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संविधान की ताकत ने बनाया भारत के गणतंत्र को महान
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अपराजिता 100 मिलियंस इस्माइल के तहत बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में हुई भाषण प्रतियोगिता में विचार र?
झांसी। इस बार महानगर में अमर उजाला के साथ गणतंत्र दिवस का जश्न खास अंदाज में मनाया जा रहा है। लगातार कार्यक्रम जारी हैं। इसी कड़ी में अमर उजाला के नारी गरिमा के साझा संकल्प ‘अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल्स’ के तहत बुधवार को ‘भारतीय गणतंत्र की यात्रा’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने अपने विचार प्रकट करते हुए हमारे संविधान ने दुनिया को सबसे महान गणतंत्र दिया है।
विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के डॉ. वृंदावन लाल वर्मा सभागार में आयोजित प्रतियोगिता में पत्रकारिता विभाग के छात्र रोहित कुमार प्रथम, विधि विभाग के अविनाश गुप्ता द्वितीय तथा पत्रकारिता विभाग के वासुदेव शरण तीसरे स्थान पर रहे। प्रतियोगिता का के निर्णायक पत्रकारिता विभाग से उमेश शुक्ला, हिंदी विभाग से डॉ. हरी त्रिपाठी व फोरेंसिक विभाग से डॉ. अंकित श्रीवास्तव रहे।
इस दौरान विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. देवेश निगम ने कहा कि गणतंत्र की सफलता के लिए जरूरी है कि हम जितना अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं, उतना ही कर्तव्यों के प्रति भी रहें। हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. पुनीत बिसारिया ने कहा कि भारतीय गणतंत्र की स्थापना 26 जनवरी 1950 को हुई थी, लेकिन इसकी असली परीक्षा 1952 में हुए आम चुनाव में हुई, जिसमें सफल रहा। देश का लोकतंत्र खूबसूरती के साथ अपना सफर तय करता आ रहा है। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. कौशल त्रिपाठी ने कहा कि प्रतियोगिता छात्रों के लिए अपने गणतंत्र को जानने और पहचानने के लिए महत्वपूर्ण रही।
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इस मौके पर एनएसएस समन्वयक डॉ. मुन्ना तिवारी, पत्रकारिता विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. सीपी पैन्युली, राघवेंद्र दीक्षित आदि मौजूद रहे।
भारतीय संविधान किसी के साथ पक्षपात की इजाजत नहीं देता है। सभी के लिए ये समान है। ये इसकी सबसे बड़ी खासियत है।
- श्रुति वर्मा
हमारा संविधान देश के अंतिम व्यक्ति को भी समान अधिकार देता है। ये किसी में भेद नहीं करता है। कई देशों में भारत का संविधान अनुकरणीय है।
- स्नेहा सोनी
गणतंत्र में देश की जनता के हाथ में सबसे बड़ी ताकत है। हम जैसी चाहें वैसी सरकार चुन सकते हैं। देश की चाबी आम आदमी के हाथ में है।
- पंजाब सिंह
हमारे गणतंत्र को देश में कई बार इम्तिहान देने पर पड़े, परंतु संविधान की मजबूती की वजह से हर बार पास हुआ। यही वजह है कि अनवरत सफर जारी है।
- संजू कुशवाहा
हिंदुस्तान का गणतंत्र मजबूती से अपना सफर तय कर रहा है। ये सभी को समान अधिकार देता है। यही वजह है पूरी दुनिया इसका लोहा मानती है।
- शिवांगी
गणतंत्र का मतलब है कि देश के सभी जनों का तंत्र। न इसमें कोई ऊंचा है और न ही कोई नीचा, इसमें सभी की समान भागीदारी है।
- अनमोल दुबे
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विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के डॉ. वृंदावन लाल वर्मा सभागार में आयोजित प्रतियोगिता में पत्रकारिता विभाग के छात्र रोहित कुमार प्रथम, विधि विभाग के अविनाश गुप्ता द्वितीय तथा पत्रकारिता विभाग के वासुदेव शरण तीसरे स्थान पर रहे। प्रतियोगिता का के निर्णायक पत्रकारिता विभाग से उमेश शुक्ला, हिंदी विभाग से डॉ. हरी त्रिपाठी व फोरेंसिक विभाग से डॉ. अंकित श्रीवास्तव रहे।
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इस दौरान विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. देवेश निगम ने कहा कि गणतंत्र की सफलता के लिए जरूरी है कि हम जितना अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं, उतना ही कर्तव्यों के प्रति भी रहें। हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. पुनीत बिसारिया ने कहा कि भारतीय गणतंत्र की स्थापना 26 जनवरी 1950 को हुई थी, लेकिन इसकी असली परीक्षा 1952 में हुए आम चुनाव में हुई, जिसमें सफल रहा। देश का लोकतंत्र खूबसूरती के साथ अपना सफर तय करता आ रहा है। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. कौशल त्रिपाठी ने कहा कि प्रतियोगिता छात्रों के लिए अपने गणतंत्र को जानने और पहचानने के लिए महत्वपूर्ण रही।
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इस मौके पर एनएसएस समन्वयक डॉ. मुन्ना तिवारी, पत्रकारिता विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. सीपी पैन्युली, राघवेंद्र दीक्षित आदि मौजूद रहे।
भारतीय संविधान किसी के साथ पक्षपात की इजाजत नहीं देता है। सभी के लिए ये समान है। ये इसकी सबसे बड़ी खासियत है।
- श्रुति वर्मा
हमारा संविधान देश के अंतिम व्यक्ति को भी समान अधिकार देता है। ये किसी में भेद नहीं करता है। कई देशों में भारत का संविधान अनुकरणीय है।
- स्नेहा सोनी
गणतंत्र में देश की जनता के हाथ में सबसे बड़ी ताकत है। हम जैसी चाहें वैसी सरकार चुन सकते हैं। देश की चाबी आम आदमी के हाथ में है।
- पंजाब सिंह
हमारे गणतंत्र को देश में कई बार इम्तिहान देने पर पड़े, परंतु संविधान की मजबूती की वजह से हर बार पास हुआ। यही वजह है कि अनवरत सफर जारी है।
- संजू कुशवाहा
हिंदुस्तान का गणतंत्र मजबूती से अपना सफर तय कर रहा है। ये सभी को समान अधिकार देता है। यही वजह है पूरी दुनिया इसका लोहा मानती है।
- शिवांगी
गणतंत्र का मतलब है कि देश के सभी जनों का तंत्र। न इसमें कोई ऊंचा है और न ही कोई नीचा, इसमें सभी की समान भागीदारी है।
- अनमोल दुबे

अमर उजाला के संग गणतंत्र का जश्न, अपराजिता 100 मिलियंस इस्माइल के तहत बुंदेलखंड विश्वविद्यालय मे?