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क्राइम - पति ने पत्नी को जमीन में गाढ़ा-City
Updated Sun, 01 Apr 2018 09:08 PM IST
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नशेड़ी ने पत्नी की हत्या कर दफनाया
बालू के ढेर में दबी मिली बेटी और बेटे को, रिपोर्ट दर्ज
- गले पर थे रस्सी से कसकर मारने के निशान
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
कोतवाली इलाके के बड़ागांव गेट बाहर श्मशान के पास रहने वाले नशेबाज ने अपनी पत्नी को पीटकर घर में ही बालू के ढेर में दफना दिया। रविवार सुबह जब बच्चों ने उसकी तलाश की तो वह ढेर में दबा उसका शव मिला। मौके पर पहुंची पुलिस ने बताया कि महिला को गले में रस्सी से कसकर बांधकर मारा गया है। आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
बड़ागांव गेट बाहर श्मशान के पास एक घर में बच्चों की सीखें सुनकर आस पड़ोस के लोग एकत्र हो गए। छत से झांकने पर उनकी गोद में उनकी मां का सिर था तथा घर के बाहर ताला लटका हुआ था। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घर का ताला तोड़कर अंदर पहुंचे। अंदर का मंजर देख सभी हतप्रभ रह गए। पूछताछ करने पर 11 वर्षीय शिल्पी ने बताया कि शनिवार की रात साढ़े आठ बजे उसकी मां सीमा (35) घर के बाहर सो रही थी। वह रात में जागी तो उसने मां को अंदर आ कर सोने के लिए कहा पर उसने इंकार कर दिया। मां के पास उसका पिता अशोक भी उस वक्त मौजूद थे।
रविवार सुबह साढ़े चार बजे पानी भरने के लिए वह उठी तो घर बाहर से बंद था। उसने मां को घर के अंदर तलाश किया पर वह नहीं मिली। किसी प्रकार से वह छत पर चढ़ी और मां को आवाज दी। उसे देख छोटा भाई सनी (8) भी मां को तलाशने में जुट गया और छत पर चढ़ने के लिए अंदर पर बालू के ढेर पर चढ़ गया। ढेर के ऊपर पैर रखते ही उसके अंदर दबे शव पर उसका पैर रखा तो ढेर में छिपा सिर बाहर दिखने लगा। यह देख बच्चे मां से लिपटकर रोने लगे।
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पुलिस ने शव के गर्दन पर रस्सी के निशान पाए, जिससे स्पष्ट था कि उसके गले में रस्सी बांधकर उसे मौत के घाट उतारा गया है। पुलिस ने शिल्पी के बयान पर आरोपी पिता अशोक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी।
घरों में काम करती थी
शिल्पी ने बताया कि उसकी मां घरों में मजदूरी (चौका-बर्तन) कर भरण पोषण करती थी। पिता भी मजदूरी करता था, पर कमाए गए रुपयों को नशे में उड़ा देता था। जब कभी काम नहीं मिलता था तो अपने नशे को पूरा करने के लिए सीमा को पीटता था और जबरन जोड़े रुपये ले जाता था। कई बार विरोध करने पर उसने बच्चों को भी पीटा। पिता की इन हरकतों के बावजूद वह उनके लालन-पालन में कोई कमी नहीं रखती थी। यही बात उसके पिता को बुरी लगती थी। उसके अलावा घर में उसके दो भाई आठ साल का सनी, ढाई साल का मुकुंद और चार साल की बहन शानवी है।
मां साथ सोती, तो जिंदा होती
पुलिस को घटनाक्रम बताने के बाद शिल्पी फूट-फूटकर रोते हुए कहने लगी कि काश उसकी मां, रात में उनके साथ सोती तो जिंदा होती। घटना के बाद शिल्पी अपने दो भाई और एक बहन के क्रंदन देख खुद को संभालकर तीनों को शांत कराने के लिए उन्हें बहला रही थी। जिसमें से ढाई साल का भाई मुकुंद मां की गोद पाने के लिए बिलख रहा था।
मुकुंद को रात में बेरहमी से पीटा
हत्यारोपी कितना बेरहम था इसका अंदाजा उसके बेटे मुकुंद को देखकर ही लगाया जा सकता है। मुकुंद के सिर पर जख्म थे। पूछे जाने पर शिल्पी ने बताया कि शनिवार की शाम को पिता ने शराब के नशे में उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी थी। इससे उसके सिर पर चोट आ गई। इतना ही नहीं शिल्पी ने बताया कि कुछ दिन पहले मां से शराब के लिए रुपये मांगने पर पिता ने उन्हें बेरहमी से पीटा था। बीचबचाव करने पर उसे भी पीटा और उसे जलाने का प्रयास किया था। वह तो शुक्र था कि मां ने उसके कपड़ों में लगी आग को किसी प्रकार से बुझा दिया था।
सीमा का हुआ था दूसरा विवाह
सीमा की मां कुसुम ने बताया कि सीमा का अशोक के साथ दूसरा विवाह हुआ था। 10 साल पहले उसके पहले पति रामनरेश की टीबी की बीमारी के कारण मौत हो गई थी। उस वक्त दोनों के दो बच्चे थे शिल्पी और सनी। दूसरी शादी अशोक से होने के बाद उसके दो बच्चे मुकुंद और शानवी हुए।
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नशेड़ी ने पत्नी की हत्या कर दफनाया
बालू के ढेर में दबी मिली बेटी और बेटे को, रिपोर्ट दर्ज
- गले पर थे रस्सी से कसकर मारने के निशान
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
कोतवाली इलाके के बड़ागांव गेट बाहर श्मशान के पास रहने वाले नशेबाज ने अपनी पत्नी को पीटकर घर में ही बालू के ढेर में दफना दिया। रविवार सुबह जब बच्चों ने उसकी तलाश की तो वह ढेर में दबा उसका शव मिला। मौके पर पहुंची पुलिस ने बताया कि महिला को गले में रस्सी से कसकर बांधकर मारा गया है। आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
बड़ागांव गेट बाहर श्मशान के पास एक घर में बच्चों की सीखें सुनकर आस पड़ोस के लोग एकत्र हो गए। छत से झांकने पर उनकी गोद में उनकी मां का सिर था तथा घर के बाहर ताला लटका हुआ था। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घर का ताला तोड़कर अंदर पहुंचे। अंदर का मंजर देख सभी हतप्रभ रह गए। पूछताछ करने पर 11 वर्षीय शिल्पी ने बताया कि शनिवार की रात साढ़े आठ बजे उसकी मां सीमा (35) घर के बाहर सो रही थी। वह रात में जागी तो उसने मां को अंदर आ कर सोने के लिए कहा पर उसने इंकार कर दिया। मां के पास उसका पिता अशोक भी उस वक्त मौजूद थे।
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रविवार सुबह साढ़े चार बजे पानी भरने के लिए वह उठी तो घर बाहर से बंद था। उसने मां को घर के अंदर तलाश किया पर वह नहीं मिली। किसी प्रकार से वह छत पर चढ़ी और मां को आवाज दी। उसे देख छोटा भाई सनी (8) भी मां को तलाशने में जुट गया और छत पर चढ़ने के लिए अंदर पर बालू के ढेर पर चढ़ गया। ढेर के ऊपर पैर रखते ही उसके अंदर दबे शव पर उसका पैर रखा तो ढेर में छिपा सिर बाहर दिखने लगा। यह देख बच्चे मां से लिपटकर रोने लगे।
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पुलिस ने शव के गर्दन पर रस्सी के निशान पाए, जिससे स्पष्ट था कि उसके गले में रस्सी बांधकर उसे मौत के घाट उतारा गया है। पुलिस ने शिल्पी के बयान पर आरोपी पिता अशोक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी।
घरों में काम करती थी
शिल्पी ने बताया कि उसकी मां घरों में मजदूरी (चौका-बर्तन) कर भरण पोषण करती थी। पिता भी मजदूरी करता था, पर कमाए गए रुपयों को नशे में उड़ा देता था। जब कभी काम नहीं मिलता था तो अपने नशे को पूरा करने के लिए सीमा को पीटता था और जबरन जोड़े रुपये ले जाता था। कई बार विरोध करने पर उसने बच्चों को भी पीटा। पिता की इन हरकतों के बावजूद वह उनके लालन-पालन में कोई कमी नहीं रखती थी। यही बात उसके पिता को बुरी लगती थी। उसके अलावा घर में उसके दो भाई आठ साल का सनी, ढाई साल का मुकुंद और चार साल की बहन शानवी है।
मां साथ सोती, तो जिंदा होती
पुलिस को घटनाक्रम बताने के बाद शिल्पी फूट-फूटकर रोते हुए कहने लगी कि काश उसकी मां, रात में उनके साथ सोती तो जिंदा होती। घटना के बाद शिल्पी अपने दो भाई और एक बहन के क्रंदन देख खुद को संभालकर तीनों को शांत कराने के लिए उन्हें बहला रही थी। जिसमें से ढाई साल का भाई मुकुंद मां की गोद पाने के लिए बिलख रहा था।
मुकुंद को रात में बेरहमी से पीटा
हत्यारोपी कितना बेरहम था इसका अंदाजा उसके बेटे मुकुंद को देखकर ही लगाया जा सकता है। मुकुंद के सिर पर जख्म थे। पूछे जाने पर शिल्पी ने बताया कि शनिवार की शाम को पिता ने शराब के नशे में उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी थी। इससे उसके सिर पर चोट आ गई। इतना ही नहीं शिल्पी ने बताया कि कुछ दिन पहले मां से शराब के लिए रुपये मांगने पर पिता ने उन्हें बेरहमी से पीटा था। बीचबचाव करने पर उसे भी पीटा और उसे जलाने का प्रयास किया था। वह तो शुक्र था कि मां ने उसके कपड़ों में लगी आग को किसी प्रकार से बुझा दिया था।
सीमा का हुआ था दूसरा विवाह
सीमा की मां कुसुम ने बताया कि सीमा का अशोक के साथ दूसरा विवाह हुआ था। 10 साल पहले उसके पहले पति रामनरेश की टीबी की बीमारी के कारण मौत हो गई थी। उस वक्त दोनों के दो बच्चे थे शिल्पी और सनी। दूसरी शादी अशोक से होने के बाद उसके दो बच्चे मुकुंद और शानवी हुए।