फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   2.08 million Back in 07 day

07 दिन में 2.08 लाख करवाए वापस

Sun, 05 Jul 2015 11:44 PM IST
झांसी / ब्यूरो
झांसी / ब्यूरो Updated Sun, 05 Jul 2015 11:44 PM IST
विज्ञापन
यदि आपके खाते से जालसाजी करके रुपये निकल गए हैं, तो घबराए नहीं। तत्काल बैंक को सूचना देकर जिला पुलिस की साइबर सैल को सूचित करें। यदि दो घंटे में आप पहुंच जाएंगे तो खाते से निकले रुपये लौट सकते हैं अन्यथा भटकते ही रहेंगे। जी हां, सात दिन के अंदर आठ लोगों के खाते से निकाले गए 2.08 लाख रुपये लौट आए हैं।
विज्ञापन

जालसाजी करके लोगों से एटीएम कार्ड के 16 नंबरों की डिजिट पूछकर सेकेंडों में एकाउंट से हजारों रुपये की ऑन लाइन शॉपिंग करने के मामले दिन पर दिन बढ़ रहे हैं। इसके चलते एसएसपी किरण एस ने साइबर सैल जालसाजों से पीड़ितों को राहत दिलाने की दिशा में प्रोग्राम बनाने के निर्देश दिए। साइबर सैल ने फोन से जालसाजी करने वालों से लोगों को राहत दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कामयाबी हासिल कर ली है। जिसके तहत विगत सात दिन के अंदर तमाम लोगों को राहत मिली है।
विज्ञापन

जालसाजों ने खुमान चंद्र के खाते से तीन बार 32 हजार, 2990, 26500, नित्यानंद के खाते से 2790 व 5000, सौरभ चतुर्वेदी के खाते से 8425, नफीस अहमद के खाते से तीन व 15 हजार रुपये, धरम चड्ढा के खाते से 9510 व 9990, बृजलाल के खाते से 38 हजार, सीताराम एडवोकेट के खाते से 48848, अनूप शुक्ला के खाते से छह हजार रुपये की सेकेंडों में खरीददारी करके रुपये निकाल लिए। पीड़ित मदद के लिए साइबर सैल पहुंचे तो एक्सपर्ट ने नेट के खरीदे गए सामान की डिलेवरी स्टाप करवाकर खाते से निकले रुपये वापस करवा दिए हैं। यानी 2.08 लाख रुपये जालसाजों से निकलवाने में साइबर सैल कामयाब हो गई है। इसलिए यदि आपके खाते से आन लाइन खरीददारी हो जाती है, तो तुरंत बैंक को सूचना दें ताकि खाते से रुपये निकलने का क्रम रुके। इसके बाद साइबर सैल में आकर सूचित करें, जिससे खाते से निकले रुपये वापस आ सकें। यदि आपको दो घंटे से ज्यादा समय हो जाता है, तो फिर रुपये वापस मिलने की संभावना कम है।
विज्ञापन
विज्ञापन


आर्डर निरस्त करवाती है पुलिस
साइबर सैल ठगी करने वाले मोबाइल नंबर को आधार बनाकर उस कंपनी तक पहुंच जाती है, जहां से खरीददारी की गई होती है। पुलिस कंपनी को बताती है कि ठगी करके खाते से निकाले गए रुपयों से डिलीवरी बुक गई है, इसलिए आर्डर निरस्त कर दिया जाए। आर्डर के निरस्त होते ही जिस खाते से रुपये निकलते हैं, उस खाते में कंप्यूटर के माध्यम से रुपये वापस आ जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed