{"_id":"617d9d536761f47706787e45","slug":"coal-crisis-over-at-parichha-plant-stock-increased-jhansi-news-jhs2078442141","type":"story","status":"publish","title_hn":"पारीछा प्लांट में कोयले का संकट खत्म, बढ़ गया स्टॉक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पारीछा प्लांट में कोयले का संकट खत्म, बढ़ गया स्टॉक
विज्ञापन
झांसी। पारीछा थर्मल पावर प्लांट में कोयले का संकट खत्म हो गया है। प्लांट की चारों इकाइयां बंद होने के कारण कोयले का स्टॉक 90 हजार टन पर पहुंच गया है। इस स्टॉक से बिना कोयला मिले ही दस दिन तक चारों इकाइयों को चलाया जा सकता है। प्लांट में 4.50 लाख टन कोयला रखने की जगह है। इधर, ललितपुर स्थित संयंत्र में 660 मेगावाट की तीन इकाइयों में से दो से उत्पादन बराबर हो रहा है।
मौसम में ठंडक बढ़ते ही प्रदेश में बिजली की मांग लगातार कम चल रही है। शनिवार को भी प्रदेश में दिन के वक्त 1100 मेगावाट और रात में 15500 हजार मेगावाट बिजली की मांग रही। जबकि आम दिनों यह मांग 20 हजार मेगावाट तक रहती है। वहीं, 17 अक्तूबर से पारीछा थर्मल पावर प्लांट की 920 मेगावाट क्षमता की चारों इकाइयों और हरदुआ गंज की 500 मेगावाट की दोनों इकाइयां स्टेट लोड डिस्पेच सेंटर लखनऊ (एसएलडी) के आदेश पर बंद कर दी गई थी। शनिवार को भी प्लांट की चारों इकाइयों को बंद रखा गया। वहीं, शनिवार को एक मालगाड़ी और मिलने से स्टॉक में 90 हजार टन कोयला इकट्ठा हो गया है।
- स्टेट लोड डिस्पेच सेंटर लखनऊ के आदेश पर इकाइयों को बंद किया गया है। कोयले की मालगाड़ियां लगातार मिल रहीं हैं, इससे स्टॉक बढ़ता जा रहा है।
एमके सचान, मुख्य महाप्रबंधक (पारीछा थर्मल पावर प्लांट)।
विज्ञापन
मौसम में ठंडक बढ़ते ही प्रदेश में बिजली की मांग लगातार कम चल रही है। शनिवार को भी प्रदेश में दिन के वक्त 1100 मेगावाट और रात में 15500 हजार मेगावाट बिजली की मांग रही। जबकि आम दिनों यह मांग 20 हजार मेगावाट तक रहती है। वहीं, 17 अक्तूबर से पारीछा थर्मल पावर प्लांट की 920 मेगावाट क्षमता की चारों इकाइयों और हरदुआ गंज की 500 मेगावाट की दोनों इकाइयां स्टेट लोड डिस्पेच सेंटर लखनऊ (एसएलडी) के आदेश पर बंद कर दी गई थी। शनिवार को भी प्लांट की चारों इकाइयों को बंद रखा गया। वहीं, शनिवार को एक मालगाड़ी और मिलने से स्टॉक में 90 हजार टन कोयला इकट्ठा हो गया है।
विज्ञापन
- स्टेट लोड डिस्पेच सेंटर लखनऊ के आदेश पर इकाइयों को बंद किया गया है। कोयले की मालगाड़ियां लगातार मिल रहीं हैं, इससे स्टॉक बढ़ता जा रहा है।
एमके सचान, मुख्य महाप्रबंधक (पारीछा थर्मल पावर प्लांट)।