फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   खनन के लिए जा रहा था विस्फोटक

खनन के लिए जा रहा था विस्फोटक

Tue, 22 Aug 2017 01:51 AM IST
Updated Tue, 22 Aug 2017 01:51 AM IST
विज्ञापन
खनन के लिए जा रहा था विस्फोटक
खनन के लिए जा रहा था विस्फोटक
विज्ञापन

बीना से लाया जा रहा विस्फोटक
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
थाना जाखलौन क्षेत्र में पत्थर की अत्यधिक खदानें होने और मध्यप्रदेश सीमा से सटे होने के कारण विस्फोटक सामग्री का कारोबार काफी समय से होता चला आ रहा है। सोमवार को गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने बताया कि यह विस्फोटक धौर्रा चौकी क्षेत्र के मादौन गांव निवासी सुरेंद्र मिश्रा ने बीना से लोड करवाया था और खदानों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी थी। पुलिस अब सुरेंद्र मिश्रा की तलाश में जुट गई है और आरोपियों से पूछताछ करनी शुरू कर दी है।
नब्बे रुपये में होती है एक ब्लास्टिंग
जाखलौन क्षेत्र में ट्रैक्टर और कंप्रेशर धारक खदान धारकों और अवैध खनन कर्ताओं से एक ब्लास्टिंग करने के लिए नब्बे रुपये लेते हैं। इसमें दस रुपये का डेटोनेटर, बीस रुपये का शेल व छेद करने के लिए साठ रुपये लिए जाते हैं। एक खदान में बिना किसी परमीशन के प्रतिदिन करीब सौ व डेढ़ सौ ब्लास्टिंग की जाती है। ब्लास्टिंग करने वाले कारोबारी इस काम में इतने पारंगत हो चुके हैं कि वह प्रतिदिन कंप्रेशर के माध्यम से साढ़े तीन से साढ़े छह फुट तक विड या वर्मा से छेद कर इसमें एक डेटोनेटर व एक शेल का लगाकर काली मिट्टी से छेद को भर देते हैं। इस प्रकार एक खदान में लगाए गए विस्फोटकों को एक दूसरे से जोड़कर एक साथ ब्लास्टिंग करते हैैं।
विज्ञापन

सप्लाई लेने वाली खदानों का नहीं चला पता
जाखलौन थाना क्षेत्र में कई बार अवैध रूप से लाई जा रही विस्फोटक सामग्री को पकड़ा गया है। लेकिन किन खदानों में इसे सप्लाई किया जाना था यह पता नहीं चल पाया है। खनन के पट्टे लेकर खनन करने वाले कारोबारियों के अपने कंप्रेशर हैं, जिससे वह सीधे सप्लायर से विस्फोटक सामग्री मंगाकर खदानों में विस्फोट कर लेते हैं। जबकि अवैध खनन कर्ताओं को अवैध रूप से ही विस्फोटकों की आवश्यकता होती है। जाखलौन थानाध्यक्ष श्यामवृत सिंह ने बताया कि पकड़े गए दोनों आरोपियों ने खदान में सप्लाई करना तो स्वीकार किया है, लेकिन किन खदानों में इसे सप्लाई किया जाना था यह नहीं बताया है। सुरेंद्र मिश्रा के पकड़े जाने पर ही पता चल पाएगा कि किन खदानों में इसे सप्लाई किया जाना था।
विज्ञापन
विज्ञापन

आठ सौ फीट तक हो सकता था खनन
बरामद किए गए विस्फोटक से आठ सौ फीट तक खनन किया जा सकता है। जानकारों की मानें तो दो सौ फीट तक खनन करने के लिए सौ डेटोनेटर और सौ शेल की आवश्यकता होती है। जिले में विस्फोटकों का एक भी अधिकृत विक्रेता न होने के कारण अधिकांश विस्फोटक बीना से ही मंगाए जाते हैं। जहां से धौर्रा चौकी क्षेत्र लगा होने के कारण अवैध रूप से भी विस्फोटक सामग्री आसानी से लाई जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed