झांसी: फर्जी दस्तावेजों से ट्रैक्टर फाइनेंस कराकर बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार, 18 ट्रैक्टर बरामद, मिलेगा 11 हजार का इनाम
पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग चोरी के ट्रैक्टर लेकर झांसी आए हैं और वे इन्हें बेचने की फिराक में हैं। जानकार मिलते ही एसओजी प्रभारी राजेश पाल, प्रभारी सर्विलांस प्रेमसागर तथा टोड़ीफतेहपुर के थानाध्यक्ष अजमेर सिंह भदौरिया अपनी-अपनी टीमों के साथ सक्रिय हो गए।
विस्तार
गिरोह के तीन सदस्यों को दबोच लिया गया है और उनके पास से 18 ट्रैक्टर बरामद किए गए हैं। इस गिरोह का नेटवर्क प्रदेश के कई जिलों में फैला हुआ है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिवहरि मीणा के कार्यभार संभालने के बाद सक्रिय हुई झांसी पुलिस ने कूटरचित दस्तावेजों को तैयार कर चोरी के ट्रैक्टर बेचने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग चोरी के ट्रैक्टर लेकर झांसी आए हैं और वे इन्हें बेचने की फिराक में हैं।
जानकार मिलते ही एसओजी प्रभारी राजेश पाल, प्रभारी सर्विलांस प्रेमसागर तथा टोड़ीफतेहपुर के थानाध्यक्ष अजमेर सिंह भदौरिया अपनी-अपनी टीमों के साथ सक्रिय हो गए। साथ ही अपना मुखबिर तंत्र भी फैला दिया। सक्रिय हुई पुलिस ने थाना टोड़ी फतेहपुर के पंडवाहा तिराहा गुरसराय रोड पर तीन शातिर अभियुक्तों को चोरी के ट्रैक्टर के साथ पकड़ा। अभियुक्तों ने पूछताछ में अपने नाम जिला मथुरा के थाना छाता के ग्राम भदावल निवासी राजेश कुमार पांडेय (ट्रैक्टर चालक), जिला जालौन के थाना कोंच के ग्राम भेड निवासी प्रताप सिंह तथा झांसी के थाना समथर के ग्राम दतावली निवासी गौरीशंकर बताए।
इस दरम्यान उन्होंने बताया कि ये ट्रैक्टर उन्हाेंने मथुरा के छाता के किसानों से खरीदे हैं। उन्होंने बताया कि किसान फर्जी ढंग से ट्रैक्टर फाइनेंस कराकर दस रुपये स्टांप पेपर पर लिखापढ़ी कर उन्हें बेच देते थे। ये लोग ट्रैक्टरों की खरीद - फरोख्त में दलाली हासिल करते थे। अभियुक्तों की निशानदेही पर ग्राम रेवन के बाहर ानदी किनारे खड़े चार ट्रैक्टर, ग्राम एवनी से सटकर सड़क किनारे खड़े पांच ट्रैक्टर, ग्राम पुछी के बाहर रास्ते के किनारे खड़े छह ट्रैक्टर तथा ग्राम लठवारा में मंदिर के पास खड़े दो ट्रैक्टरों को बरामद किया गया।
टीम को मिलेगा 11 हजार का इनाम
चोरी के ट्रैक्टर को कूटरचित दस्तावेजों के जरिये बेचने वाले गिरोह को पकड़ने वाली पुलिस टीम को एसएसपी ने 11,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष टोड़ी फतेहपुर अजमेर सिंह भदौरिया, एसओजी प्रभारी राजेश पाल सिंह, सर्विलांस प्रभारी प्रेमसागर, उप निरीक्षक मानेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल योगेंद्र सिंह चौहान व पद्म गोस्वामी समेत कांस्टेबल प्रदीप सेंगर, शैलेंद्र सिंह चौहान, राजेश कुमार, प्रद्युम्न तिवारी, सत्यवीर सिंह, विजय कुमार त्रिपाठी, दीपक कुमार व रोहित कुमार शामिल रहे।
सामान्यत: नए ट्रैक्टर की कीमत छह लाख रुपये है। लेकिन, किसानों को चोरी के ये ट्रैक्टर दो से तीन लाख रुपये में मिल जाते हैं। किसानों को ये नहीं बताया जाता कि ट्रैक्टर चोरी के हैं। बल्कि, ये कहकर बेचा जाता है कि किसान ने ट्रैक्टर फाइनेंस कराए थे, लेकिन अब वो उसकी किस्त अदा नहीं कर पा रहा है। ऐसे में कंपनी ने ये ट्रैक्टर खींच लिए हैं। कंपनी अपनी डूबी हुई रकम निकालने के लिए ट्रैक्टर बेच रही है। लाखों रुपये के मुनाफे की लालच में आकर किसान ट्रैक्टर के असल कागजों को देखने की जहमत भी नहीं उठाते। इसी का फायदा उठाकर गिरोह के सदस्य ट्रैक्टर खपाते चले आ रहे थे।
पुलिस के निशाने पर बुंदेलखंड के गांव
पकड़े गए अभियुक्तों ने कुछ लोगों के नाम बताए हैं, जिन्होेंने उनसे ट्रैक्टर खरीदे हैं। इनमें से ज्यादातर लोग मथुरा के ही है। लेकिन, इतनी बड़ी संख्या में झांसी से ट्रैैक्टर बरामद होने से पुलिस सक्रिय हो गई है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस गिरोह के सदस्यों ने बुंदेलखंड के गांवों में भी अपना जाल फैला रखा है। यहां भी कई लोगों को ट्रैक्टर बेचे गए हैं। पुलिस इसका पता लगाने में जुट गई है। पुलिस ने बुंदेलखंड के गांवों में अपना जाल फैला दिया है। आने वाले दिनों में कुछ और लोगों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है।