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कोरोना वायरस समेत गंभीर वायरस की जांच में बेहद कम रहेगा खतरा
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मेडिकल कॉलेज झांसी।
- फोटो : ???? ????
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कोरोना समेत गंभीर वायरस की जांच में बेहद कम रहेगा खतरा
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में बायो सेफ्टी लेवल-3 लैब शुरू हो गई है। इसके बाद यहां पर न सिर्फ बेहद खतरनाक वायरस की जांच हो सकेगी, बल्कि संक्रमण फैलने का खतरा भी न के बराबर रहेगा। यही नहीं, लैब शुरू होने के बाद अब कोविड जांचों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।
शासन ने पांच करोड़ रुपये से मेडिकल कॉलेज में बीएसएल-3 लैब की स्थापना कराई है। इस लैब का शुरू करने का उद्देश्य था कि झांसी में ही यलो फीवर, स्वाइन फ्लू समेत गंभीर वायरस की जांच हो सके। मौजूदा समय में कोरोना वायरस फैला हुआ है, ऐसे में इस लैब की उपयोगिता और बढ़ गई। बताया गया कि बंकरनुमा आकृति की लैब में जैसे ही कोई डॉक्टर प्रवेश करता है तो उसका पूरा शरीर स्ट्रेलाइज हो जाता है। ताकि, बाहर का कोई भी वायरस, बैक्टीरिया इत्यादि लैब में न जा सके। सैंपल कलेक्शन की प्रक्रिया भी ऑटोमेटिक है। टेस्ट ट्यूब में सैंपल रखने के लिए डॉक्टर को मशीन के अंदर हाथ डालना पड़ेगा। इसके बाद ऑटोमेटिक मशीन सैंपल ले लेगी। यह प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित होगी। जांच के दौरान वायरस फैलने की संभावना नगण्य रहती है। लैब शुरू होने के बाद मेडिकल कॉलेज में कोरोना वायरस की भी जांच शुरू हो गई है। इससे जांचों की संख्या में इजाफा हुआ है।
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में बायो सेफ्टी लेवल-3 लैब शुरू हो गई है। इसके बाद यहां पर न सिर्फ बेहद खतरनाक वायरस की जांच हो सकेगी, बल्कि संक्रमण फैलने का खतरा भी न के बराबर रहेगा। यही नहीं, लैब शुरू होने के बाद अब कोविड जांचों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।
शासन ने पांच करोड़ रुपये से मेडिकल कॉलेज में बीएसएल-3 लैब की स्थापना कराई है। इस लैब का शुरू करने का उद्देश्य था कि झांसी में ही यलो फीवर, स्वाइन फ्लू समेत गंभीर वायरस की जांच हो सके। मौजूदा समय में कोरोना वायरस फैला हुआ है, ऐसे में इस लैब की उपयोगिता और बढ़ गई। बताया गया कि बंकरनुमा आकृति की लैब में जैसे ही कोई डॉक्टर प्रवेश करता है तो उसका पूरा शरीर स्ट्रेलाइज हो जाता है। ताकि, बाहर का कोई भी वायरस, बैक्टीरिया इत्यादि लैब में न जा सके। सैंपल कलेक्शन की प्रक्रिया भी ऑटोमेटिक है। टेस्ट ट्यूब में सैंपल रखने के लिए डॉक्टर को मशीन के अंदर हाथ डालना पड़ेगा। इसके बाद ऑटोमेटिक मशीन सैंपल ले लेगी। यह प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित होगी। जांच के दौरान वायरस फैलने की संभावना नगण्य रहती है। लैब शुरू होने के बाद मेडिकल कॉलेज में कोरोना वायरस की भी जांच शुरू हो गई है। इससे जांचों की संख्या में इजाफा हुआ है।
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