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Jhansi News: गांव की लाइब्रेरी में मिलेंगी शहर जैसी डिजिटल सुविधाएं
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। जिले की 212 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की व्यवस्था होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को कंप्यूटर, इंटरनेट और अन्य आधुनिक सुविधाओं का लाभ उन्हीं की ग्राम पंचायतों में मिल सकेगा। युवाओं को ऑनलाइन शिक्षा के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इसके लिए पहले चरण में 106 ग्राम पंचायतों में काम शुरू हो गया है। एक-एक लाइब्रेरी की स्थापना पर चार-चार लाख रुपये समेत कुल 4.24 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
डिजिटल लाइब्रेरी में बच्चों को ई-बुक्स, डिजिटल कंटेंट, ऑडियो-वीडियो लेक्चर आदि इंटरनेट से जुड़ी सुविधाएं दी जाएंगी। इसकी देखभाल की जिम्मेदारी प्रधान और पंचायत सचिव की होगी। इससे ग्रामीण स्तर पर ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। पहले से रिकॉर्ड किए गए ऑडियाे और वीडियो से पढ़ाई और भी रोचक ढंग से हो सकेगी। डिजिटल लाइब्रेरी में दो लाख रुपये कंप्यूटर, प्रिंटर और इंटरनेट के लिए निर्धारित किए गए हैं जबकि बाकी दो लाख रुपये किताबों और अन्य वस्तुओं पर खर्च होंगे। सचिवालयों में इन्वर्टर की व्यवस्था की जाएगी, जिससे बिजली की समस्या का समाधान हो जाएगा और छात्रों को डिजिटल सेवा प्राप्त हो सकेगी। इनके विकसित होने से बिजली, इंटरनेट और कंप्यूटर की कमी के कारण छात्र-छात्राएं अब डिजिटल शिक्षा से वंचित नहीं रहेंगे।
बच्चों के लिए अखबार की भी व्यवस्था होगी
लाइब्रेरी में बच्चों के लिए हिंदी और अंग्रेजी के अखबार, मैगजीन, साहित्य, कहानी और नाटक की किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही लाइब्रेरी के दीवारों पर थीम आधारित पेंटिंग्स भी बनाई जाएंगी, ताकि बच्चों को एक आकर्षक और ज्ञानवर्धक वातावरण मिले। लाइब्रेरी में कंप्यूटर, टेबल, कुर्सी, शुद्ध पेयजल और शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएंगी।
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.- आठ ब्लॉक की सभी 496 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की व्यवस्था की जाएगी। प्रथम चरण में अभी 212 ग्राम पंचायतें स्वीकृत की गई हैं इनमें से 50 प्रतिशत में काम शुरू कर दिया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को भी शहरों की तरह ही उन्नत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो सकेगी। - बालगोविंद श्रीवास्तव, जिला पंचायत राज अधिकारी, झांसी
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झांसी। जिले की 212 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की व्यवस्था होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को कंप्यूटर, इंटरनेट और अन्य आधुनिक सुविधाओं का लाभ उन्हीं की ग्राम पंचायतों में मिल सकेगा। युवाओं को ऑनलाइन शिक्षा के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इसके लिए पहले चरण में 106 ग्राम पंचायतों में काम शुरू हो गया है। एक-एक लाइब्रेरी की स्थापना पर चार-चार लाख रुपये समेत कुल 4.24 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
डिजिटल लाइब्रेरी में बच्चों को ई-बुक्स, डिजिटल कंटेंट, ऑडियो-वीडियो लेक्चर आदि इंटरनेट से जुड़ी सुविधाएं दी जाएंगी। इसकी देखभाल की जिम्मेदारी प्रधान और पंचायत सचिव की होगी। इससे ग्रामीण स्तर पर ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। पहले से रिकॉर्ड किए गए ऑडियाे और वीडियो से पढ़ाई और भी रोचक ढंग से हो सकेगी। डिजिटल लाइब्रेरी में दो लाख रुपये कंप्यूटर, प्रिंटर और इंटरनेट के लिए निर्धारित किए गए हैं जबकि बाकी दो लाख रुपये किताबों और अन्य वस्तुओं पर खर्च होंगे। सचिवालयों में इन्वर्टर की व्यवस्था की जाएगी, जिससे बिजली की समस्या का समाधान हो जाएगा और छात्रों को डिजिटल सेवा प्राप्त हो सकेगी। इनके विकसित होने से बिजली, इंटरनेट और कंप्यूटर की कमी के कारण छात्र-छात्राएं अब डिजिटल शिक्षा से वंचित नहीं रहेंगे।
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बच्चों के लिए अखबार की भी व्यवस्था होगी
लाइब्रेरी में बच्चों के लिए हिंदी और अंग्रेजी के अखबार, मैगजीन, साहित्य, कहानी और नाटक की किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही लाइब्रेरी के दीवारों पर थीम आधारित पेंटिंग्स भी बनाई जाएंगी, ताकि बच्चों को एक आकर्षक और ज्ञानवर्धक वातावरण मिले। लाइब्रेरी में कंप्यूटर, टेबल, कुर्सी, शुद्ध पेयजल और शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएंगी।
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.- आठ ब्लॉक की सभी 496 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की व्यवस्था की जाएगी। प्रथम चरण में अभी 212 ग्राम पंचायतें स्वीकृत की गई हैं इनमें से 50 प्रतिशत में काम शुरू कर दिया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को भी शहरों की तरह ही उन्नत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो सकेगी। - बालगोविंद श्रीवास्तव, जिला पंचायत राज अधिकारी, झांसी
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