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ललितपुर प्लांट की दूसरी इकाई शुरू, पारीक्षा में संकट
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ललितपुर प्लांट की दूसरी इकाई हुई शुरू, पारीछा में संकट बरकरार
झांसी। कोयले की खेप मिलने पर ललितपुर स्थित बजाज पावर प्लांट की बंद पड़ीं दो इकाइयों में से एक का संचालन रविवार को शुरू कर दिया गया। जबकि, पारीछा की चार में से दो इकाई ही चल पा रही हैं। ललितपुर की एक इकाई के शुरू होने से बिजली उत्पादन में बढ़ोत्तरी तो हुई है, परंतु मांग के अनुरूप कोयला न होने की वजह से बिजली उत्पादन का सामान्य आंकड़ा अभी भी काफी दूर है।
झांसी के थर्मल पावर संयंत्र और ललितपुर में स्थित बजाज पावर प्लांट में रोजाना 2900 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है। लेकिन, कोयले की कमी की वजह से पिछले एक सप्ताह के दरम्यान उत्पादन में भारी गिरावट आई है। पारीछा की चार में से दो इकाई लगातार बंद चल रही हैं। यहां 920 की जगह 460 मेगावाट बिजली का ही उत्पादन हो पा रहा है। वहीं, पांच दिन पहले ललितपुर प्लांट की 660-660 मेगावाट की तीन इकाइयों में से कोयला न होने की वजह से दो को बंद करना पड़ गया था। इससे यहां बिजली का उत्पादन 1980 मेगावाट से घटकर 660 मेगावाट रह गया था। लेकिन, ललितपुर प्लांट को बीते रोज कोयले की चार रैक हासिल हो गईं। इसके अलावा एक-दो दिन के भीतर तीन रैक और आने वाली हैं। ऐसे में रविवार से बंद पड़ी 660 मेगावाट की एक इकाई को और शुरू कर दिया गया।
हालांकि, अब भी दोनों थर्मल पावर संयंत्रों में 2900 की जगह 1780 मेगावाट बिजली का ही उत्पादन हो रहा है। त्योहारी सीजन में बिजली की मांग बेतहाशा रूप से बढ़ी हुई है। ऐसे में उत्पादन में आई गिरावट चिंता का सबब बनी हुई है।
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झांसी। कोयले की खेप मिलने पर ललितपुर स्थित बजाज पावर प्लांट की बंद पड़ीं दो इकाइयों में से एक का संचालन रविवार को शुरू कर दिया गया। जबकि, पारीछा की चार में से दो इकाई ही चल पा रही हैं। ललितपुर की एक इकाई के शुरू होने से बिजली उत्पादन में बढ़ोत्तरी तो हुई है, परंतु मांग के अनुरूप कोयला न होने की वजह से बिजली उत्पादन का सामान्य आंकड़ा अभी भी काफी दूर है।
झांसी के थर्मल पावर संयंत्र और ललितपुर में स्थित बजाज पावर प्लांट में रोजाना 2900 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है। लेकिन, कोयले की कमी की वजह से पिछले एक सप्ताह के दरम्यान उत्पादन में भारी गिरावट आई है। पारीछा की चार में से दो इकाई लगातार बंद चल रही हैं। यहां 920 की जगह 460 मेगावाट बिजली का ही उत्पादन हो पा रहा है। वहीं, पांच दिन पहले ललितपुर प्लांट की 660-660 मेगावाट की तीन इकाइयों में से कोयला न होने की वजह से दो को बंद करना पड़ गया था। इससे यहां बिजली का उत्पादन 1980 मेगावाट से घटकर 660 मेगावाट रह गया था। लेकिन, ललितपुर प्लांट को बीते रोज कोयले की चार रैक हासिल हो गईं। इसके अलावा एक-दो दिन के भीतर तीन रैक और आने वाली हैं। ऐसे में रविवार से बंद पड़ी 660 मेगावाट की एक इकाई को और शुरू कर दिया गया।
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हालांकि, अब भी दोनों थर्मल पावर संयंत्रों में 2900 की जगह 1780 मेगावाट बिजली का ही उत्पादन हो रहा है। त्योहारी सीजन में बिजली की मांग बेतहाशा रूप से बढ़ी हुई है। ऐसे में उत्पादन में आई गिरावट चिंता का सबब बनी हुई है।
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