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क्राइम- दोनों हाथों में पिस्टल लेकर चला रहे थे गोलियां-City

Sat, 21 Jul 2018 10:36 PM IST
Updated Sat, 21 Jul 2018 10:36 PM IST
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क्राइम- दोनों हाथों में पिस्टल लेकर चला रहे थे गोलियां-City
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दोनों हाथों में पिस्टल से चला रहे थे गोलियां
सब हेड -- सिर्फ दो मिनट में बीस राउंड फायर कर भाग निकले हमलावर

- कचहरी से निकलने के बाद गाड़ी के पीछे चल रहे थे तीनों
- घटना से खौफजदा दुकानदार प्रतिष्ठान बंद कर भाग निकले
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। कचहरी से निकलने के बाद हमलावर कारोबारी संजय वर्मा की गाड़ी के पीछे चल रहे थे। बाइक पर सवार बेखौफ हमलावर दोनों हाथों में पिस्टल लिए थे और सिर्फ दो मिनट के भीतर बीस राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग कर वारदात को अंजाम दे गए। गोलियां चलती देख राहगीर अपने-अपने वाहन सड़क पर छोड़कर भाग निकले। दहशत इतनी थी कि चंद मिनट में दुकानदार भी दुकानें बंद कर भाग निकले। घटना के बाद जाम की स्थिति पैदा हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने पहुंचकर स्थिति संभाली और जाम खुलवाया।
कोतवाली के बड़ा बाजार स्थित मोहल्ला वासुदेव में रहने वाले संजय वर्मा कानपुर रोड स्थित पैट्रोल पंप के पीछे निवास करते हैं। प्रतिदिन की तरह वह अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ कचहरी में एडवोकेट अरुण दीक्षित के साथ बस्ते पर बैठे और दोपहर घर जाने के लिए कचहरी चौराहा से कुछ कदम आगे बढ़े ही थे कि तभी पीछे से बाइक सवार तीन हमलावर साथ- साथ चलने लगे। एक बाइक चला रहा था, पीछे बैठे दोनों अपने-अपने हाथों में पिस्टल लिए थे। कचहरी चौराहा पार करते ही दाएं तरफ आए हमलावरों ने गाड़ी में सवार सुरक्षा गार्ड व संजय वर्मा को संभलने का मौका नहीं दिया। हमलावरों ने दोनों हाथों से दो मिनट के भीतर बीस राउंड फायरिंग की और घटना को अंजाम देकर कानपुर रोड की तरफ भाग गए।
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सड़क पर घटना का दृश्य देख लोग सहम गए और भगदड़ मच गई। कुछ देर में कचहरी चौराहा पर दुकानदार अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद कर भाग निकले। सूचना मिलने पर डीआईजी सुभाष सिंह, जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी, सिटी मजिस्ट्रेट सीपी तिवारी, एसपी सिटी देवेश पांडेय, सीओ सिटी जितेंद्र सिंह परिहार, कोतवाल व स्वॉट टीम प्रभाराी उमेश चंद्र त्रिपाठी, नवाबाद थानाध्यक्ष शिवसहाय, प्रेमनगर थानाध्यक्ष अवध नारायण पांडेय समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। देर रात तक पड़ताल होती रही।
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पीठ में सात व सिर मेें फंसी एक गोली
हमलावर संजय वर्मा को ही निशाना बनाना चाह रहे थे। जैसे ही उन्होंने गाड़ी में पीछे बैठे संजय वर्मा की तरफ ताबड़तोड़ फायरिंग की, अचानक जय उर्फ विकास संजय वर्मा के आगे आ गया और जय कई गोलियों का शिकार हो गया। सात गोलियां उसकी पीठ व एक गोली जबड़े को चीरती हुई दिमाग में जा धंसी। आठ गोलियां लगने के बाद भी जय ने करीब आधे घंटे तक मौत से संघर्ष किया, लेकिन मेडिकल कॉलेज में उसकी सांसें थम गईं।

एक साल ही पहले ही आया था जय
संजय वर्मा के साथ एक साल पहले से जय उर्फ विकास सुरक्षागार्ड के रूप में काम कर रहा था। इसके पहले वह पढ़ाई करता था और वर्तमान में गार्ड के साथ ही वह कोचिंग कर नौकरी में जाने के लिए तैयारी कर रहा था। जय के पिता हरीओम गोस्वामी घर में ही दुकान खोले हैं। परिवार में बहन के बाद जय था। घर की जिम्मेदारी भी वह पूरी तरह उठाता था। घटना की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। मां को तो यकीन ही नहीं हो रहा था कि उसका लाल दुनिया से चला गया। मेडिकल कालेज के इमरजेंसी वार्ड में जय का शव देखकर सुधबुध खो बैठीं। बताया गया है कि जय की शादी नहीं हुई थी, लेकिन उसकी शादी की बातचीत चल रही थी।

