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Jhansi News: गर्मी में बीपी गिरा रही सर्दी वाली डोज... मरीज हो रहे बेहोश
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- डॉक्टरों को बदलनी पड़ रही दवा, रोगियों को भर्ती तक करना पड़ रहा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। सर्दी वाली डोज का सेवन गर्मी में करने से मरीजों का ब्लड प्रेशर कम हो जा रहा है। इससे उनकी तबीयत बिगड़ रही है और वे बेहोश हो जा रहे हैं। आलम यह है कि मरीजों का ऊपर का ब्लड प्रेशर 80 या उससे कम हो जाने पर डॉक्टरों को भर्ती तक करना पड़ रहा है। हृदय रोग विशेषज्ञों के पास इन दिनों रोजाना आठ-दस ऐसे मरीज आ रहे हैं। डॉक्टर इन मरीजों की बीपी की दवा बदल रहे हैं।
ठंड में शरीर की नसों में सिकुड़न आने से लोगों का ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आलोक शर्मा का कहना है कि सर्दी में ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए कई मरीजों की बीपी की दवा की डोज बढ़ानी पड़ती है। वहीं गर्मियों में सिकुड़ी हुईं नसें फैल जाती हैं। ऐसे में ठंड वाली बीपी की डोज ही गर्मियों में खाने से रक्तचाप कम होने लगता है। दूसरी तरफ, लोग गर्मी में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते हैं। डिहाइड्रेशन होने से भी बीपी कम होता है।
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. निर्देश जैन ने बताया कि ब्लड प्रेशर कम होने से मरीज बेहोश भी हो जाते हैं। ठंड वाली बीपी की डोज के सेवन से इस तरह की समस्या वाले रोजाना आठ से दस मरीज ओपीडी में दिखाने आ रहे हैं। इनकी दवा बदलनी पड़ रही है। ऊपर का बीपी 80 या उससे भी कम हो जाने पर बेहोशी की स्थिति में आने वाले एक-दो मरीजों को रोजाना भर्ती करना पड़ रहा है।
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बीपी कम होने से ये समस्या होती
- बेहोशी आना
- कमजोरी महसूस होना
- उठने-बैठने में चक्कर आना
केस-1
.........
बीपी कम होने पर व्हीलचेयर पर दिखाने आया मरीज
ठंड में दी जाने वाली अधिक मात्रा की बीपी की दवा खाने से एक मरीज का ऊपर का रक्तचाप 80 तक पहुंच गया। इस कदर कमजोरी आ गई कि वो पैरों पर खड़ा तक नहीं हो पा रहा था। उसे व्हीलचेयर पर ओपीडी में डॉक्टर के पास लाना पड़ा।
केस-2
.........
70 तक बीपी पहुंचने से मरीज हुआ बेहोश, किया भर्ती
एक मरीज बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती हुआ। जांच की तो ऊपर का बीपी 70 था। पता चला कि वो भी ठंड की ही अधिक डोज वाली दवा खा रहा है। डॉक्टर ने मरीज को अस्पताल में भर्ती किया। डिस्चार्ज करने पर उसकी दवा भी बदली।
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। सर्दी वाली डोज का सेवन गर्मी में करने से मरीजों का ब्लड प्रेशर कम हो जा रहा है। इससे उनकी तबीयत बिगड़ रही है और वे बेहोश हो जा रहे हैं। आलम यह है कि मरीजों का ऊपर का ब्लड प्रेशर 80 या उससे कम हो जाने पर डॉक्टरों को भर्ती तक करना पड़ रहा है। हृदय रोग विशेषज्ञों के पास इन दिनों रोजाना आठ-दस ऐसे मरीज आ रहे हैं। डॉक्टर इन मरीजों की बीपी की दवा बदल रहे हैं।
ठंड में शरीर की नसों में सिकुड़न आने से लोगों का ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आलोक शर्मा का कहना है कि सर्दी में ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए कई मरीजों की बीपी की दवा की डोज बढ़ानी पड़ती है। वहीं गर्मियों में सिकुड़ी हुईं नसें फैल जाती हैं। ऐसे में ठंड वाली बीपी की डोज ही गर्मियों में खाने से रक्तचाप कम होने लगता है। दूसरी तरफ, लोग गर्मी में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते हैं। डिहाइड्रेशन होने से भी बीपी कम होता है।
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कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. निर्देश जैन ने बताया कि ब्लड प्रेशर कम होने से मरीज बेहोश भी हो जाते हैं। ठंड वाली बीपी की डोज के सेवन से इस तरह की समस्या वाले रोजाना आठ से दस मरीज ओपीडी में दिखाने आ रहे हैं। इनकी दवा बदलनी पड़ रही है। ऊपर का बीपी 80 या उससे भी कम हो जाने पर बेहोशी की स्थिति में आने वाले एक-दो मरीजों को रोजाना भर्ती करना पड़ रहा है।
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बीपी कम होने से ये समस्या होती
- बेहोशी आना
- कमजोरी महसूस होना
- उठने-बैठने में चक्कर आना
केस-1
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बीपी कम होने पर व्हीलचेयर पर दिखाने आया मरीज
ठंड में दी जाने वाली अधिक मात्रा की बीपी की दवा खाने से एक मरीज का ऊपर का रक्तचाप 80 तक पहुंच गया। इस कदर कमजोरी आ गई कि वो पैरों पर खड़ा तक नहीं हो पा रहा था। उसे व्हीलचेयर पर ओपीडी में डॉक्टर के पास लाना पड़ा।
केस-2
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70 तक बीपी पहुंचने से मरीज हुआ बेहोश, किया भर्ती
एक मरीज बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती हुआ। जांच की तो ऊपर का बीपी 70 था। पता चला कि वो भी ठंड की ही अधिक डोज वाली दवा खा रहा है। डॉक्टर ने मरीज को अस्पताल में भर्ती किया। डिस्चार्ज करने पर उसकी दवा भी बदली।