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क्राइम - काले कोट की भूमिका में नजर आएगी पुलिस-Dehat

Mon, 07 Jan 2019 01:35 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 07 Jan 2019 01:35 AM IST
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क्राइम - काले कोट की भूमिका में नजर आएगी पुलिस-Dehat
अब मोस्ट वांटेड अपराधियों के मुकदमों में होगी प्रभावी पैरवी
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झांसी। जिले के मोस्ट वांटेड अपराधियों के मुकदमों में अब प्रभावी ढंग से पैरवी होगी। सबूतों और गवाहों के अभाव में कुख्यात बरी न हो पाएं, इसके लिए पुलिस विभाग ने मॉनीटरिंग सेल गठित की है। सेल कुख्यात अपराधियों के मुकदमे की हर तारीख पर नजर रखेगी। गवाहों से लगातार संपर्क में रहकर केस के बारे में लगातार चर्चा करेंगे। बदमाशों के दबाव में आकर गवाह अदालत में मुकर न जाएं, इसके लिए न सिर्फ उनका मनोबल बढ़ाएगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर उन्हें सुरक्षा दिलवाने में मदद करेगी।
जरायम की दुनिया में कई ऐसे नाम हैं, जिनके खिलाफ कोई गवाही नहीं देना चाहता, जबकि कइयों ने गवाही होने से पहले ही गवाहों को धमकाया। समय-समय पर पुलिस के सामने इस तरह के मामले आते भी हैं। सबूत के अभाव में कई अपराधी अदालत से बरी कर दिए गए। शायद यही कारण है कि अपराधियों का मनोबल बढ़ा रहता है। इसको ध्यान में रखते हुए जिले में अलग से पैरवी सेल का गठन किया गया। जो अदालतों में चल रहे बड़े मुकदमों की पैरवी, तय समय पर गवाहों की गवाही उनकी सुरक्षा सहित अन्य के लिए विशेषतौर पर अलग से पैरवी करेंगे। डीजीपी के निर्देश के बाद गठित इस सेल में तैनाती भी कर दी गई है। इन्हें अभी जिले के टॉप टेन बदमाशों, दुष्कर्म, लूट और पास्को एक्ट के मुकदमों की पैरवी कर आरोपियों को सजा दिलवाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस सेल में तैनात लोगों का प्रमुख कार्य बड़े अपराधियों के खिलाफ और चर्चित मुकदमों की पैरवी करना है।
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सेल का प्रभारी इंस्पेक्टर रैंक के एक अधिकारी को बनाया गया है। उनके सहयोग में एक सब इंस्पेक्टर और दो या तीन कांस्टेबल या हेड कांस्टेबल को नियुक्त किया गया है। सेल का पर्यवेक्षण जिले के पुलिस कप्तान डॉ. ओपी सिंह व एसपी देहात राहुल मिठास करेंगे। मॉनीटरिंग सेल को कई जिम्मेदारियां दी गई हैं।
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इस सेल में जघन्य अपराध से संबंधित ऐसे सभी मुकदमों को सूचीबद्ध करना भी शामिल है, जिनमें गुणात्मक विवेचना हुई हो एवं विवेचना के बाद मुकदमा कोर्ट में ट्रायल के लिए लंबित है। आम जनता में कुख्यात माने जाने वाले अपराधियों के मुकदमों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। यह सूची नामवार व सर्किलवार तैयार की जाएगी, जिसका रखरखाव सूची बनाकर हो। पैरवी रजिस्टर बनाकर की जाएगी। सभी संबंधित पैरोकार ऐसे सूचीबद्ध मुकदमों की सूची इस सेल से प्राप्त कर अपने रजिस्टर में सुस्पष्ट रूप से दर्ज करेंगे कि कुल गवाहों में से कितने गवाहों की गवाही हो गई है और किनकी होनी शेष है और उनकी गवाही कब नियत है। इतना ही नहीं पुलिस कप्तान इन मुकदमों के संबंध में जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) व अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) से नियमित विचार-विमर्श करेंगे।


जिले के अपराधियों सहित पास्को एक्ट की अदालत में चल रहे मामलों को तेजी से निपटाने के लिए पैरवी सेल को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जिनका प्रमुख कार्य साक्ष्य, सबूत और गवाहों को अदालत में पेशकर अपराधियों को सजा दिलवाना होगा। प्राथमिकता के आधार पर मुकदमों का काम देखा जाएगा। हर पंद्रह दिन में वह स्वयं समीक्षा करेंगे। सेल एसपी देहात के देखरेख में भी रहेगा। - डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी।
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