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नौनिहाल खेलते-कूदते रहते हैं और शराबी झूमते
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झांसी। मंदिर और मस्जिद के बगल में शहर के कई इलाकों में शराब की दुकानें खुली हुई हैं। कई दुकानें तो इतनी घनी आबादी में हैं कि ठेकों के पास ही नौनिहाल खेलते-कूदते रहते हैं और शराबी झूमते। लोगों को बच्चों के बिगड़ जाने का डर सताता रहता है। आए दिन विवाद होते रहते हैं। आम जन का कहना है कि कोई आवाज उठाता है, तो उसे दबा दिया जाता है। उनकी सुनवाई करने वाला कोई नहीं है। इसलिए चुप ही रहते हैं।
कानून के जानकारों का कहना है कि शिक्षण संस्थान और धर्मस्थलों से कम से कम 50 मीटर की दूरी पर शराब, बियर की दुकान नहीं होनी चाहिए। मगर शहर के कई ऐसे इलाके हैं, जहां पर इस नियम का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। खुशीपुरा में ही देशी शराब के ठेके से कुछ दूरी पर मस्जिद है, तो लक्ष्मीगेट अंदर शराब के ठेके से चंद कदम दूर मुरली मनोहर मंदिर है।
शराब के ठेकों के पास ही अंडे, मछली की दुकानें लगी रहती हैं। इससे श्रद्धालुओं से लेकर राहगीरों तक को परेशानी होती है। आम जन डर के मारे, इसके खिलाफ आवाज नहीं उठाते। कुछ लोग हिम्मत करते भी हैं, तो उनकी आवाज को दबा दिया जाता है। बातचीत में लोगों ने भी कहा कि जब सुनवाई ही नहीं होती है तो आवाज उठाकर वह व्यक्तिगत दुश्मनी क्यों लें।
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मस्जिद के पास शराब की दुकान खुलने का विरोध किया था मगर कुछ भी नहीं हुआ। यहां पर दुकान नहीं होनी चाहिए। घनी आबादी होने की वजह से बच्चों भी खेलते-कूदते रहते हैं। वहीं, शराब की दुकान खुली होने से बच्चों पर गलत असर पड़ता है। - मो. सलीम, खुशीपुरा।
दो साल से मस्जिद के पास शराब की दुकान खुली है। कुछ ही दूरी पर मंदिर भी है। घनी आबादी के बीचों बीच शराब की दुकान खुली होने से कभी-कभी यहां अराजकता का माहौल हो जाता है। इस पर आपत्ति भी दर्ज करा चुका हूं। - संजीव यादव, खुशीपुरा।
रोजाना लक्ष्मीगेट अंदर से गुजरना होता है। बीच में घनी आबादी में शराब का ठेका होना अच्छा नहीं लगता। जबकि, चंद कदम दूर मंदिर भी है। यहां से बच्चों को लेकर गुजरना भी अच्छा नहीं लगता है। इसे हटाया जाना चाहिए। - किरण, लक्ष्मीगेट अंदर।
शराब के ठेके के ठीक बगल में मंदिर है। यहां अक्सर विवाद होता रहता है। ठेके के बगल में ही राम जानकी मंदिर है। कौन हटाने के लिए आवाज उठाए? जो उठाएगा, उसे खुद लेने के देने पड़ जाएंगे। इसलिए चुप ही रहते हैं। - जगदीश, लक्ष्मीगेट।
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कानून के जानकारों का कहना है कि शिक्षण संस्थान और धर्मस्थलों से कम से कम 50 मीटर की दूरी पर शराब, बियर की दुकान नहीं होनी चाहिए। मगर शहर के कई ऐसे इलाके हैं, जहां पर इस नियम का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। खुशीपुरा में ही देशी शराब के ठेके से कुछ दूरी पर मस्जिद है, तो लक्ष्मीगेट अंदर शराब के ठेके से चंद कदम दूर मुरली मनोहर मंदिर है।
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शराब के ठेकों के पास ही अंडे, मछली की दुकानें लगी रहती हैं। इससे श्रद्धालुओं से लेकर राहगीरों तक को परेशानी होती है। आम जन डर के मारे, इसके खिलाफ आवाज नहीं उठाते। कुछ लोग हिम्मत करते भी हैं, तो उनकी आवाज को दबा दिया जाता है। बातचीत में लोगों ने भी कहा कि जब सुनवाई ही नहीं होती है तो आवाज उठाकर वह व्यक्तिगत दुश्मनी क्यों लें।
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मस्जिद के पास शराब की दुकान खुलने का विरोध किया था मगर कुछ भी नहीं हुआ। यहां पर दुकान नहीं होनी चाहिए। घनी आबादी होने की वजह से बच्चों भी खेलते-कूदते रहते हैं। वहीं, शराब की दुकान खुली होने से बच्चों पर गलत असर पड़ता है। - मो. सलीम, खुशीपुरा।
दो साल से मस्जिद के पास शराब की दुकान खुली है। कुछ ही दूरी पर मंदिर भी है। घनी आबादी के बीचों बीच शराब की दुकान खुली होने से कभी-कभी यहां अराजकता का माहौल हो जाता है। इस पर आपत्ति भी दर्ज करा चुका हूं। - संजीव यादव, खुशीपुरा।
रोजाना लक्ष्मीगेट अंदर से गुजरना होता है। बीच में घनी आबादी में शराब का ठेका होना अच्छा नहीं लगता। जबकि, चंद कदम दूर मंदिर भी है। यहां से बच्चों को लेकर गुजरना भी अच्छा नहीं लगता है। इसे हटाया जाना चाहिए। - किरण, लक्ष्मीगेट अंदर।
शराब के ठेके के ठीक बगल में मंदिर है। यहां अक्सर विवाद होता रहता है। ठेके के बगल में ही राम जानकी मंदिर है। कौन हटाने के लिए आवाज उठाए? जो उठाएगा, उसे खुद लेने के देने पड़ जाएंगे। इसलिए चुप ही रहते हैं। - जगदीश, लक्ष्मीगेट।