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दिन में शहर के पार्क बंद, लोग परेशान

Tue, 04 Dec 2018 01:50 AM IST
jhansi
jhansi Updated Tue, 04 Dec 2018 01:50 AM IST
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city park clsed in day.public flurried
rani laxmibai park jhansi - फोटो : amarujala
शहर के पार्कों को दिन में बंद रखा जा रहा है। नगर निगम की इस नई व्यवस्था से लोग परेशान हैं। उन्हें दिन में घूमने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। लोगों ने इसे नगर निगम का मनमाने ढंग से लागू किया गया तुगलकी फरमान बताया है। उनका कहना है कि नगर निगम ने अपनी सुविधा देखी, लेकिन जन सहूलियत का ध्यान नहीं रखा। सभी पुरानी समय सारिणी को ही सही बता रहे हैं।
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किले की तलहटी में स्थित रानी लक्ष्मीबाई व मैथिलीशरण गुप्त पार्क और सीपरी बाजार के कांशीराम पार्क के खुलने और बंद होने का समय पिछले सप्ताह बृहस्पतिवार से परिवर्तित कर दिया गया है। पहले ये पार्क सुबह 4.30 बजे से रात 8.30 बजे तक खुले रहते थे। लेकिन, अब इन्हें सुबह 11 से शाम पांच बजे तक बंद रखा जा रहा है। सोमवार को नगर निगम के इस फैसले पर अमर उजाला ने लोगों की राय जानी, जिसमें ज्यादातर लोेग इसके विरोध में खड़े नजर आए। स्थानीय लोगों के साथ-साथ सैलानियों ने भी इसे गलत ठहराया।  
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लोगों का कहना है कि जाड़े के दिनों में धूप खिलने पर लोग पार्कों की ओर रुख करते हैं। सैर सपाटा भी हो जाता है और धूप भी सेंक लेते हैं। जबकि, किले और संग्रहालय में भी दिन में ही सैलानी आते हैं, जो पार्क जाना भी पसंद करते हैं। खासतौर पर रानी लक्ष्मीबाई पार्क में लगी वीरांगना की प्रतिमा को देखने की ज्यादातर सैलानियों में उत्सुकता रहती है। लेकिन, दिन में पार्कों में ताला लगा होने की वजह से सभी को मायूसी उठानी पड़ रही है। जन सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए नगर निगम को पार्कों की पुरानी समय सारिणी बहाल करनी चाहिए।
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ये है नई समय सारिणी
नगर निगम की ओर से पार्कों के खुलने और बंद होने की बनाई गई नई समय सारिणी के अनुसार एक अक्तूबर से 31 मार्च तक सुबह पांच बजे से 11 बजे तक और शाम को चार बजे से रात दस बजे तक पार्क खुलेंगे। जबकि, एक अप्रैल से 30 सितंबर तक सुबह चार से दस बजे तक व शाम को सुबह पांच से रात दस बजे तक खुलेंगे।

हजम नहीं हो रही फेरबदल की वजह  
नगर निगम की ओर से पार्कों के खुलने और बंद होने के समय में किए गए परिवर्तन की बताई जा रही वजह लोगों को हजम नहीं हो रही है। नगर आयुक्त प्रताप सिंह भदौरिया ने कहा कि पार्कों में दिन में शरारती तत्वों द्वारा ओपन जिम को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इसके अलावा अवांछनीय तत्वों का भी जमावड़ा बना रहता है। इन वजहों से दोपहर में पार्क बंद रखने का फैसला लिया गया है। इस पर लोगों का कहना है कि पार्कों में सुरक्षा के लिए गार्ड तैनात किए जाने चाहिए, जो रानी लक्ष्मीबाई और मैथिलीशरण पार्क में हैं भी। इनकी संख्या बढ़ानी चाहिए। इसके अलावा सीसी टीवी कैमरे लगाए जाने चाहिए। अवांछनीय तत्वों को रोकने के लिए पुलिस गश्त की व्यवस्था की जा सकती है। लेकिन, आम लोगों को पार्कों में जाने से नहीं रोकना चाहिए।

सूचना देना भी जरूरी नहीं समझा
नगर निगम ने पार्कों के खुलने और बंद होने के समय में फेरबदल तो कर दिया है, लेकिन आम लोगों को इसकी सूचना देना तक जरूरी नहीं समझा। पार्कों के गेटों पर दिन भर ताले लटके रहते हैं, लेकिन नया समय बताने वाला वहां कोई सूचना पट नहीं लगा है। लोग आते हैं और पार्क बंद देख यहां-वहां पूछताछ कर वापस लौट जाते हैं।


मनमाना है आदेश
पार्कों को दिन में बंद रखने का नगर निगम का मनमाना आदेश है। निगम ने अपनी सुविधा देखी, परंतु जन सहूलियत का ख्याल नहीं रखा। ये मौलिक अधिकारों का हनन भी है। नगर निगम को पार्कों को दिन में खुले रखने की व्यवस्था अविलंब बहाल करनी चाहिए।
- देवेंद्र रायकवार, अधिवक्ता

सभी के लिए है परेशानी
शहर में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं होती रहती हैं। समय मिलने पर अभ्यर्थी यहां वहां घूमने की जगह पार्क में आकर बैठ जाते हैं। यहीं वे अपनी पढ़ाई भी करते रहते हैं। इसके अलावा बुजुर्ग भी दिन में पार्क में समय बिताते हैं। लेकिन, पार्क बंद होने की वजह से वे परेशान होंगे।
- हरजीत सिंह परिहार, सिविल लाइन

अब कहां समय बिताएंगे?
हैदराबाद से लखनऊ जा रहे हैं। झांसी उतरकर किला देखा। रात आठ बजे की गाड़ी है। ऐसे में समय बिताने के लिए पार्क में आए थे। रानी लक्ष्मीबाई की मूर्ति भी देखनी थी। लेकिन, पार्क के सभी गेटों पर ताला लगा हुआ है। ऐसे में समझ नहीं आ रहा है कि बचा हुआ समय कहां बिताएंगे?

- विनय, सैलानी

दिन में भी रहने चाहिए खुले
ओरछा से पति और बच्चों के साथ किला और पार्क घूमने आए थे। किला तो देख लिया, सोचा था पार्क में तसल्ली से बैठेंगे। बच्चे झूला झूल लेंगे। लेकिन, यहां तो दरवाजे बंद हैं। अब रात में या सुबह तो ओरछा से पार्क घूमने यहां तक नहीं आ सकते हैं। दिन में भी पार्क खुले रखने चाहिए।
- पूनम, सैलानी
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