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दावा : जोड़ दर्द और अपच से राहत देगा श्रीअन्न से बना पाउडर
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों की थकान, कब्ज और अपच जैसी समस्याओं के निदान करने के लिए बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में श्रीअन्न, ऑयस्टर मशरूम व कौंच बीज (वेल्वेट बीन) आदि को मिलाकर पाउडर बनाया है। इसका आईआईटी बॉम्बे, स्टेट फूड्स लैबोरेटरी आदि में परीक्षण भी हो चुका है। अब इसका ट्रायल शुरू होगा।
बीयू में वनस्पति विज्ञान विभाग के सहायक प्रोफेसर राजेश पांडेय, कृषि विज्ञान विभाग के डॉ. अवनीश दुबे व डॉ. जय नारायण तिवारी ने शोध के तहत पोषण व औषधीय गुणों से युक्त जैव संयोजन यानी न्यूट्रास्यूटिकल बायोफॉर्मुलेशन बनाया है। शोध में दावा किया गया है कि इसके सेवन से विटामिन-डी, फाइबर व कैल्शियम की कमी की समस्या का निदान होगा। यह शोध कार्य बीयू के टैक्नोलॉजी इनेबलिंग सेंटर के तहत टैक्नोलॉजी हैकथॉन-दो के तहत वित्तपोषित है।
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प्रो. राजेश पांडेय ने बताया कि बायोफॉर्मुलेशन में श्रीअन्न (बाजरा आदि) को शामिल किया गया है। इनमें घुलनशील व अघुलनशील फाइबर होते है, जो पाचन को बेहतर बनाते हैं। आंत के विकारों को कम करने में सहायक होता है। इससे कब्ज, अपच व गैस जैसी समस्या भी कम होती है। ऑयस्टर मशरूम में प्राकृतिक रूप से विटामिन-डी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यह मशरूम हड्डियों को मजबूर करने, जोड़ों के दर्द एवं मांसपेशियों की थकान को दूर करने में सहायक होगा। वेल्वेट बीन (कौंच बीज) में एल-ड्रापा होता है, जो डोपामाइन का अग्रद्रव्य है। विशेष रूप से मधुमेह (डायबिटीज) रोगियों में न्यूरोपैथी को नियंत्रित करने में काफी प्रभावी होता है। इस संयोजन की वैज्ञानिक गुणवत्ता और प्रभावशीलता की पुष्टि एसएआईएफ, आईआईटी बॉम्बे और स्टेट फूड्स लैबोरेटरी में हो चुकी है। परीक्षण में डोपामिन को उत्तेजित करने वाले यौगिकों, विटामिन-डी, फाइबर व कैल्शियम की उपयुक्त मात्रा मिली है।
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इस पाउडर को दूध, पानी अथवा आटे में मिलाकर खाया जा सकता है। प्रयोगशालाओं में जांच के बाद अब इसका ट्रायल शुरू किया जाएगा ताकि परिणाम सामने आ सके। प्रो. पांडेय बताते हैं कि यह उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करके बनाया गया है, जो स्वास्थ्यवर्धक और किफायती है।