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Jhansi: सिपाही के संग नजदीकी ने यशस्वी के सपनों पर फेर दिया पानी, सट्टेबाजी मामले में हुई गिरफ्तार

Sat, 09 May 2026 02:32 AM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: झांसी ब्यूरो Updated Sat, 09 May 2026 02:32 AM IST
सार

गिरफ्तारी के बाद यशस्वी ने पुलिसकर्मियों से कहा कि जो उसे पत्नी का दर्जा नहीं दिला सका, उसने आखिरकार जेल पहुंचा दिया। पुलिस अब यशस्वी के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की जांच में जुटी है।

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Jhansi: Yashasvi's closeness with a constable ruined his dreams, he was arrested in a betting case.
बर्खास्त सिपाही रजत की फाइल फोटो व गिरफ्तार यशस्वी एवं निशा। - फोटो : विभाग

विस्तार

सिपाही रजत कुमार सिंह के साथ सहमति संबंध में रह रही यशस्वी द्विवेदी पढ़ाई-लिखाई में काफी होशियार थी। एमए और बीएड करने के बाद पहले वह शिक्षक बनना चाहती थी, फिर दरोगा भर्ती की परीक्षा में भी शामिल हुई लेकिन रजत से दोस्ती के बाद उसकी जिंदगी अलग दिशा में चली गई। पुलिस के मुताबिक, रजत के कहने पर वह परिवार छोड़कर उसके साथ रहने लगी और बाद में ऑनलाइन सट्टेबाजी के कारोबार में भी शामिल हो गई।
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दोनों ने रॉयल सिटी जैसी पॉश कॉलोनी में फ्लैट लेकर रहना शुरू किया। पुलिस का कहना है कि रजत ऑनलाइन सट्टा खिलवाने का काम करता था और यशस्वी को इसकी पूरी जानकारी थी। वह भी इस नेटवर्क का हिस्सा बनी रही। शिक्षक बनने का सपना अधूरा रहने के बाद यशस्वी के भीतर खाकी वर्दी पहनने की इच्छा जगी। उसने दरोगा भर्ती परीक्षा की तैयारी शुरू की और पिछले महीने हुई परीक्षा में शामिल भी हुई। हालांकि, सट्टेबाजी प्रकरण में नाम सामने आने के बाद उसका यह सपना भी टूट गया। गिरफ्तारी के बाद उसने पुलिसकर्मियों से कहा कि जो उसे पत्नी का दर्जा नहीं दिला सका, उसने आखिरकार जेल पहुंचा दिया। पुलिस अब यशस्वी के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की जांच में जुटी है। आशंका है कि सट्टा गिरोह से जुड़ी रकम और संपत्ति उसके माध्यम से ठिकाने लगाई जाती थी। पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है।
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झांसी छोड़कर भागने की थी तैयारी
सट्टा मामले में वांछित सुमित साहू की तलाश में पुलिस राजीव नगर स्थित उसके घर पहुंची थी। वहां सुमित नहीं मिला, लेकिन उसकी दोस्त निशा खान के बारे में जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक, निशा ने ही बताया कि यशस्वी नकदी लेकर झांसी छोड़ने की तैयारी में है। इसके बाद पुलिस रॉयल सिटी स्थित फ्लैट पहुंची, जहां रजत और यशस्वी दोनों मौजूद मिले। पुलिस ने वहां से नकदी और सोने के जेवर बरामद किए। सूत्रों का कहना है कि पैसों के बंटवारे को लेकर निशा और यशस्वी के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद पुलिस को सुराग मिला और पूरे मामले का खुलासा हो गया।
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अब खाकी तक पहुंची जांच की आंच
सिपाही रजत का नाम सामने आने के बाद जांच का दायरा पुलिस विभाग तक पहुंच गया है। वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि इतना बड़ा सट्टा नेटवर्क अकेले एक सिपाही के बूते चलना संभव नहीं है। ऐसे में अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

गिरफ्तारी के बाद भी पद पर बना है आशीष
सहकारी बैंक के डायरेक्टर और भाजपा किसान मोर्चा के कोषाध्यक्ष आशीष उपाध्याय की गिरफ्तारी के आठ दिन बाद भी उस पर पार्टी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वह अभी भी कोषाध्यक्ष पद पर बना हुआ है। इसके विपरीत, 25 अप्रैल को सट्टेबाजी के आरोप में गिरफ्तार भाजपा के तत्कालीन मंडल उपाध्यक्ष हरेंद्र परिहार को चार दिन के भीतर पद से हटा दिया गया था। आशीष उपाध्याय फिलहाल जेल में बंद है, लेकिन पार्टी पदाधिकारी इस मुद्दे पर खुलकर कुछ बोलने से बच रहे हैं।


पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम
एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। टीम में एसीपी अरीबा नोमान, अतिरिक्त निरीक्षक चंद्रदेव यादव, साजेश कुमार, वंदना सिंह, प्रदीप कुमार, ओम गुप्ता और रेखा सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।

मामले की जानकारी देते एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति...


 
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