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24 घंटे गुजरने के बाद भी दर्ज नहीं हुई लूट की रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jun 2016 12:11 AM IST
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police, jhansi news
- फोटो : demo
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झांसी। नवाबाद के कोछाभांवर में शनिवार को बच्चों को उनका मामा बताकर घर में घुसे बदमाशों द्वारा की गई लूट की जांच 24 घंटे गुजरने के बाद भी पुलिस पूरी नहीं कर सकी है। इससे पुलिस ने न तो रिपोर्ट दर्ज की और न लुटेरों को तलाशना शुरू किया है। जबकि, बच्चों ने बदमाशों का हुलिया भी पुलिस को बता दिया है।
कोछाभांवर निवासी संदीप व उसकी पत्नी काम पर गए थे। दोपहर में बेटी मोनिका व पुत्र प्रिंस आंगनबाड़ी केंद्र से पढ़कर घर लौट रह थे। रास्ते में दो बदमाशों ने बच्चों को रोका और स्वयं को रिश्ते का मामा बताया। बदमाश झांसे में लेकर दोनों बच्चों को बाइक से घर आए।
कमरे में दोनों को बंद करके तमंचे के बल पर दो मंगलसूत्र, बीजासेन, चांदी की हाफ पेटी व 12 हजार रुपये लूट ले गए। पीड़ित दंपति की सूचना पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और मौका मुआयना किया।
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वारदात को संदेह की नजर से देखने वाली पुलिस ने बच्चों को चौकी पर बुलाकर अलग से पूछताछ की। बच्चों ने बदमाशों का हुलिया बताते हुए पूरा घटनाक्रम बताया। बावजूद इसके पुलिस वारदात मानने को तैयार नहीं है। पुलिस ने पीड़ित दंपति से तहरीर लेकर रिपोर्ट दर्ज कराने का आश्वासन दिया है, मगर रविवार तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
चौकी इंचार्ज ओपी यादव का लूट नहीं मानने के बारे में तर्क है कि दोनों बच्चों की कहानी गले नहीं उतर रही है। यह बात सही है कि घर में चोरी हुई है, मगर जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। जबकि, थानाध्यक्ष का कहना है कि जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
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कोछाभांवर निवासी संदीप व उसकी पत्नी काम पर गए थे। दोपहर में बेटी मोनिका व पुत्र प्रिंस आंगनबाड़ी केंद्र से पढ़कर घर लौट रह थे। रास्ते में दो बदमाशों ने बच्चों को रोका और स्वयं को रिश्ते का मामा बताया। बदमाश झांसे में लेकर दोनों बच्चों को बाइक से घर आए।
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कमरे में दोनों को बंद करके तमंचे के बल पर दो मंगलसूत्र, बीजासेन, चांदी की हाफ पेटी व 12 हजार रुपये लूट ले गए। पीड़ित दंपति की सूचना पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और मौका मुआयना किया।
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वारदात को संदेह की नजर से देखने वाली पुलिस ने बच्चों को चौकी पर बुलाकर अलग से पूछताछ की। बच्चों ने बदमाशों का हुलिया बताते हुए पूरा घटनाक्रम बताया। बावजूद इसके पुलिस वारदात मानने को तैयार नहीं है। पुलिस ने पीड़ित दंपति से तहरीर लेकर रिपोर्ट दर्ज कराने का आश्वासन दिया है, मगर रविवार तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
चौकी इंचार्ज ओपी यादव का लूट नहीं मानने के बारे में तर्क है कि दोनों बच्चों की कहानी गले नहीं उतर रही है। यह बात सही है कि घर में चोरी हुई है, मगर जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। जबकि, थानाध्यक्ष का कहना है कि जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।