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Jhansi News: विवाद होगा खत्म, अब रीडिंग लेकर जल निगम, जलसंस्थान को देगा पानी
Fri, 16 Jun 2023 11:20 PM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Fri, 16 Jun 2023 11:20 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। जल निगम और जलसंस्थान में पेयजल आपूर्ति की मात्रा को लेकर सालों से विवाद चला आ रहा है। दो विभागों के विवाद में महानगर को पेयजल संकट झेलना पड़ता है। जल निगम का दावा है कि वह 70 एमएलडी पानी देता है, जबकि जलसंस्थान 65 एमएलडी पानी मिलने की बात कहता है। ऐसे में झांसी की जनता को पर्याप्त जलापूर्ति नहीं हो पाती है। मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने पर दोनों विभागों को संयुक्त सर्वे करने के निर्देश दिए गए थे, इसके बाद अधिकारियों में बिजौली स्थित पंप हाउस से रीडिंग के आधार पर पानी पहुंचाने पर सहमति बन गई है। उधर, जल निगम के अधिशासी अभियंता मुकेश पाल सिंह के मुताबिक बबीना प्लांट से 110 एमएलडी पानी चलता है, बीच में कई संस्थानों को पानी सप्लाई किया जाता है, इसके बाद महानगर तक पानी पहुंचता है, अब रीडिंग के आधार पर जलापूर्ति कराई जाएगी। वहीं, जलसंस्थान के महाप्रबंधक मनोज कुमार आर्य के मुताबिक जो भी पानी आता है, सीधा टंकियों के माध्यम से सप्लाई किया जाता है। 70 एमएलडी पानी रोजाना मिलने लगेगा तो पेयजल संकट काफी हद तक कम हो जाएगा।
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झांसी। जल निगम और जलसंस्थान में पेयजल आपूर्ति की मात्रा को लेकर सालों से विवाद चला आ रहा है। दो विभागों के विवाद में महानगर को पेयजल संकट झेलना पड़ता है। जल निगम का दावा है कि वह 70 एमएलडी पानी देता है, जबकि जलसंस्थान 65 एमएलडी पानी मिलने की बात कहता है। ऐसे में झांसी की जनता को पर्याप्त जलापूर्ति नहीं हो पाती है। मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने पर दोनों विभागों को संयुक्त सर्वे करने के निर्देश दिए गए थे, इसके बाद अधिकारियों में बिजौली स्थित पंप हाउस से रीडिंग के आधार पर पानी पहुंचाने पर सहमति बन गई है। उधर, जल निगम के अधिशासी अभियंता मुकेश पाल सिंह के मुताबिक बबीना प्लांट से 110 एमएलडी पानी चलता है, बीच में कई संस्थानों को पानी सप्लाई किया जाता है, इसके बाद महानगर तक पानी पहुंचता है, अब रीडिंग के आधार पर जलापूर्ति कराई जाएगी। वहीं, जलसंस्थान के महाप्रबंधक मनोज कुमार आर्य के मुताबिक जो भी पानी आता है, सीधा टंकियों के माध्यम से सप्लाई किया जाता है। 70 एमएलडी पानी रोजाना मिलने लगेगा तो पेयजल संकट काफी हद तक कम हो जाएगा।