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दावेदार तमाम, जिताऊ प्रत्याशी पर नजर
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झांसी। कांग्रेस पार्टी में विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हाईकमान द्वारा दावेदारों का फीडबैक लिया जा रहा है और उसी आधार पर प्रत्याशियों के नाम पर अंतिम मोहर लगाई जाएगी। अबकी बार पार्टी ने तय किया है कि जिस दावेदार का जनता से जितना अधिक जुड़ाव होगा, उसी के नाम पर अंतिम मोहर लगाई जाएगी।
अर्श से फर्श पर पहुंची कांग्रेस को दोबारा यूपी की राजनीति में मुख्यधारा में लाने के लिए यूपी की प्रभारी प्रियंका गांधी के नेतृत्व में पार्टी के प्रदेश स्तर के पदाधिकारी जीतोड़ मेहनत कर रहे हैं। वर्ष 2022 में विधानसभा चुनाव है। पार्टी ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। दावेदार अपना- अपना बायोडाटा हाईकमान के पास भेज रहे हैं।
उधर, पार्टी सूत्रों की मानें तो अबकी बार प्रियंका गांधी ने प्रत्याशियों की दावेदारी के पैरामीटर तय कर दिए हैं। इसमें सबसे पहले यह देखा जाएगा कि विधानसभा में कौन प्रत्याशी जिताऊ है। कौन कितने वोट अपने पक्ष में मोड़ सकता है। कोरोना काल हो या अन्य कोई कारण किसने जनता के लिए कितना संघर्ष किया है। हालांकि, पार्टी में जातिगत समीकरणों को महत्व नहीं दिया जाता, लेकिन फिर भी देखा जाएगा कि दावेदार के पक्ष में कौन- कौन से वर्ग का वोट बैंक है।
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झांसी सदर में ब्राह्मण प्रत्याशी पर नजर
झांसी विधानसभा में चार लाख से अधिक मतदाता है। इनमें सबसे अधिक ब्राह्मण हैं। वर्ष 2007 के चुनाव में कांग्रेस ने यहां से 51.08 प्रतिशत मत प्राप्त किए थे। लेकिन इसके बाद पार्टी का वोट प्रतिशत लगातार गिरता गया। 2012 में कांग्रेस प्रत्याशी को 18 प्रतिशत वोट मिले। 2017 विधानसभा के चुनाव में समाजवादी पार्टी से गठबंधन था और कांग्रेस प्रत्याशी ने चुनाव लड़ा था लेकिन कांग्रेस सिर्फ पचास हजार पाकर लगभग 13 प्रतिशत वोट शेयर ही हासिल कर पाई थी। यह वोट प्रतिशत कम होना पार्टी की चिंता का विषय है। इस बार प्रयास है कि ऐसा प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारा जाए, जो वोट प्रतिशत बढ़ा सके। पार्टी की नजर यहां पर ब्राह्मण प्रत्याशी उतारने पर है।
गरौठा में पिछड़ा वर्ग और बबीना में सामान्य
गरौठा विधानसभा क्षेत्र में 3.45 लाख मतदाता हैं। यह विधानसभा लोधी, यादव और कुर्मी बाहुल्य है। भाजपा से वर्तमान विधायक लोधी हैं और यादव वोट बैंक अधिकतर समाजवादी पार्टी से जुड़ा है। ऐसे में पार्टी की नजर कुर्मी/ पटेल या अन्य पिछड़ी जाति के दावेदार पर नजर है। जबकि, मऊरानीपुर आरक्षित सीट है और यहां चार लाख से अधिक मतदाता हैं। पार्टी से ऐसे उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारा जाएगा, जो जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष करता रहा हो। बबीना सीट पर 3.26 लाख मतदाता हैं। यहां से पार्टी सामान्य जाति के दावेदार पर दांव लगा सकती है।
