{"_id":"60c3b8868ebc3eac6371cf24","slug":"creatical-care-specialist-will-be-made-csc-and-psc-doctor-jhansi-news-jhs1968983139","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्रिटिकल केयर स्पेशिलिस्ट बनेंगे सीएचसी और पीएचसी के डॉक्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्रिटिकल केयर स्पेशिलिस्ट बनेंगे सीएचसी और पीएचसी के डॉक्टर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। कोरोना वायरस की तीसरी लहर से पहले सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों व कर्मचारियों को क्रिटिकल केयर की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षण होगा। जहां पर डॉक्टरों को आकस्मिक स्थिति में आने वाले मरीज को तत्काल उपचार देने के संबंध में प्रशिक्षित किया जाएगा।
कोरोना की दूसरी लहर में झांसी के सारे स्वास्थ्य संसाधन बौने साबित हो गए थे। यहां पर बेडों की कमी हो गई और मरीज भर्ती होने के लिए दर-दर भटकते रहे। हाल ये रहा कि कई मरीजों को भर्ती होने के लिए दूसरे महानगरों का रुख करना पड़ा। अब कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में सीएचसी, पीएचसी तक में स्वास्थ्य संसाधन बढ़ाए जा रहे हैं। कई सीएचसी में आईसीयू बेड लगवाए जा रहे हैं तो कइयों में ऑक्सीजन प्लांट। शासन की तरफ से संसाधन तो दुरुस्त कर दिया जा रहे हैं लेकिन डॉक्टर वही हैं। ऐसे में अब इन्हें भी प्रशिक्षित करने का फैसला लिया गया है। इसके तहत सीएचसी, पीएचसी और न्यू पीएचसी में तैनात डॉक्टरों को क्रिटिकल केयर की ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्हें बताया जाएगा कि गंभीर मरीजों का किस तरह से इलाज कराया जाए। कब उन्हें लेवल थ्री अस्पताल में रेफर करना है। स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किस तरह करना है।
दस केंद्र समेत पांच सीएचसी पर लगने हैं ऑक्सीजन प्लांट
झांसी में दस केंद्रों पर ऑक्सीजन प्लांट लगने हैं। इसमें सीएचसी रानीपुर, बड़ागांव, बरुआसागर, गरौठा, समथर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। ऐसे में यहां के डॉक्टर क्रिटिकल केयर के स्पेशिलिस्ट बन जाएंगे तो गंभीर मरीजों को तुरंत ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखकर उपचार शुरू किया जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना की दूसरी लहर में झांसी के सारे स्वास्थ्य संसाधन बौने साबित हो गए थे। यहां पर बेडों की कमी हो गई और मरीज भर्ती होने के लिए दर-दर भटकते रहे। हाल ये रहा कि कई मरीजों को भर्ती होने के लिए दूसरे महानगरों का रुख करना पड़ा। अब कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में सीएचसी, पीएचसी तक में स्वास्थ्य संसाधन बढ़ाए जा रहे हैं। कई सीएचसी में आईसीयू बेड लगवाए जा रहे हैं तो कइयों में ऑक्सीजन प्लांट। शासन की तरफ से संसाधन तो दुरुस्त कर दिया जा रहे हैं लेकिन डॉक्टर वही हैं। ऐसे में अब इन्हें भी प्रशिक्षित करने का फैसला लिया गया है। इसके तहत सीएचसी, पीएचसी और न्यू पीएचसी में तैनात डॉक्टरों को क्रिटिकल केयर की ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्हें बताया जाएगा कि गंभीर मरीजों का किस तरह से इलाज कराया जाए। कब उन्हें लेवल थ्री अस्पताल में रेफर करना है। स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किस तरह करना है।
विज्ञापन
दस केंद्र समेत पांच सीएचसी पर लगने हैं ऑक्सीजन प्लांट
झांसी में दस केंद्रों पर ऑक्सीजन प्लांट लगने हैं। इसमें सीएचसी रानीपुर, बड़ागांव, बरुआसागर, गरौठा, समथर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। ऐसे में यहां के डॉक्टर क्रिटिकल केयर के स्पेशिलिस्ट बन जाएंगे तो गंभीर मरीजों को तुरंत ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखकर उपचार शुरू किया जा सकेगा।
विज्ञापन