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कोरोना की तीसरी लहर बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए खतरनाक
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झांसी। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए संक्रमण की रोकथाम करने के लिए जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने विकास भवन सभागार में बाल रोग, स्त्री रोग विशेषज्ञ तथा निजी अस्पतालों के डॉक्टरों के साथ बैठक की। उन्होंने अभी से बचाव के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जिससे छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को संक्रमण से बचाया जा सके।
उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होगी। यदि तीसरी लहर में कोविड-19 संक्रमण बच्चों तक पहुंचता है तो उसके नियंत्रण और बचाव के लिए ऑक्सीजन व बेड़ों की संख्या पर्याप्त होना चाहिए। मेडिकल कॉलेज सहित कई निजी अस्पतालों में कोविड-19 संक्रमित पॉजिटिव बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं के लिए अभी से बेड और वार्ड रिजर्व कर लिए जाएं। बाल रोग व स्त्री रोग विशेषज्ञों का अलग से एक पैनल भी बनाया जाएगा जिससे उपचार में कोई समस्या न आए।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नरेंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंका के चलते उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में बच्चों के लिए 50 बेड पीआईसीयू तथा 30 बेड गर्भवती महिलाओं के लिए रिजर्व किए जाएंगे। विशेषज्ञों के पैनल द्वारा जल्द ही बाल रोग व स्त्री रोग विशेषज्ञों को ट्रेनिंग भी कराई जाएगी।
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मेडिकल कालेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ओमशंकर चौरसिया ने बताया कि स्कूल बंद होने से बच्चों की शारीरिक गतिविधियां कम हो गई हैं जिससे उनमें मोटापा बढ़ रहा है। कोविड-19 संक्रमण का खतरा काफी हद तक बढ़ रहा है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि अपने बच्चों को संतुलित भोजन कराएं जिससे मोटापे को नियंत्रण किया जा सके। बच्चों को सर्दी, खांसी व बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। बच्चों को सोशल डिस्टेंस, हाथों को बार बार धोने के साथ ही प्रोटीनयुक्त भोजन कराएं। मोबाइल फोन से बच्चों को दूर रखें। ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम बच्चों का कतई न दें।
बैठक में सीडीओ शैलेष कुमार, नगर मजिस्ट्रेट सलिल पटेल, एसीएमओ डॉ. सुधीर कुलश्रेष्ठ, डॉ. अंशुल जैन, डॉ. एनके जैन, डॉ. आराधना कनकने, डॉ. आरआर सिंह सहित बाल रोग, स्त्री रोग विशेषज्ञ तथा विभिन्न प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टर उपस्थित रहे।
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उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होगी। यदि तीसरी लहर में कोविड-19 संक्रमण बच्चों तक पहुंचता है तो उसके नियंत्रण और बचाव के लिए ऑक्सीजन व बेड़ों की संख्या पर्याप्त होना चाहिए। मेडिकल कॉलेज सहित कई निजी अस्पतालों में कोविड-19 संक्रमित पॉजिटिव बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं के लिए अभी से बेड और वार्ड रिजर्व कर लिए जाएं। बाल रोग व स्त्री रोग विशेषज्ञों का अलग से एक पैनल भी बनाया जाएगा जिससे उपचार में कोई समस्या न आए।
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मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नरेंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंका के चलते उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में बच्चों के लिए 50 बेड पीआईसीयू तथा 30 बेड गर्भवती महिलाओं के लिए रिजर्व किए जाएंगे। विशेषज्ञों के पैनल द्वारा जल्द ही बाल रोग व स्त्री रोग विशेषज्ञों को ट्रेनिंग भी कराई जाएगी।
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मेडिकल कालेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ओमशंकर चौरसिया ने बताया कि स्कूल बंद होने से बच्चों की शारीरिक गतिविधियां कम हो गई हैं जिससे उनमें मोटापा बढ़ रहा है। कोविड-19 संक्रमण का खतरा काफी हद तक बढ़ रहा है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि अपने बच्चों को संतुलित भोजन कराएं जिससे मोटापे को नियंत्रण किया जा सके। बच्चों को सर्दी, खांसी व बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। बच्चों को सोशल डिस्टेंस, हाथों को बार बार धोने के साथ ही प्रोटीनयुक्त भोजन कराएं। मोबाइल फोन से बच्चों को दूर रखें। ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम बच्चों का कतई न दें।
बैठक में सीडीओ शैलेष कुमार, नगर मजिस्ट्रेट सलिल पटेल, एसीएमओ डॉ. सुधीर कुलश्रेष्ठ, डॉ. अंशुल जैन, डॉ. एनके जैन, डॉ. आराधना कनकने, डॉ. आरआर सिंह सहित बाल रोग, स्त्री रोग विशेषज्ञ तथा विभिन्न प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टर उपस्थित रहे।