फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   cm ki sakti se macha hadcamp, narsinghome se suru hui rikavri

मुख्यमंत्री की सख्ती से मचा हड़कंप, नर्सिंगहोमों से रिकवरी शुरू

Thu, 27 May 2021 12:40 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 27 May 2021 12:40 AM IST
विज्ञापन
cm ki sakti se macha hadcamp, narsinghome se suru hui rikavri
मुख्यमंत्री की सख्ती से मचा हड़कंप, नर्सिंगहोमों से शुरू हुई रिकवरी
विज्ञापन

झांसी। कोरोना काल में जनता लुटती रही और प्रशासनिक अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे मगर जब से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अस्पतालों के खिलाफ सख्ती के आदेश दिए हैं। तब से सरकारी मशीनरी हरकत में आ गई है। अब नर्सिंगहोमों से अवैध वसूली की रिकवरी शुरू हो गई है। एक अस्पताल से पैसा वापस कराया गया है। कइयों से वसूली की तैयारी है।
कोरोना काल में झांसी के कई निजी अस्पतालों ने आपदा को अवसर में बदला। इलाज के नाम पर सरकारी आदेशों को धता बताते हुए जमकर वसूली की गई। लोगों की प्राथमिकता अपने मरीज को बचाने की रही, इस कारण उन्होंने भी पानी की तरह पैसा बहाया। कइयों ने अपनी जमीन-जेवर गिरवी रख दिए तो कइयों ने सूदखोर से पैसे लिए। शासन की तरफ से बार-बार सख्त कार्रवाई का निर्देश जारी होने के बावजूद जिले के अफसर हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। हाल ही में जनपद दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी भाजपा विधायक रवि शर्मा, जवाहर लाल राजपूत, बिहारी लाल आर्य ने नर्सिंगहोमों की अवैध वसूली की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने भी समीक्षा बैठक में जनता से इलाज के नाम पर मनमाना पैसा वसूलने वाले नर्सिंगहोमों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। अब लोग भी अपनी शिकायत लेकर खुलकर सामने आने लगे हैं। बुधवार को भी स्वास्थ्य विभाग के पास तीन नई शिकायतें पहुंची हैं। इसमें से एक अस्पताल से रिकवरी भी हो गई है। वहीं, एक और अस्पताल से भी बृहस्पतिवार को रिकवरी के आदेश जारी किए जा सकते हैं। कुल मिलाकर प्रशासन की नाकामी के बाद जब सीधे मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया तब जाकर प्रशासनिक मशीनरी चेती है।
विज्ञापन

10 दिन में वसूले सवा दो लाख
जांच अधिकारी ने बताया कि एक अस्पताल के खिलाफ दस दिन में सवा दो लाख रुपये से ज्यादा की वसूली की शिकायत आई है। इस मामले में नर्सिंगहोम से भी रिपोर्ट तलब की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

निजी अस्पतालों में इलाज की ये हैं दरें
सरकार द्वारा शहरों को ए, बी और सी श्रेणी में बांटते हुए इलाज की अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं। झांसी बी श्रेणी और जालौन व ललितपुर सी श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है। इसके अलावा दरों का विभाजन नेशनल एक्रिडिएशन बोर्ड ऑफ हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर (एनएबीएच) से संबद्ध और गैर संबद्ध अस्पतालों के आधार पर भी किया गया है।
एनएबीएच से संबद्ध अस्पतालों के लिए रेट
जनपद ऑक्सीजन पर आईसीयू वेंटिलेटर
झांसी 8000 12000 14400
ललितपुर 6000 9000 10800
जालौन 6000 9000 10800
एनएबीएच से गैर संबद्ध अस्पतालों के लिए रेट
जनपद ऑक्सीजन पर आईसीयू वेंटिलेटर
झांसी 6400 10400 12000
ललितपुर 4800 7800 9000
जालौन 4800 7800 9000
(यह रेट प्रतिदन के हैं)।
पैकेज में अन्य सुविधाएं भी हैं शामिल
शासन द्वारा निजी अस्पतालों के लिए तय की गई इलाज की दरों में अन्य सुविधाएं भी शामिल हैं। ऑक्सीजन, पीपीई किट, विजिट कंसल्टेंसी, वाईपैप, वेंटिलेटर, नर्सिंग केयर और सामान्य जांचें आदि का अलग से शुल्क नहीं वसूला जा सकता है।

वर्जन..
तीन नए अस्पतालों के खिलाफ निर्धारित से अधिक शुल्क वसूली की शिकायत आई है। उनके खिलाफ जांच शुरू हो गई है। वहीं, एक अस्पताल से 400 रुपये प्रतिदिन की दर से पैसा वापस कराया गया है। नियमानुसार जांच कर कार्रवाई की जा रही है। - डॉ. महेंद्र कुमार, जांच अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed