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ठंडी हवा का बाजार हुआ गर्म, एसी, कूलर, फ्रिज और पंखे भी महंगे
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झांसी। गर्मी बढ़ते ही कूलर, पंखा, एसी, फ्रिज आदि इलेक्ट्रानिक उपकरणों के रेट बढ़ गए हैं। इससे जहां कारोबारी बिक्री को लेकर खुश हैं। तीन साल से घाटे में चल रहे दुकानदारों को भी अच्छे मुनाफे की उम्मीद जगी है। वहीं, खरीदारों की जेब पर महंगाई का बोझ बढ़ गया है।
सीपरी बाजार में कूलर बनाने वाले दुकानदार नितिन अग्रवाल और कल्लू ने बताया कि पिछले साल तक जो कूलर की जो टिन 65 रुपये किलो मिलती थी। वह अब 120 रुपये किलो मिल रही है। इससे कूलर के रेट बढ़ गए हैं। इसके अलावा फ्रिज, एसी और प्लास्टिक कूलर के रेट भी बढ़ गए हैं। इलेक्ट्रानिक उपकरणों में 20 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, प्लास्टिक के दाम और टैक्स भी बढ़ गए हैं। इससे भी उपकरणों की कीमत में बढ़ोतरी की गई है।
उपकरण पिछले वर्ष अब (रेट हजार में)
लोहे के छोटे कूलर 2200 3500
लोहे के मीडियम कूलर 3500 5500
लोहे के बड़े कूलर 9000 13000
प्लास्टिक कूलर 8 से 10 हजार 10 से 12 हजार
एसी (डेढ़ टन) 33 हजार 36 हजार 500 रुपये
पंखा 1200-1400 1600-1800
फ्रिज (180 लीटर) 10 से 12 हजार 12 से 14 हजार
जिले में बढ़ गई बिजली की खपत
झांसी। जिले में अप्रैल के दूसरे सप्ताह में गर्मी ने अपना प्रचंड रूप ले लिया है।गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की खपत भी बढ़ गई है। बीते महीने की तुलना में अब बिजली की मांग दो गुनी बढ़ गई है। लोगों ने अपने-अपने घरों के एसी, कूलर, पंखे चालू कर दिए हैं।
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अधीक्षण अभियंता राजकुमार ने बताया कि जिले में तकरीबन ढाई लाख उपभोक्ता हैं। जहां फरवरी के महीने तक नगरीय क्षेत्र में बिजली की खपत 30 मिलियन यूनिट थी, जो बढ़कर 50 मिलियन यूनिट के पास पहुंच गई है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में 50 मिलियन यूनिट से 70 मिलियन यूनिट हो गई है। इससे बिजली की खपत बढ़ गई है। हालांकि बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि खपत बढ़ने के बाद भी बिजली की सप्लाई व्यवस्था में कोई असर नहीं पड़ेगा। बिजली की खपत बढ़ने के साथ विभाग का राजस्व भी बढ़ेगा।
फरवरी (खपत) मार्च (खपत)
नगरीय वितरण खंड प्रथम 15 मिलियन यूनिट 27 मिलियन यूनिट
नगरीय वितरण खंड द्वितीय 14 मिलियन यूनिट 21 मिलियन यूनिट
नगरीय वितरण खंड ग्रामीण 40 मिलियन यूनिट 80 मिलियन यूनिट
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सीपरी बाजार में कूलर बनाने वाले दुकानदार नितिन अग्रवाल और कल्लू ने बताया कि पिछले साल तक जो कूलर की जो टिन 65 रुपये किलो मिलती थी। वह अब 120 रुपये किलो मिल रही है। इससे कूलर के रेट बढ़ गए हैं। इसके अलावा फ्रिज, एसी और प्लास्टिक कूलर के रेट भी बढ़ गए हैं। इलेक्ट्रानिक उपकरणों में 20 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, प्लास्टिक के दाम और टैक्स भी बढ़ गए हैं। इससे भी उपकरणों की कीमत में बढ़ोतरी की गई है।
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उपकरण पिछले वर्ष अब (रेट हजार में)
लोहे के छोटे कूलर 2200 3500
लोहे के मीडियम कूलर 3500 5500
लोहे के बड़े कूलर 9000 13000
प्लास्टिक कूलर 8 से 10 हजार 10 से 12 हजार
एसी (डेढ़ टन) 33 हजार 36 हजार 500 रुपये
पंखा 1200-1400 1600-1800
फ्रिज (180 लीटर) 10 से 12 हजार 12 से 14 हजार
जिले में बढ़ गई बिजली की खपत
झांसी। जिले में अप्रैल के दूसरे सप्ताह में गर्मी ने अपना प्रचंड रूप ले लिया है।गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की खपत भी बढ़ गई है। बीते महीने की तुलना में अब बिजली की मांग दो गुनी बढ़ गई है। लोगों ने अपने-अपने घरों के एसी, कूलर, पंखे चालू कर दिए हैं।
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अधीक्षण अभियंता राजकुमार ने बताया कि जिले में तकरीबन ढाई लाख उपभोक्ता हैं। जहां फरवरी के महीने तक नगरीय क्षेत्र में बिजली की खपत 30 मिलियन यूनिट थी, जो बढ़कर 50 मिलियन यूनिट के पास पहुंच गई है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में 50 मिलियन यूनिट से 70 मिलियन यूनिट हो गई है। इससे बिजली की खपत बढ़ गई है। हालांकि बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि खपत बढ़ने के बाद भी बिजली की सप्लाई व्यवस्था में कोई असर नहीं पड़ेगा। बिजली की खपत बढ़ने के साथ विभाग का राजस्व भी बढ़ेगा।
फरवरी (खपत) मार्च (खपत)
नगरीय वितरण खंड प्रथम 15 मिलियन यूनिट 27 मिलियन यूनिट
नगरीय वितरण खंड द्वितीय 14 मिलियन यूनिट 21 मिलियन यूनिट
नगरीय वितरण खंड ग्रामीण 40 मिलियन यूनिट 80 मिलियन यूनिट