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छात्रों के हॉस्टल में रहने की जांच करेंगे सीओ व सिटी मजिस्ट्रेट
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झांसी। 11 अक्तूबर को सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। 10 अक्तूबर से राजकीय पॉलीटेक्निक के छात्रावास बंद होने के बाद भी छात्र उसमें कैसे रह रहे थे। इसकी जांच जांच सीओ व सिटी मजिस्ट्रेट मिलकर करेंगे।
राजकीय पॉलीटेक्निक में छात्रों के रहने के लिए दो हॉस्टल बने हैं। कोरोना के चलते सभी छात्र घर चले गए थे। इसी बीच 23 सितंबर से नौ अक्तूबर तक तृतीय वर्ष के छात्रों की परीक्षाएं थीं। बाहर से जो छात्र आए थे, उनके रुकने के लिए एक हॉस्टल खोल दिया गया था। छात्रों के वापस जाने पर दस अक्तूबर को हॉस्टल को बंद कर दिया गया। अब ऐसे में सवाल उठता है कि जब हॉस्टल बंद थे, जो छात्र कैसे रुके थे। सवाल यह भी उठता है कि किसी ने देखा तो टोका क्यों नहीं। इन सब मामलों की जांच सीओ सिटी राजेश सिंह व सिटी मजिस्ट्रेट सलिल पटेल करेंगे। साथ ही वह कॉलेज प्रशासन से भी जानकारी लेंगे कि आखिर छात्र कैसे रह रहे थे।
फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए मोबाइल
आरोपियों के पास से पुलिस ने सात मोबाइल बरामद किए थे। मोबाइल से कुछ अश्लील वीडियो, फोटो व अन्य सामग्री भी पुलिस को मिली थी। बरामद हुए मोबाइलों को जांच के लिए फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। हर वीडियो की जांच की जाएगी।
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अन्य छात्रों के भी दर्ज होंगे बयान
घटना वाले दिन छात्रावास में रहने वाले अन्य छात्रों के भी पुलिस टीम बयान दर्ज करेगी। बताया गया है कि घटना वाले दिन छात्रावास में अन्य छात्र भी थे। जो पुलिस के आने पर डरकर इधर-उधर हो गए थे। पुलिस अब इन छात्रों से संपर्क करने में जुट गई है। सभी से पुलिस मामले में जांच करेगी।
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राजकीय पॉलीटेक्निक में छात्रों के रहने के लिए दो हॉस्टल बने हैं। कोरोना के चलते सभी छात्र घर चले गए थे। इसी बीच 23 सितंबर से नौ अक्तूबर तक तृतीय वर्ष के छात्रों की परीक्षाएं थीं। बाहर से जो छात्र आए थे, उनके रुकने के लिए एक हॉस्टल खोल दिया गया था। छात्रों के वापस जाने पर दस अक्तूबर को हॉस्टल को बंद कर दिया गया। अब ऐसे में सवाल उठता है कि जब हॉस्टल बंद थे, जो छात्र कैसे रुके थे। सवाल यह भी उठता है कि किसी ने देखा तो टोका क्यों नहीं। इन सब मामलों की जांच सीओ सिटी राजेश सिंह व सिटी मजिस्ट्रेट सलिल पटेल करेंगे। साथ ही वह कॉलेज प्रशासन से भी जानकारी लेंगे कि आखिर छात्र कैसे रह रहे थे।
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फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए मोबाइल
आरोपियों के पास से पुलिस ने सात मोबाइल बरामद किए थे। मोबाइल से कुछ अश्लील वीडियो, फोटो व अन्य सामग्री भी पुलिस को मिली थी। बरामद हुए मोबाइलों को जांच के लिए फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। हर वीडियो की जांच की जाएगी।
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अन्य छात्रों के भी दर्ज होंगे बयान
घटना वाले दिन छात्रावास में रहने वाले अन्य छात्रों के भी पुलिस टीम बयान दर्ज करेगी। बताया गया है कि घटना वाले दिन छात्रावास में अन्य छात्र भी थे। जो पुलिस के आने पर डरकर इधर-उधर हो गए थे। पुलिस अब इन छात्रों से संपर्क करने में जुट गई है। सभी से पुलिस मामले में जांच करेगी।