फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Color in namkeen refined in barfi... Food department's investigation report revealed, samples were taken on Diwali.

Jhansi News: नमकीन में रंग बर्फी में रिफाइंड... खाद्य विभाग की जांच रिपोर्ट में खुलासा, दिवाली को लिए थे नमूने

Tue, 17 Dec 2024 01:47 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 17 Dec 2024 01:47 AM IST
विज्ञापन
Color in namkeen refined in barfi... Food department's investigation report revealed, samples were taken on Diwali.

विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो



झांसी। दिवाली पर लोगों ने खूब मिठाई खाई होगी, बांटी भी होगी लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि खाद्य विभाग की हालिया रिपोर्ट में आधे नमूने फेल हो गए। त्योहारों के दौरान लिए गए नमूनों की जांच में बूंदी के लड्डू में डेढ़ गुना ज्यादा रंग तो रसगुल्ले में स्टार्च की मिलावट पाई गई है। संबंधित विक्रेताओं को खाद्य विभाग ने नोटिस जारी कर दिया है।

दीपावली पर्व से पहले खाद्य विभाग की टीम ने कुल 108 पदार्थों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे थे। इनमें से 80 की रिपोर्ट आ गई है। 40 नमूने जांच में फेल मिले हैं। सबसे ज्यादा दूध और इससे बनने वाले उत्पादों के नमूने मानक पर खरे नहीं उतरे हैं। इनके 20 नमूने फेल हुए हैं। रसगुल्ला में स्टार्च तो बर्फी में रिफाइंड की मिलावट मिली है। दूध और खोआ के नमूनों में फैट यानी वसा कम मिला है।
विज्ञापन




वहीं, ड्राई फ्रूट्स, साबुदाना के आठ नमूने फेल मिले हैं। इसमें किसमिस, काजू मानक से ज्यादा टूटे पाए गए हैं। वहीं, बेसन और बूंदी के लड्डू के छह नमूने मानक पर खरे नहीं उतरे हैं। खाद्य विभाग के मानक के अनुसार, अधिकतम 100 पीपीएम (पार्ट्स पर मिलियन) रंग मिला होना चाहिए मगर डेढ़ गुना से भी ज्यादा रंग (फूड कलर) की मिलावट पाई गई है। ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। वहीं, नमकीन के भी छह नमूने फेल मिले हैं। नमकीन में बिल्कुल भी रंग नहीं मिलाया जाना चाहिए लेकिन झांसी में रंग मिली हुई नमकीन धड़ल्ले से बेची जा रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


किडनी, लिवर डैमेज से कैंसर तक का खतरा

जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. डीएस गुप्ता ने बताया कि मानक से ज्यादा रंग मिला खाद्य पदार्थ खाने से अपच हो सकती है। इसके अलावा, लिवर और किडनी पर भी असर पड़ता है। फेफड़े से लेकर शरीर के किसी भी अंग में कैंसर तक हो सकता है। वहीं, स्टार्च मिला रसगुल्ला लंबे समय तक खाने से डायबिटीज हो सकती है।



वर्जन..



दीपावली से ठीक पहले जांच के लिए भेजे गए नमूनों में से 80 की रिपोर्ट आ गई है। इनमें 40 नमूने फेल मिले हैं। विक्रेताओं को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। 30 दिन में जवाब मांगा गया है। इसके बाद विक्रेताओं पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। - चितरंजन कुमार, जिला अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा विभाग


डेढ़ महीने बाद भी नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार

दिवाली पर्व के दौरान खाद्य विभाग ने 21 से 27 अक्तूबर तक मिठाई आदि के नमूने जांच के लिए लखनऊ स्थित प्रयोगशाला भेजे थे। बताया गया कि प्रयोगशाला में प्रदेश भर के नमूने जांच के लिए आते हैं। ऐसे में डेढ़ महीने बाद भी झांसी के 28 नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed