की गड्डी पर बैंक स्लिप लगाने को कहा जिस पर सईद स्लिप लगाने गया। इस बीच बदमाश मौका पाकर 1.88 लाख रुपये लेकर बैंक से भाग निकला। इस वारदात के फुटेज पुलिस के पास हैं, मगर अभी तक सुराग नहीं लगा है।
12 फरवरी को चिरगांव निवासी प्रभा देवी ने अपने पुत्र सौरभ के साथ स्टेडियम के सामने स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा से 12 हजार रुपये निकाले। रुपये लेकर मां-बेटा पैदल चित्रा चौराहा पहुंचे तभी बाइक सवार बदमाश नोटों का बैग छीनकर भाग गए। पीड़िता ने बदमाशों को बैंक के अंदर देखा था जिनके फुटेज पुलिस के पास हैं पर उन्हें पकड़ा नहीं जा सका।
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16 फरवरी को ओरछा के प्रतापपुरा स्थित एक दुग्ध कंपनी के मैनेजर राजीव कुुमार पांडेय ने स्टेट बैंक से पांच लाख रुपये निकाले, जहां से बदमाश पीछे लग गए। एसएसपी आवास के सामने जानकी पुरम् कालोनी में राजीव एक मकान में काम से चले गए। इसी दौरान आए तीन बदमाश कार चालक से गुत्थमगुत्था करके पांच लाख रुपये लेकर भाग गए। वारदात के फुटेज भी पुलिस के पास हैं। इस मामले को पुलिस ने टप्पेबाजी में दर्ज कर लिया था।
इलाइट चौराहा स्थित एचडीएफसी बैंक में मददगार बनकर एक जालसाज प्रेमनगर थानांतर्गत बिजौली निवासी मोहर खां पुत्र चम्मू खां के 1.50 लाख रुपये लेकर भाग गया। इस वारदात में भी बैंक के अंदर बदमाश ने स्वयं को बैंक कर्मी बताया और भरी स्लिप गलत बताकर दूसरी भरने के लिए कहा। इस वारदात के भी फुटेज पुलिस के पास हैं, मगर आज तक कोई सफलता नहीं मिली है।
टप्पेबाजों का सुराग लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज सीमावर्ती जनपदों की पुलिस को भेज दिया गए हैं। जिले में भी उनकी तलाश के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस उनके चेहरे मुखबिरों को बताकर सुरागकशी करवा रही है। फिलहाल टप्पेबाजों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।
कल्याण सिंह, सीओ सिटी
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पांच फरवरी को कसाई मंडी निवासी मोहम्मद आरिफ व सईद कलेक्ट्रेट के सामने आईसीआईसीआई बैंक में 2.15 लाख रुपये जमा कराने गए थे। आसिफ लाइन में लगा था, तभी एक बदमाश आया जिसने स्वयं को बैंक कर्मी बताया, उसने मदद बतौर 10-10 रुपये के नोटों की गड्डी पर बैंक स्लिप लगाने को कहा जिस पर सईद स्लिप लगाने गया। इस बीच बदमाश मौका पाकर 1.88 लाख रुपये लेकर बैंक से भाग निकला। इस वारदात के फुटेज पुलिस के पास हैं, मगर अभी तक सुराग नहीं लगा है।
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12 फरवरी को चिरगांव निवासी प्रभा देवी ने अपने पुत्र सौरभ के साथ स्टेडियम के सामने स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा से 12 हजार रुपये निकाले। रुपये लेकर मां-बेटा पैदल चित्रा चौराहा पहुंचे तभी बाइक सवार बदमाश नोटों का बैग छीनकर भाग गए। पीड़िता ने बदमाशों को बैंक के अंदर देखा था जिनके फुटेज पुलिस के पास हैं पर उन्हें पकड़ा नहीं जा सका।
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16 फरवरी को ओरछा के प्रतापपुरा स्थित एक दुग्ध कंपनी के मैनेजर राजीव कुुमार पांडेय ने स्टेट बैंक से पांच लाख रुपये निकाले, जहां से बदमाश पीछे लग गए। एसएसपी आवास के सामने जानकी पुरम् कालोनी में राजीव एक मकान में काम से चले गए। इसी दौरान आए तीन बदमाश कार चालक से गुत्थमगुत्था करके पांच लाख रुपये लेकर भाग गए। वारदात के फुटेज भी पुलिस के पास हैं। इस मामले को पुलिस ने टप्पेबाजी में दर्ज कर लिया था।
इलाइट चौराहा स्थित एचडीएफसी बैंक में मददगार बनकर एक जालसाज प्रेमनगर थानांतर्गत बिजौली निवासी मोहर खां पुत्र चम्मू खां के 1.50 लाख रुपये लेकर भाग गया। इस वारदात में भी बैंक के अंदर बदमाश ने स्वयं को बैंक कर्मी बताया और भरी स्लिप गलत बताकर दूसरी भरने के लिए कहा। इस वारदात के भी फुटेज पुलिस के पास हैं, मगर आज तक कोई सफलता नहीं मिली है।
टप्पेबाजों का सुराग लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज सीमावर्ती जनपदों की पुलिस को भेज दिया गए हैं। जिले में भी उनकी तलाश के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस उनके चेहरे मुखबिरों को बताकर सुरागकशी करवा रही है। फिलहाल टप्पेबाजों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।
कल्याण सिंह, सीओ सिटी