{"_id":"5cf2e4f6bdec22076c4ee496","slug":"155942224316-jhansi-news125","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेलवे के ग्रीन सिग्\nनल को रेड करने वाला गिरोह पकड़ा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
रेलवे के ग्रीन सिग् नल को रेड करने वाला गिरोह पकड़ा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेलवे के हरे सिग्नल को लाल करने वाला गिरोह पकड़ा
झांसी। रेलवे के सिग्नल में सेंध लगाने वाले गिरोह के दो सदस्यों को ग्वालियर आरपीएफ ने पकड़ा, जबकि तीन साथी भाग निकले। पकड़ा गया गिरोह लूटपाट करने के लिए ग्वालियर से आगरा व झांसी के बीच हरे सिग्नल को लाल करता था। इसके लिए सिग्नल पर चढ़कर कपड़ा लगाकर बैटरी के सहारे एलईडी लगाकर लाल किया जाता था। पुलिस ने दो साथियों से पूछताछ कर जेल भेेज दिया है, जबकि फरार चल रहे तीन साथियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने दोनों के पास से बैटरी, एलईडी, कपड़ा, रस्सी व बिजली के तार बरामद किए हैं।
30 मई की रात एक मालगाड़ी आगरा से चलकर झांसी की तरफ आ रही थी। इसी बीच ग्वालियर सेक्शन के बानमोर व साक स्टेशन के मध्य मालगाड़ी को निकलने के लिए हरा सिग्नल मिला। इसी बीच चालक सामने लाल सिग्नल देख घबरा गया। चालक ने तुरंत वॉकी - टॉकी के जरिये नूराबाद स्टेशन मास्टर से जानकारी ली, जहां उनको बताया गया कि उनकी ट्रेन का सिग्नल हरा है और मालगाड़ी किसी भी कीमत पर न रोककर सीधे निकाली जाए, क्योंकि पीछे एक्सप्रेस ट्रेन आ रही है। माजरा जानकर स्टेशन मास्टर भी सतर्क हो गए। उन्होंने तुरंत अधिकारियों के साथ आरपीएफ को सूचना दी। उनका इरादा ट्रेनों को रोककर लूटपाट करने का था।
अचानक सिग्नल लाल होने पर अधिकारियों के साथ आरपीएफ के भी कान खड़े हो गए। आरपीएफ कमांडेंट यूके तिवारी ने सतर्कता बरतने के निर्देश दिए थे। बीती रात सेक्शन में एसआई अमित मीणा, केदार मीणा समेत अन्य स्टाफ चेकिंग कर रहा था। इसी बीच रात करीब दो बजे नूराबाद व बानमोर के मध्य किलोमीटर 1249/1-3 सिग्नल के पास पुलिस टीम को चार पांच लोग संदिग्धावस्था में नजर आए। पुलिसकर्मियों ने देखा कि दो युवक सिग्नल पर चढ़े हैं, जो हरा सिग्नल में कुछ हेराफेरी कर रहे हैं। पुलिस कर्मियों ने ललकारते हुए पकड़ने का प्रयास किया तो सभी सामान छोड़कर भाग निकले। पुलिस ने पीछा कर दो को पकड़ लिया, जबकि तीन भाग निकले। मौके से पुलिस ने एक छोटी बैटरी, एक एलईडी लाइट, 21 मीटर बिजली का तार, 30 मीटर पतली रस्सी और तीन सिग्नल ढकने के कपड़े भी बरामद। दोनों को पकड़कर थाने लाकर पूछताछ की गई। जहां दोनों नेे बताया कि ट्रेनें रोकने के लिए सिग्नल में हेरफेर की तैयारी रखी थी। सभी का इरादा ट्रेनों को रोककर लूटपाट करने का था। पहला प्रयोग 30 मई की रात में किया था, लेकिन मालगाड़ी के चालक व स्टेशन मास्टर की सतर्कता के कारण कामयाब नहीं सके थे। दोनों ने अपने नाम जिला मुरैना के बानमोर स्थित हड्डी मिल निवासी राजू, सत्यनारायण बताए। फरार साथियों के नाम विजय, पूरण व मुरारी बताए। पुलिस ने तीनों की तलाश शुरू कर दी है।
विज्ञापन
झांसी सेक्शन में बढ़ाई गई सतर्कता
इस गिरोह के खुलासे के बाद आरपीएफ सतर्क हो गई है। आरपीएफ कमांडेंट यूके तिवारी ने झांसी के साथ ग्वालियर सेक्शन में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाने के साथ नजर रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देश दिए है कि रात के समय सेक्शन में विशेष ध्यान दिया जाए।
रेल अफसरों के साथ होगी बैठक
