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डिलीवरी के कुछ देर बाद ही दम तोड़ने वाली नवजात के सिर में पाई गई चोट
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medical college
- फोटो : demo
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में बीते सोमवार देर रात डिलीवरी के कुछ देर बाद ही दम तोड़ने वाली नवजात की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फ्रेक्चर की पुष्टि हो गई है। ऐसे में कई तरह के सवाल खड़े होने लगे हैं। बड़ा सवाल ये है कि क्या वाकई प्रसव के दौरान डॉक्टरों ने लापरवाही बरती। मौत के बाद परिजनों ने भी इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था, जिसको कॉलेज प्रशासन ने सिरे से नकार दिया था।
गुरसराय के भस्नेह निवासी मनोज अहिरवार ने अपनी गर्भवती पत्नी को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। सोमवार देर रात उनकी पत्नी की नॉर्मल डिलीवरी के बाद बेटी का जन्म हुआ। प्रसव के थोड़े समय बाद नवजात ने दम तोड़ दिया। नवजात के पिता का आरोप था कि बच्ची के सिर पर चोट के निशान हैं। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए उन्होंने संदेह जताया था कि बेटी के जमीन पर गिरने की वजह से चोट लगी है। हालांकि, कॉलेज प्रशासन ने सभी तरह के आरोप खारिज कर दिए थे। मामले ने तूल पकड़ा तो नवजात का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के सिर के पिछले हिस्से में फ्रेक्चर की पुष्टि हो गई है। इसने मामले को नया मोड़ दे दिया है। डॉक्टरों पर कई तरह के सवाल खड़े होने लगे हैं। बड़ा सवाल ये है कि क्या वाकई प्रसव के दौरान लापरवाही बरती गई। सूत्रों ने बताया कि बच्ची फंसी हुई थी। उसको निकालने के लिए फॉरशिप से उसे खींचा गया। इसी दौरान फॉरशिप उसके सिर में लगने से फ्रेक्चर हो गया। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरीशचंद्र आर्या ने बताया कि नवजात की मौत की सूचना पर वह मौके पर पहुंचे थे। तब बच्ची के सिर पर कोई भी बाहरी चोट नहीं थी। मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन किया जा रहा है। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में कुछ कहा जा सकेगा।
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गुरसराय के भस्नेह निवासी मनोज अहिरवार ने अपनी गर्भवती पत्नी को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। सोमवार देर रात उनकी पत्नी की नॉर्मल डिलीवरी के बाद बेटी का जन्म हुआ। प्रसव के थोड़े समय बाद नवजात ने दम तोड़ दिया। नवजात के पिता का आरोप था कि बच्ची के सिर पर चोट के निशान हैं। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए उन्होंने संदेह जताया था कि बेटी के जमीन पर गिरने की वजह से चोट लगी है। हालांकि, कॉलेज प्रशासन ने सभी तरह के आरोप खारिज कर दिए थे। मामले ने तूल पकड़ा तो नवजात का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के सिर के पिछले हिस्से में फ्रेक्चर की पुष्टि हो गई है। इसने मामले को नया मोड़ दे दिया है। डॉक्टरों पर कई तरह के सवाल खड़े होने लगे हैं। बड़ा सवाल ये है कि क्या वाकई प्रसव के दौरान लापरवाही बरती गई। सूत्रों ने बताया कि बच्ची फंसी हुई थी। उसको निकालने के लिए फॉरशिप से उसे खींचा गया। इसी दौरान फॉरशिप उसके सिर में लगने से फ्रेक्चर हो गया। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरीशचंद्र आर्या ने बताया कि नवजात की मौत की सूचना पर वह मौके पर पहुंचे थे। तब बच्ची के सिर पर कोई भी बाहरी चोट नहीं थी। मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन किया जा रहा है। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में कुछ कहा जा सकेगा।
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