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क्राइम: चेन स्नैचिंग

Mon, 21 Aug 2017 07:55 PM IST
Updated Mon, 21 Aug 2017 07:55 PM IST
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क्राइम: चेन स्नैचिंग
श्रेणी - अपराध
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जरायम की दुनिया के नये खिलाड़ी दे रहे चुनौती
सब हेड... पुलिस नजर में चढ़े हैं पुराने अपराधी
- सरे राह दिन दहाड़े दिया जा रहा घटनाओं को अंजाम
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बदमाश शहर में एक के बाद एक ताबड़तोड़ ढंग से आपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। बावजूद, तमाम कोशिशों के बाद भी पुलिस इन पर अंकुश नहीं लगा पा रही है। जरायम की दुनिया के नये खिलाड़ी पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं। वह बेखौफ अंदाज में दिन दहाड़े सरे राह घटनाओं को अंजाम देते आ रहे हैं। अपराधों पर अंकुश लगाने की पुलिस की योजनाएं पस्त सी दिखाई दे रही हैं।
किसी भी आपराधिक वारदात के घटित होने के बाद पुलिस की नजर सबसे पहले पुराने चिह्नित बदमाशों पर पड़ती है। इन बदमाशों से पूछताछ कर सुरागकशी की कोशिश की जाती है, लेकिन ज्यादातर मामलों में पुलिस के हाथ खाली ही रह जाते हैं। बावजूद, पुलिस पुराने बदमाशों पर नजर जमाए रहती है। पुलिस यह रणनीति कारगर साबित होती नजर नहीं आ रही है। सूत्रों के अनुसार हाल ही में एक के बाद एक सामने आ रहीं चेन स्नैचिंग, छिनैती जैसी घटनाओं के पीछे नये बदमाशों का हाथ है। यह वह युवा हैं, जिन्होंने कम समय में अधिक पैसा कमाने की चाह में अपराध की दुनिया में कदम रख दिया है। इनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, जिससे यह आसानी से पुलिस से बच जाते हैं। इसके अलावा पुलिस का मुखबिर तंत्र भी कमजोर हुआ है, जिससे इनकी सुरागकशी और भी मुश्किल हो गई है।
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एफआईआर दर्ज न करना बड़ा कारण
अपराधों को कम दिखाने के चक्कर में थानों में वारदातों की एफआईआर दर्ज नहीं की जाती है। यह स्थिति अपराधियों के लिए एकदम मुफीद साबित हो रही है। यदि पुलिस एफआईआर दर्ज करेगी, तो उस पर अपराधी को पकड़ने का दबाव भी रहेगा, लेकिन जब रिपोर्ट ही नहीं लिखी जाएगी तो बदमाशों को पकड़ना दूर की बात है। इसके अलावा अपराधों की प्रकृति को देखकर यह अंदाजा है कि इसे नये लोग अंजाम दे रहे हैं। ऐसे में पुलिस को खासा सतर्क रहने की जरूरत है। जबकि, पुलिस की नजर में केवल हार्ड क्रिमिनल ही रहते हैं। पुलिस को संवेदनशील स्थानों का चयन कर गश्त बढ़ानी होगी। अपराध नियंत्रण में बढ़ी जिम्मेदारी बीट के सिपाही को अदा करनी होगी।
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- ए के हिंगवासिया, रिटायर्ड डिप्टी एसपी

जल्द होगा नियंत्रित होंगे अपराध
अपराधी पुलिस की नजर में हैं। उन पर शिकंजा कसने की दिशा में पुलिस लगातार काम कर रही है। बदमाशों की पहचान भी हो गई है। जल्द वह पुलिस की पकड़ में होंगे।
- देवेश कुमार पांडेय, एसपी सिटी
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