अभी पार्टी का पूरा फोकस कांग्रेस सेवादल के माध्यम से युवाओं को जोड़ना और पार्टी में उनकी भागीदारी बढ़ाना है। इसके लिए बरुआसागर में 25,26 व 27 अगस्त तक तीन दिन का शिविर लगाया जाएगा। पार्टी जनता के बीच सक्रिय प्रत्याशी को ही टिकट देगी। - प्रदीप जैन आदित्य, पूर्व केंद्रीय मंत्री।
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अर्श से फर्श पर पहुंची कांग्रेस को दोबारा यूपी की राजनीति में मुख्यधारा में लाने के लिए यूपी की प्रभारी प्रियंका गांधी के नेतृत्व में पार्टी के प्रदेश स्तर के पदाधिकारी जीतोड़ मेहनत कर रहे हैं। वर्ष 2022 में विधानसभा चुनाव है। पार्टी ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। दावेदार अपना- अपना बायोडाटा हाईकमान के पास भेज रहे हैं।
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उधर, पार्टी सूत्रों की मानें तो अबकी बार प्रियंका गांधी ने प्रत्याशियों की दावेदारी के पैरामीटर तय कर दिए हैं। इसमें सबसे पहले यह देखा जाएगा कि विधानसभा में कौन प्रत्याशी जिताऊ है। कौन कितने वोट अपने पक्ष में मोड़ सकता है। कोरोना काल हो या अन्य कोई कारण किसने जनता के लिए कितना संघर्ष किया है। हालांकि, पार्टी में जातिगत समीकरणों को महत्व नहीं दिया जाता, लेकिन फिर भी देखा जाएगा कि दावेदार के पक्ष में कौन- कौन से वर्ग का वोट बैंक है।
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झांसी सदर में ब्राह्मण प्रत्याशी पर नजर
झांसी विधानसभा में चार लाख से अधिक मतदाता है। इनमें सबसे अधिक ब्राह्मण हैं। वर्ष 2007 के चुनाव में कांग्रेस ने यहां से 51.08 प्रतिशत मत प्राप्त किए थे। लेकिन इसके बाद पार्टी का वोट प्रतिशत लगातार गिरता गया। 2012 में कांग्रेस प्रत्याशी को 18 प्रतिशत वोट मिले। 2017 विधानसभा के चुनाव में समाजवादी पार्टी से गठबंधन था और कांग्रेस प्रत्याशी ने चुनाव लड़ा था लेकिन कांग्रेस सिर्फ पचास हजार पाकर लगभग 13 प्रतिशत वोट शेयर ही हासिल कर पाई थी। यह वोट प्रतिशत कम होना पार्टी की चिंता का विषय है। इस बार प्रयास है कि ऐसा प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारा जाए, जो वोट प्रतिशत बढ़ा सके। पार्टी की नजर यहां पर ब्राह्मण प्रत्याशी उतारने पर है।
गरौठा में पिछड़ा वर्ग और बबीना में सामान्य
गरौठा विधानसभा क्षेत्र में 3.45 लाख मतदाता हैं। यह विधानसभा लोधी, यादव और कुर्मी बाहुल्य है। भाजपा से वर्तमान विधायक लोधी हैं और यादव वोट बैंक अधिकतर समाजवादी पार्टी से जुड़ा है। ऐसे में पार्टी की नजर कुर्मी/ पटेल या अन्य पिछड़ी जाति के दावेदार पर नजर है। जबकि, मऊरानीपुर आरक्षित सीट है और यहां चार लाख से अधिक मतदाता हैं। पार्टी से ऐसे उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारा जाएगा, जो जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष करता रहा हो। बबीना सीट पर 3.26 लाख मतदाता हैं। यहां से पार्टी सामान्य जाति के दावेदार पर दांव लगा सकती है।
अभी पार्टी का पूरा फोकस कांग्रेस सेवादल के माध्यम से युवाओं को जोड़ना और पार्टी में उनकी भागीदारी बढ़ाना है। इसके लिए बरुआसागर में 25,26 व 27 अगस्त तक तीन दिन का शिविर लगाया जाएगा। पार्टी जनता के बीच सक्रिय प्रत्याशी को ही टिकट देगी। - प्रदीप जैन आदित्य, पूर्व केंद्रीय मंत्री।