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कोविड अस्पताल में ऊपर बेड खाली, नीचे पड़े मिले मरीज
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल का डीएम ने मंगलवार को निरीक्षण किया। इस दौरान कुछ तीमारदारों ने बताया कि दो-तीन दिन से उनका मरीज ग्राउंड फ्लोर पर ही है। जबकि, डीएम को ऊपर बेड खाली मिले। इस पर उन्होंने डॉक्टरों को फटकार लगाई। साथ ही कार्रवाई की भी चेतावनी दी।
मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल में कोरोना के मरीजों के लिए 250 बेड हैं। इसके अलावा वार्ड नंबर नौ में भी 50 मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था की गई है। मंगलवार शाम को डीएम ने कोविड अस्पताल का निरीक्षण किया। ग्राउंड फ्लोर पर ही कुछ मरीजों ने डीएम को बताया कि उनका मरीज दो-तीन दिन से ऑक्सीजन सपोर्ट पर है। उसे बेड नहीं मिल पा रहा है। पीपीई किट पहनकर जब डीएम ऊपर पहुंचे तो उन्हें बेड खाली मिले। इस पर उन्होंने मेडिकल कॉलेज के सीनियर डॉक्टरों को फटकार लगानी शुरू कर दी। सवाल किया कि बेड खाली हैं तो मरीजों को क्यों भर्ती नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कार्रवाई तक की चेतावनी दे डाली। वहीं, इस मामले में मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों ने बताया कि कम गंभीर मरीजों को वार्ड नौ में शिफ्ट कर दिया जाता है, ताकि गंभीर मरीजों के लिए बेड मिल सके। फिर जैसे-जैसे गंभीर मरीज आते जाते हैं, वैसे-वैसे उन्हें भर्ती किया जाता है। शासन की तरफ से कोविड अस्पताल को 250 बेड क्षमता वाला चिकित्सालय बनाया गया है। पूरे मरीज भर्ती हैं। स्टाफ भी उसी हिसाब से है।
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मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल में कोरोना के मरीजों के लिए 250 बेड हैं। इसके अलावा वार्ड नंबर नौ में भी 50 मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था की गई है। मंगलवार शाम को डीएम ने कोविड अस्पताल का निरीक्षण किया। ग्राउंड फ्लोर पर ही कुछ मरीजों ने डीएम को बताया कि उनका मरीज दो-तीन दिन से ऑक्सीजन सपोर्ट पर है। उसे बेड नहीं मिल पा रहा है। पीपीई किट पहनकर जब डीएम ऊपर पहुंचे तो उन्हें बेड खाली मिले। इस पर उन्होंने मेडिकल कॉलेज के सीनियर डॉक्टरों को फटकार लगानी शुरू कर दी। सवाल किया कि बेड खाली हैं तो मरीजों को क्यों भर्ती नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कार्रवाई तक की चेतावनी दे डाली। वहीं, इस मामले में मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों ने बताया कि कम गंभीर मरीजों को वार्ड नौ में शिफ्ट कर दिया जाता है, ताकि गंभीर मरीजों के लिए बेड मिल सके। फिर जैसे-जैसे गंभीर मरीज आते जाते हैं, वैसे-वैसे उन्हें भर्ती किया जाता है। शासन की तरफ से कोविड अस्पताल को 250 बेड क्षमता वाला चिकित्सालय बनाया गया है। पूरे मरीज भर्ती हैं। स्टाफ भी उसी हिसाब से है।
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