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बैरक 12, जगह है 416 की और बंद हैं 1260

Sun, 07 Aug 2016 12:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 07 Aug 2016 12:46 AM IST
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 Barrack 12 , and are locked in place in 1260 416
jail, jhansi news - फोटो : demo
झांसी। जिला जेल में क्षमता से तीन गुना कैदी हैं। यहां के बारह बैरकों में 416 कैदियों को रखने की जगह है, लेकिन यहां 1260 लोग कैद हैं। स्थिति यह है कि रात को बैरकों में कैदियों को भूसे की तरह ठूंस दिया जाता है। जेल में 80 शौचालय बने हैं, इस वजह से कैदियों को दैनिक नित्यकर्म में दिक्कत होती है। हालांकि, यहां 56 शौचालयों का निर्माण हो रहा है।
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सुविधाएं नहीं होने की वजह से ही शुक्रवार को दो कैदी चार घंटे के लिए गायब हो गए थे। बचकर भागने के लिए वह निर्माणाधीन गटर में छुपे थे। दिन में तो स्थिति फिर भी ठीक रहती है, लेकिन रात के समय कैदियों को करवट लेना भी मुश्किल होता है। सूत्र बताते हैं कि सोने की जगह के लिए आए दिन कैदियों में कहासुनी व विवाद होता हैं, जिसे जेल कर्मी समझा-बुझाकर शांत करा देता हैं। इन हालातों के चलते जेल प्रशासन ने शासन को 56 शौचालय बनवाने का प्रस्ताव भेजा था।
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प्रस्ताव स्वीकृति होने के बाद इनका निर्माण शुरू कर दिया गया है। सात ब्लाक में 14 बैरक बनवाने का भी प्रस्ताव भेजा था, जो स्वीकृत नहीं हुआ है। कैदियों की संख्या ज्यादा होने की वजह से जेल प्रशासन को भी उन पर नजर रखने में काफी दिक्कत होती है। यही वजह है कि शुक्रवार को दो कैदी भागने की मंशा से मौका पाकर निर्माणाधीन गटर के अंदर जाकर छुप गए थे। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस दोनों को तलाश सकी थी।
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जेल अधीक्षक एके मिश्रा का कहना है कि जेल के अंदर क्षमता से तीन गुना कैदी होने की वजह से व्यवस्थाएं बनाने में काफी परेशानी होती है। बैरकों के अंदर रात के समय कैदियों को परेशानी होती है।

इंसेट 
दो कैदियों के छुपने के कारण की जांच शुरू
जेल से भागने के लिए गटर में छुपे दो कैदियों के मामले की जांच जेल अधीक्षक ने शुरू कर दी है। जेल अधीक्षक ने बताया कि पता किया जा रहा है कि वह कब आंखों में धूल झोंककर छुपे थे। कहीं, उनके इस प्रयास के पीछे किसी और का तो हाथ नहीं हैं?


स्वतंत्रता दिवस पर महिला समेत चार हो सकते हैं रिहा 
स्वतंत्रता दिवस पर जिला जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रही महिला समेत चार कैदियों को रिहा किया जा सकता है। जेल अधीक्षक एके मिश्रा ने बताया कि हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे सीपरी बाजार रमपुरा निवासी पंचम, प्रेमनगर के प्रताप पुरा नगरा निवासी पृथ्वीराज, प्रेम नगर सूरदास मंदिर निवासी दिनेश और बरुआसागर के मातनवाना मोहल्ला निवासी मक्खन देवी को रिहा करने का प्रस्ताव जिलाधिकारी ने शासन को भेज दिया है। 14 अगस्त तक फैसला उनके पास आ जाएगा। आदेश मिलने पर 15 अगस्त को चारों को रिहा कर दिया जाएगा।
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