आरपीएफ के साथ रेलवे अधिकारियों के भी कान खड़े हो गए हैं। जल्द ही आरपीएफ व रेलवे अधिकारी बैठक करेंगे जिसमें चालकों को सिग्नल को लेकर स्टेशन मास्टर से चर्चा करने से लेकर सतर्क रहने पर भी चर्चा की जाएगी। सही समय पर पकड़े गए गिरोह के बाद आरपीफ व अधिकारियों ने राहत की सांस ली है।
विज्ञापन
झांसी। रेलवे के सिग्नल में सेंध लगाने वाले गिरोह के दो सदस्यों को ग्वालियर आरपीएफ ने पकड़ा, जबकि तीन साथी भाग निकले। पकड़ा गया गिरोह लूटपाट करने के लिए ग्वालियर से आगरा व झांसी के बीच हरे सिग्नल को लाल करता था। इसके लिए सिग्नल पर चढ़कर कपड़ा लगाकर बैटरी के सहारे एलईडी लगाकर लाल किया जाता था। पुलिस ने दो साथियों से पूछताछ कर जेल भेेज दिया है, जबकि फरार चल रहे तीन साथियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने दोनों के पास से बैटरी, एलईडी, कपड़ा, रस्सी व बिजली के तार बरामद किए हैं।
30 मई की रात एक मालगाड़ी आगरा से चलकर झांसी की तरफ आ रही थी। इसी बीच ग्वालियर सेक्शन के बानमोर व साक स्टेशन के मध्य मालगाड़ी को निकलने के लिए हरा सिग्नल मिला। इसी बीच चालक सामने लाल सिग्नल देख घबरा गया। चालक ने तुरंत वॉकी - टॉकी के जरिये नूराबाद स्टेशन मास्टर से जानकारी ली, जहां उनको बताया गया कि उनकी ट्रेन का सिग्नल हरा है और मालगाड़ी किसी भी कीमत पर न रोककर सीधे निकाली जाए, क्योंकि पीछे एक्सप्रेस ट्रेन आ रही है। माजरा जानकर स्टेशन मास्टर भी सतर्क हो गए। उन्होंने तुरंत अधिकारियों के साथ आरपीएफ को सूचना दी। उनका इरादा ट्रेनों को रोककर लूटपाट करने का था।
विज्ञापन
अचानक सिग्नल लाल होने पर अधिकारियों के साथ आरपीएफ के भी कान खड़े हो गए। आरपीएफ कमांडेंट यूके तिवारी ने सतर्कता बरतने के निर्देश दिए थे। बीती रात सेक्शन में एसआई अमित मीणा, केदार मीणा समेत अन्य स्टाफ चेकिंग कर रहा था। इसी बीच रात करीब दो बजे नूराबाद व बानमोर के मध्य किलोमीटर 1249/1-3 सिग्नल के पास पुलिस टीम को चार पांच लोग संदिग्धावस्था में नजर आए। पुलिसकर्मियों ने देखा कि दो युवक सिग्नल पर चढ़े हैं, जो हरा सिग्नल में कुछ हेराफेरी कर रहे हैं। पुलिस कर्मियों ने ललकारते हुए पकड़ने का प्रयास किया तो सभी सामान छोड़कर भाग निकले। पुलिस ने पीछा कर दो को पकड़ लिया, जबकि तीन भाग निकले। मौके से पुलिस ने एक छोटी बैटरी, एक एलईडी लाइट, 21 मीटर बिजली का तार, 30 मीटर पतली रस्सी और तीन सिग्नल ढकने के कपड़े भी बरामद। दोनों को पकड़कर थाने लाकर पूछताछ की गई। जहां दोनों नेे बताया कि ट्रेनें रोकने के लिए सिग्नल में हेरफेर की तैयारी रखी थी। सभी का इरादा ट्रेनों को रोककर लूटपाट करने का था। पहला प्रयोग 30 मई की रात में किया था, लेकिन मालगाड़ी के चालक व स्टेशन मास्टर की सतर्कता के कारण कामयाब नहीं सके थे। दोनों ने अपने नाम जिला मुरैना के बानमोर स्थित हड्डी मिल निवासी राजू, सत्यनारायण बताए। फरार साथियों के नाम विजय, पूरण व मुरारी बताए। पुलिस ने तीनों की तलाश शुरू कर दी है।
विज्ञापन
झांसी सेक्शन में बढ़ाई गई सतर्कता
इस गिरोह के खुलासे के बाद आरपीएफ सतर्क हो गई है। आरपीएफ कमांडेंट यूके तिवारी ने झांसी के साथ ग्वालियर सेक्शन में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाने के साथ नजर रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देश दिए है कि रात के समय सेक्शन में विशेष ध्यान दिया जाए।
रेल अफसरों के साथ होगी बैठक
आरपीएफ के साथ रेलवे अधिकारियों के भी कान खड़े हो गए हैं। जल्द ही आरपीएफ व रेलवे अधिकारी बैठक करेंगे जिसमें चालकों को सिग्नल को लेकर स्टेशन मास्टर से चर्चा करने से लेकर सतर्क रहने पर भी चर्चा की जाएगी। सही समय पर पकड़े गए गिरोह के बाद आरपीफ व अधिकारियों ने राहत की सांस ली है।