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Jhansi News: पीएसी में तैनात कांस्टेबल को 5 साल की जेल

Sat, 05 Apr 2025 01:51 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 05 Apr 2025 01:51 AM IST
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Constable posted in PAC sentenced to 5 years in jail

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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। 33वीं पीएसी वाहिनी में 26 साल पहले फर्जी अंकपत्र के आधार पर कांस्टेबल की नौकरी पाने के मामले में दोषी पाते हुए अपर सिविल जज कल्पना यादव ने युवक को पांच साल कैद की सजा सुनाने के साथ 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। इस मामले में राज्यमंत्री अरुण असीम ने कोर्ट में गवाही दी थी।

राजेश कुमार उपाध्याय पुत्र उदय नारायण गाजीपुर जिले के फिरोजपुर गांव का रहने वाला है। वह 10वीं कक्षा में फेल हो गया था, लेकिन पास होने की फर्जी अंकपत्र बनवाकर 33वीं वाहिनी पीएसी झांसी में सिपाही की नौकरी पा ली थी। 1999 में आईपीएस असीम अरुण वाहिनी के सेनानायक बनाए गए। जांच के दौरान राजेश के अंकपत्र पर शक हुआ। वाहिनी के तत्कालीन सेनानायक असीम अरुण (वर्तमान में राज्यमंत्री) ने प्रपत्रों की जांच कराई, तब इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।इस मामले में असीम अरुण ने एसएसपी झांसी को पत्र लिखा था। इसके बाद, राजेश के खिलाफ प्रेमनगर थाना में केस दर्ज किया गया। उसे निलंबित करने के बाद गिरफ्तार किया गया था। विवेचना के बाद में कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया। तकरीबन 26 साल तक कोर्ट में केस चला। असीम अरुण नौकरी छोड़कर राजनीति में आ गए। वर्तमान में वे प्रदेश सरकार में समाज कल्याण राज्यमंत्री हैं। उन्होंने 21 जनवरी 2025 को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में गवाही दी थी। कोर्ट ने सबूतों और गवाहों के आधार पर राजेश को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। ह
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