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Jhansi News: या हुसैन की सदाओं के बीच निकला चेहल्लुम का जुलूस
Wed, 05 Aug 2026 02:21 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Wed, 05 Aug 2026 02:21 AM IST
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झांसी। चेहल्लुम का जुलूस मंगलवार को शांति एवं सादगी पूर्ण तरीके से निकला। या हुसैन की सदाओं के बीच ताजिये कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किए गए। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
महानगर में गंदीगर टपरा से जुलूस आरंभ होकर सराफा बाजार, मानिक चौक, सिटी पोस्ट ऑफिस, सिंधी तिराहा होते हुए रानी महल पहुंचा। इस दौरान लोगों ने मातम किया। चेहल्लुम पर निकले ताजिया जुलूस में मातम करते हुए हजारों लोग साथ चल रहे थे। शाम को इशा की नमाज के बाद सभी इमारतें पुन: एकत्रित हुईं। इन्हें गंदीगर टपरा पर दोबारा मिसिल बद्ध किया गया। जुलूस सराफा बाजार, बजाजा बाजार, मालिनों का तिराहा, बड़ा बाजार के रास्ते आगे पहुंचा। यहां से बुर्राक अपने-अपने इमामबाड़ों को वापस हो गईं। जुलूस के दौरान फिजां में या हुसैन की सदाएं गूंजती रहीं। परंपरागत मार्गों से जुलूस निकाला गया। ताजिये लक्ष्मी तालाब स्थित करबला पर विसर्जित कर दिए गए। कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नूर अहमद मंसूरी, सिराजउद्दीन, सलीम, हनीफ खान, मंसूर अहमद मंसूरी व जुम्मन खां का सहयोग रहा। थाना प्रभारी अंजन कुमार सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौजूद रहे। जुलूस की व्यवस्था की देखरेख के लिए नगर मजिस्ट्रेट प्रमोद झा, सीओ सिटी रामवीर सिंह समेत व्यापारी मुकेश अग्रवाल, अतुल किलपन, राशिद बरकाती, तबरेज समेत तमाम गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।
अखाड़ों ने दिखाए करतब
जूलूस के साथ मौजूद इरफान खलीफा, कासिम उस्ताद के अखाड़ों ने करतब दिखाए। दूसरी ओर मो. हुसैन, हबीब खान, अब्दुल हमीद, जुम्मन खान, सूफी मकबूल व बिसाती समाज की बुर्राक आभूषणों से सजी अपनी सुंदर छटा बिखेर रहीं थीं। ताजियों में बाबू पठान, अख्तर अली हाशमी, फैजान, मुन्ना, मामा, सराफत, सोहेल, अयान, इकबाल व नफीस आदि के ताजिए आकर्षण का केंद्र रहे।
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महानगर में गंदीगर टपरा से जुलूस आरंभ होकर सराफा बाजार, मानिक चौक, सिटी पोस्ट ऑफिस, सिंधी तिराहा होते हुए रानी महल पहुंचा। इस दौरान लोगों ने मातम किया। चेहल्लुम पर निकले ताजिया जुलूस में मातम करते हुए हजारों लोग साथ चल रहे थे। शाम को इशा की नमाज के बाद सभी इमारतें पुन: एकत्रित हुईं। इन्हें गंदीगर टपरा पर दोबारा मिसिल बद्ध किया गया। जुलूस सराफा बाजार, बजाजा बाजार, मालिनों का तिराहा, बड़ा बाजार के रास्ते आगे पहुंचा। यहां से बुर्राक अपने-अपने इमामबाड़ों को वापस हो गईं। जुलूस के दौरान फिजां में या हुसैन की सदाएं गूंजती रहीं। परंपरागत मार्गों से जुलूस निकाला गया। ताजिये लक्ष्मी तालाब स्थित करबला पर विसर्जित कर दिए गए। कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नूर अहमद मंसूरी, सिराजउद्दीन, सलीम, हनीफ खान, मंसूर अहमद मंसूरी व जुम्मन खां का सहयोग रहा। थाना प्रभारी अंजन कुमार सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौजूद रहे। जुलूस की व्यवस्था की देखरेख के लिए नगर मजिस्ट्रेट प्रमोद झा, सीओ सिटी रामवीर सिंह समेत व्यापारी मुकेश अग्रवाल, अतुल किलपन, राशिद बरकाती, तबरेज समेत तमाम गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।
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अखाड़ों ने दिखाए करतब
जूलूस के साथ मौजूद इरफान खलीफा, कासिम उस्ताद के अखाड़ों ने करतब दिखाए। दूसरी ओर मो. हुसैन, हबीब खान, अब्दुल हमीद, जुम्मन खान, सूफी मकबूल व बिसाती समाज की बुर्राक आभूषणों से सजी अपनी सुंदर छटा बिखेर रहीं थीं। ताजियों में बाबू पठान, अख्तर अली हाशमी, फैजान, मुन्ना, मामा, सराफत, सोहेल, अयान, इकबाल व नफीस आदि के ताजिए आकर्षण का केंद्र रहे।
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