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जलसंस् थान में वितीय अनियमिताओं की जांच-City

Fri, 24 Aug 2018 07:28 PM IST
Updated Fri, 24 Aug 2018 07:28 PM IST
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जलसंस्
थान में वितीय अनियमिताओं की जांच-City

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विजिलेंस जांच में 86 अधिकारी, कर्मचारी और 26 फर्मों पर आंच
- जलसंस्थान में वित्तीय अनियमितताओं की जांच
- मुख्यालय भेजी गई सूची, रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) द्वारा जलसंस्थान में व्याप्त वित्तीय अनियमितताओं के अभिलेखों के आधार पर 86 अधिकारी और कर्मचारियों को चिह्नित किया है, जो प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से इनमें शामिल हैं। सामग्री आपूर्ति और मरम्मत कार्य करने वाली 26 फर्मों को भी चिह्नित किया गया है। विजिलेंस मुख्यालय सूची भेज दी गई है।
जलसंस्थान में एक अप्रैल 2005 से 31 मार्च 2017 तक के भुगतानों में हुए वित्तीय अनियमितताओं की जांच सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) कर रहा है। जलसंस्थान महाप्रबंधक ने विजिलेंस को सवा लाख पन्नों का जो रिकार्ड उपलब्ध कराया है, उस हिसाब से शासन ने उक्त अवधि में 508 करोड़ रुपये का बजट दिया। इसमें 126 करोड़ रुपये सामग्री आपूर्ति और 292 करोड़ रुपये का मरम्मत काम किया गया। बाकी बजट वेतन, पेंशन और अन्य भुगतानों पर खर्च किया गया।
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हालांकि, जल संस्थान ने अभी तक विजिलेंस को पिछले चार साल के कार्यों के ही एस्टीमेट दिए हैं, इस कारण विजिलेंस बार-बार बाकी सालों के एस्टीमेट भी मांग रहा है। विजिलेंस 30 अप्रैल से 11 जुलाई के बीच तत्कालीन महाप्रबंधक जवाहर से नौ बार और वर्तमान महाप्रबंधक राजेश कुमार यादव से 19 बार पत्र लिखकर बाकी सालों के एस्टीमेट मांग चुकी है। हालांकि, विजिलेंस ने इस अनियमितता में शामिल सभी अधिकारी, कर्मचारी और फर्मों की सूची तैयार कर ली है, जिनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
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इस संबंध में विजिलेंस निरीक्षक आरके सिंह ने बताया कि शासन से पत्र आने के बाद भी जलसंस्थान एस्टीमेट का रिकार्ड उपलब्ध नहीं करा रहा है। इस अनियमितता में शामिल सभी की सूची तैयार कर ली गई हैं, जिसको लखनऊ मुख्यालय कार्यालय भेज दिया गया है। मुख्यालय से निर्देश मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।


सूची में इनके नाम
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विजिलेंस की जारी सूची में तत्कालीन महाप्रबंधक जेडआर सिद्दीकी, आईडी पांडे, पीएन सिंह यादव, रतनलाल, आरपी वर्मा, वीएन द्विवेदी, प्रशासनिक अधिकारी वीसी पाराशर, वित्त प्रबंधक आरएस मिश्रा, एके जायसवाल, अजय प्रताप सिंह, उमाशंकर हयारण, विलोक कुमार चौबे, मोहम्मद शफीक, अधिशासी अभियंता आरएस यादव, आलोक कुमार शर्मा, अनिल कुमार जायसवाल, हरिश्चंद्र वाल्मीकि, आरएस चौधरी, सुरेश चंद्र, डीआर सिरौठिया, आरएस कनौजिया, रघुवेंद्र कुमार, आरएस सक्सेना, वीके पांडे, डीपी सिंह, मनोज कुमार आर्या, रमेश चंद्र पांडे, सहायक अभियंता सीताराम साहू, राकेश उपाध्याय, राधेश्याम, संघभूषण, राजीव भटनागर, अवर अभियंता पीके यादव, एससी चौहान, अनिल कुमार, मोहम्मद एहसान उलहक, रामसुभग वर्मा, डीएस बाजपेयी, एमपी सिंह, मोहम्मद यूनुस, विमल कुमार श्रीवास्तव, अविनाश श्रीवास्तव, रामयादव, केके शर्मा रामस्वरूप गौड़, आईपी सिंह, केपी शुक्ला, रघुराज सिंह, गंगासागर, बीपी सिंह, राजेंद्र कुमार व्यास, केपी सिंह, ज्ञानमणि श्रीवास्तव, आरपी वर्मा, जगपाल यादव, सुरेशचंद्र सचान, वीडी वर्मा, महेश चंद्र जरारी, सुधीर अग्रवाल, आरएल मौर्या, विजय बहादुर सिंह, केएसएस सिद्दीकी, भरत कुमार तिवारी, अनवर कमाल, शशिकुमार गुप्ता, रामदरस सिंह, एमएल कुलश्रेष्ठ, ज्योति शंकर चौबे, चंद्रभान यादव, संजय कुमार निरंजन, वीके श्रीवास्तव, इंद्रपाल सिंह, डीपी राय, लेखाकार एससी जैन, एसबी वर्मा, आरके गुप्ता, एके खरे, बीडी गुप्ता, एमएस मंसूरी, ओपी श्रीवास्तव, मनीष अग्रवाल, एसडी शर्मा, एम रफीक के नाम है।


इन फर्मों का नाम
कानपुर की सौम्या ट्रैडर्स, सारांश केमिकल वकर्स् सारांश इंटरप्राइजेेज, राज ट्रेडिंग कारपोरेशन, लखनऊ की डॉलफिन इंजीनियरिंग, रैंबो सॉल्यूशन, सारा इंटरप्राइजेज, शाह एंड कंपनी, उरई की वैशाली इंटरप्राइजेज, शुभम पंप इंटर प्राइजेज, झांसी की आरके सप्लायर्स, सेजवार ट्रेडिंग कारपोरेशन, प्रगति इंटरप्राइजेज, शिव ट्रेडर्स, माही इंटरप्राइजेज, सांईबाबा इंटर प्राइजेज, धर्मेंद्र एंड संस, सिंह एंड कंपनी, एचीवर्स इंजीनियरिंग एंड कांट्रेक्टर, जय मां दुर्गा ट्रेडिंग के नाम है।
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