नहीं लगे थे सीसीटीवी कैमरे
घटना स्थल के सामने मकान व कई प्रतिष्ठान हैं। घटना के बाद पड़ताल करने पहुंची पुलिस को सीसीटीवी कैमरे नहीं मिलने के कारण मायूसी उठानी पड़ी। एक मकान के बाहर जरूर सीसीटीवी कैमरा लगा था, लेकिन पेड़ की वजह से क्लीयर वीडियो भी नजर नहीं आया। मुख्य चौराहा पर सीसीटीवी कैमरे लगे होते तो पुलिस को परेशानी नहीं उठानी पड़ती।

हमलावरों ने की थी रैकी
जिस तरह से घटना को अंजाम दिया गया है, उससे पूरी तरह साफ है कि हमलावरों ने घटना को अंजाम देने से पहले कई बार रैकी की। हमलावरों को यह भी अच्छी तरह मालूम था कि जहां घटना को अंजाम देना है, वहां कैमरे उनके जद में नहीं आएंगे और ऐसे में घटना को अंजाम देकर निकलना आसान होगा। तेजी के साथ बाइक चलाने में भी हमलावर निपुण थे। लोगों के अनुसार घटना को अंजाम देने के बाद ही सेकेंडों में ही हमलावर बस स्टैंड की तरफ भाग निकले।


फोटो...

अचानक चली गोली, सिपाही को लगे छर्रें
- कड़ी सुरक्षा में रहा मेडिकल कॉलेज का इमरजेंसी वार्ड
- भीड़ से कराह उठे मरीज बिना इलाज कराए भागे
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। इमरजेंसी वार्ड में संजय वर्मा और अन्य घायलों के इलाज के दौरान अचानक एक सुरक्षागार्ड की बंदूक से गोली चल गई, जिसके छर्रें एक सिपाही को लग जाने के कारण वह चोटिल हो गया। गोली चलने की आवाज सुनकर इमरजेंसी वार्ड में भगदड़ मच गई। मरीज भी बाहर की तरफ भाग निकले। पुलिस ने किसी तरह भारी भीड़ को बाहर निकालकर स्थिति संभाली।
दोपहर करीब डेढ़ बजे घटना के बाद सभी घायलों को मेडिकल कॉलेज लाया गया। घटना की स्थिति देखते हुए मेडिकल कॉलेज के अंदर व बाहर कई थानों की पुलिस तैनात कर दी गई। इमरजेंसी वार्ड में संजय वर्मा के शुभचिंतक, रिश्तेदार व अन्य लोग मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। देखते ही देखते ही इमरजेंसी वार्ड लोगों से खचाखच भर गया। कई बार लोगों को बाहर करने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। दोपहर करीब साढ़े चार बजे इमरजेंसी वार्ड के अंदर ही अचानक सुरक्षा गार्ड की बंदूक से गोली चल गई। छर्रें निकलने के कारण एक सिपाही चोटिल हो गया। गोली चलने की आवाज सुनकर वार्ड में भगदड़ मच गई। मरीज समेत अन्य लोग दहशत के चलते बाहर निकल गए। इसके बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने सभी लोगों को जबरन बाहर निकालकर स्थिति पर काबू पाया।


चश्मदीदों ने अफसरों को किए फोन, बताए हुलिए
- पुलिस की एक टीम ने कई स्थानों पर दी दबिश
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। कचहरी चौराहा पर हुई घटना के कई चश्मदीद गवाह हैं, जो मौके पर भी मौजूद थे। कुछ चश्मदीदों ने पुलिस अधिकारियों को फोन कर हुलियों की जानकारी दी, जिस पर पुलिस टीम गोपनीय तरीके से हुलियों को जानने के बाद पड़ताल में जुट गई है। कई स्थानों पर दबिश देने के साथ ही संदिग्धों से भी पूछताछ की।
कचहरी चौराहा पर दिन भर लोगों की आवाजाही रहने के साथ ही शहर का सबसे व्यस्ततम चौराहा माना जाता है। दिनदहाड़े हुई घटना के समय कई लोग वहां मौजूद थे। घटना से चंद कदम की दूरी पर बने मंदिर व सड़क के उस तरफ खड़े लोगों ने बदमाशों को देखा। घटना के बाद जब पड़ताल करने पहुंची पुलिस ने कइयों से घटना की जानकारी ली, लेकिन कोई बोलने को तैयार नहीं हुआ। पुलिस ने नाम गोपनीय रखने का भरोसा दिलाया और चली गई। देर शाम कुछ चश्मदीदों ने एक पुलिस अधिकारी को फोन कर बदमाशों का हुलिया बताया। इसके बाद पुलिस टीम ने उक्त चश्मदीदों से संपर्क कर जानकारी हासिल की। एसपी सिटी देवेश पांडेय व सीओ सिटी जितेंद्र सिंह परिहार के नेतृत्व में गठित टीम ने देर शाम कई स्थानों पर दबिश दी। पुलिस ने यहां से कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है।

घटना के बाद जिले की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। घटना को अंजाम देकर भागे आरोपियों को दबोचने के लिए जिले की पुलिस देर रात चेकिंग अभियान में जुटी रही।
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